करनी नहीं, कथनी!
Akhand Gyan - Hindi|November 2020
समाधान प्रदाता-गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी

प्रश्न- एक व्यक्ति का कहना है कि उसके स्वप्न में भगवान श्री कृष्ण आए और उसे राधा होने का वरदान दिया। बस, तभी से वह एक स्त्री की तरह साजो-शृंगार करता है और श्री कृष्ण की विरह में गीत गाता है। इस कारण कुछ राधा-कृष्ण भक्त तो उसके आगे श्रद्धा से शीश झुकाने लगे हैं, पर वहीं डॉक्टर इसे मनोरोग बता रहे हैं। अध्यात्म का इस विषय में क्या कहना है? कृपया मार्गदर्शन करें।

उत्तर- स्वप्न तो स्वप्न ही होता है, यथार्थ नहीं। यदि एक भिखारी स्वप्न में देखे कि वह एक राज्य का राजा है, उसके पास आलीशान महल है, सैकड़ों नौकर-चाकर, दास-दासियाँ हैं, भोग-ऐश्वर्य का हर साधन उपलब्ध है, तो क्या इस स्वप्न का उसकी असल ज़िन्दगी पर भी कोई प्रभाव होगा? क्या सपना टूटने पर वह सम्राटों सा व्यवहार करेगा? यदि वह ऐसा करता है, तो आप उसे पागल नहीं तो और क्या कहेंगे? स्वप्न को हकीकत समझना मूर्खता नहीं, तो और क्या है?

पर यहाँ एक बात ध्यान देने योग्य है। अक्सर जो लोग श्रीराधा, श्रीकृष्ण, पवनपुत्र हनुमान या श्री गुरु गोबिंद सिंह जी आदि की वेशभूषा धारण कर उनके अवतार या परम अनुयायी होने का दावा करते हैं, वे मूर्ख नहीं बल्कि कुछ ज़्यादा ही सयाने अर्थात् चतुर होते हैं। ये धूर्त लोग अपने अभिनय के कौशल पर भोली जनता की श्रद्धा को ठगते हैं। अभिनय इतनी निपुणता से करते हैं कि साधारण लोग इनके झांसे में आ फंसते हैं। आपने नाम सुना होगाचार्ली चैपलिन (Charlie Chaplin) का। वह एक सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार था। एक बार विदेश में एक प्रतियोगिता रखी गई। प्रतियोगियों को चार्ली चैपलिन होने का अभिनय करना था। जो हूबहू चार्ली चेपलिन का सा व्यवहार करेगा, वही विजेता घोषित होगा। अब इस प्रतियोगिता में स्वयं चार्ली चेपलिन ने भी गोपनीय ढंग से भाग लिया। परन्तु आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि जब परिणाम घोषित किए गए, तो असली चार्ली चेपलिन तृतीय स्थान पर रहा। प्रथम और द्वितीय स्थान नकली चार्ली चैपलिन ले गए। याने नकल इतनी बखूबी से की गई कि असल भी पीछे रह गया।

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM AKHAND GYAN - HINDIView All

एका बना वैष्णव वीर!

आपने पिछले प्रकाशित अंक (मार्च 2020) में पढ़ा था, एका शयन कक्ष में अपने गुरुदेव जनार्दन स्वामी की चरण-सेवा कर रहा था। सद्गुरु स्वामी योगनिद्रा में प्रवेश कर समाधिस्थ हो गए थे। इतने में, सेवारत एका को उस कक्ष के भीतर अलौकिक दृश्य दिखाई देने लगे। श्री कृष्ण की द्वापरकालीन अद्भुत लीलाएँ उसे अनुभूति रूप में प्रत्यक्ष होती गईं। इन दिव्यानुभूतियों के प्रभाव से एका को आभास हुआ जैसे कि एक महामानव उसकी देह में प्रवेश कर गया हो। तभी एक दरोगा कक्ष के द्वार पर आया और हाँफते-हाँफते उसने सूचना दी कि 'शत्रु सेना ने देवगढ़ पर चढ़ाई कर दी है। अतः हमारी सेना मुख्य फाटक पर जनार्दन स्वामी के नेतृत्व की प्रतीक्षा में है।' एका ने सद्गुरु स्वामी की समाधिस्थ स्थिति में विघ्न डालना उचित नहीं समझा और स्वयं उनकी युद्ध की पोशाक धारण करके मुख्य फाटक पर पहुँच गया। अब आगे...

