कैसा होगा तृतीय विश्व युद्ध?
Akhand Gyan - Hindi|April 2021
विश्व इतिहास के पन्नों में दो ऐसे युद्ध दर्ज किए जा चुके हैं, जिनके बारे में सोचकर आज भी मानवता काँप उठती है। पहला था, सन् 1914 में शुरु हुआ प्रथम विश्व युद्ध। कई मिलियन शवों पर खड़े होकर इस विश्व युद्ध ने पूरे संसार में भयंकर तबाही मचाई थी। चार वर्षों तक चले इस मौत के तांडव को आगामी सब युद्धों को खत्म कर देने वाला युद्ध माना गया था।

किन्तु त्रासदी यह रही कि यही युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) का कारण बन गया। और आप जानते ही हैं, द्वितीय विश्व युद्ध तो पहले से भी कई गुना विकराल रहा। प्रथम विश्व युद्ध जल-थल-आकाश तीनों आयामों पर लड़ा गया था। किन्तु द्वितीय विश्व युद्ध में इनके साथ परमाणु बम ने भी हाथ मिला लिया। हिरोशिमा-नागासकी पर गिराए गए दो परमाणु बमों ने पूरे विश्व को दहला कर रख दिया था। मानवता त्राहि-त्राहि कर उठी थी। इस संत्रास से सिहरकर युद्ध को विराम दे दिया गया था।

पर सोचिए, क्या वह सच पूर्णविराम था या अर्धविराम? अर्धविराम इसलिए ताकि अन्य देश भी मौत का यह हथियार बना सकें! कौन झुठला सकता है इस सत्य को कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हर देश में परमाणु बम बनाने की होड़ सी लग गई। आज सभी देशों के अन्न भंडार भरे हों या न हों, लेकिन परमाणु बमों से गोदाम भरे हुए हैं।

इन्हीं हालातों को देखते हुए गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी कहते हैं'आज मानवता बारूद के ऐसे ढेर पर बैठी हुई है, जिसमें कभी भी विस्फोट हो सकता है। यह तो परम चैतन्य शक्ति है, जिसने इंसान की बुद्धि को उलटने से रोक रखा है। यह परम सत्ता की दया ही है, जिसने इस बारूद को अभी तक फटने नहीं दिया है।'

किन्तु मानव की दानव बन चुकी बुद्धि भी हार मानने वाली कहाँ है? वह तो युद्ध के नित नए तरीके खोजने में लगी है। विशेषज्ञों की मानें, तो संभावी तृतीय विश्व युद्ध कई प्रकार से लड़ा जा सकता है। इनमें से एक तरीका हैसाइबर विश्व युद्ध। आइए, जानते हैं यह युद्ध हुआ तो कैसा होगा!

क्या तृतीय विश्व युद्ध साइबर युद्ध होगा?

इंटरनेट के द्वारा व्यक्तिगत, सामाजिक व राष्ट्रीय व्यवस्थाओं से अवैध छेडछाड़यही होता है साइबर क्राइम। भला इंटरनेट को बंद करके या खराब करके या इंटरनेट से डाटा चुराकर...

कोई लड़ाई कैसे लड़ी जा सकती है? इससे तृतीय विश्व युद्ध जैसे घातक परिणाम पूरे संसार में कैसे आ सकते हैं? इस साइबर युद्ध की एक झलक हमें सन् 2007 में आई एक अंग्रेजी फिल्म 'Die Hard 4' में देखने को मिलती है। चलिए, आपको भी इसके कुछ दृश्यों से परिचित करवाते हैं।

तकनीकी विशेषज्ञों का एक गिरोह अमेरिका के साइबर सिस्टम को हाइजैक कर लेता है। फिर यह गिरोह तीन चरणों में अमेरिका को तबाह करता है। ये तीन चरण हैं-

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कैसा होगा तृतीय विश्व युद्ध?

विश्व इतिहास के पन्नों में दो ऐसे युद्ध दर्ज किए जा चुके हैं, जिनके बारे में सोचकर आज भी मानवता काँप उठती है। पहला था, सन् 1914 में शुरु हुआ प्रथम विश्व युद्ध। कई मिलियन शवों पर खड़े होकर इस विश्व युद्ध ने पूरे संसार में भयंकर तबाही मचाई थी। चार वर्षों तक चले इस मौत के तांडव को आगामी सब युद्धों को खत्म कर देने वाला युद्ध माना गया था।

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