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
April 2021

'सुख' 'धन' से ज्यादा महंगा!

हेनरी फोर्ड हर पड़ाव पर सुख को तलाशते रहे। कभी अमीरी में, कभी गरीबी में, कभी भोजन में, कभी नींद में कभी मित्रता में! पर यह 'सुख' उनके जीवन से नदारद ही रहा।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
April 2021

कैसा होगा तृतीय विश्व युद्ध?

विश्व इतिहास के पन्नों में दो ऐसे युद्ध दर्ज किए जा चुके हैं, जिनके बारे में सोचकर आज भी मानवता काँप उठती है। पहला था, सन् 1914 में शुरु हुआ प्रथम विश्व युद्ध। कई मिलियन शवों पर खड़े होकर इस विश्व युद्ध ने पूरे संसार में भयंकर तबाही मचाई थी। चार वर्षों तक चले इस मौत के तांडव को आगामी सब युद्धों को खत्म कर देने वाला युद्ध माना गया था।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
April 2021

अपने संग चला लो, हे प्रभु!

जलतरंग- शताब्दियों पूर्व भारत में ही विकसित हुआ था यह वाद्य यंत्र। संगीत जगत का अनुपम यंत्र! विश्व के प्राचीनतम वाद्य यंत्रों में से एक। भारतीय शास्त्रीय संगीत में आज भी इसका विशेष स्थान है। इतने आधुनिक और परिष्कृत यंत्र बनने के बावजूद भी जब कभी जलतरंग से मधुर व अनूठे सुर या राग छेड़े जाते हैं, तो गज़ब का समाँ बँध जाता है। सुनने वालों के हृदय तरंगमय हो उठते हैं।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
April 2021

चित्रकला में भगवान नीले रंग के क्यों?

अपनी साधना को इतना प्रबल करें कि अत्यंत गहरे नील वर्ण के सहस्रार चक्र तक पहुँचकर ईश्वर को पूर्ण रूप से प्राप्त कर लें।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
April 2021

ठक! ठक! ठक! क्या ईश्वर है?

यदि तुम नास्तिकों के सामने ईश्वर प्रत्यक्ष भी हो जाए, तुम्हें दिखाई भी दे, सुनाई मी, तुम उसे महसूस भी कर सको, अन्य लोग उसके होने की गवाही भी दें, तो भी तुम उसे नहीं मानोगे। एक भ्रम, छलावा, धोखा कहकर नकार दोगे। फिर तुमने ईश्वर को मानने का कौन-सा पैमाना तय किया है?

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
March 2021

आइए, शपथ लें..!

एक शिष्य के जीवन में भी सबसे अधिक महत्त्व मात्र एक ही पहलू का हैवह हर साँस में गुरु की ओर उन्मुख हो। भूल से भी बागियों की ओर रुख करके गुरु से बेमुख न हो जाए। क्याकि गुरु से बेमुख होने का अर्थ है-शिष्यत्व का दागदार हो जाना! शिष्यत्व की हार हो जाना!

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
March 2021

अंतिम इच्छा

भारत की धरा को समय-समय पर महापुरुषों, ऋषि-मुनियों व सद्गुरुओं के पावन चरणों की रज मिली है। आइए, आज उन्हीं में से एक महान तपस्वी महर्षि दधीची के त्यागमय, भक्तिमय और कल्याणकारी चरित्र को जानें।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
March 2021

भगवान महावीर की मानव-निर्माण कला!

मूर्तिकार ही अनगढ़ पत्थर को तराशकर उसमें से प्रतिमा को प्रकट कर सकता है। ठीक ऐसे ही, हर मनुष्य में प्रकाश स्वरूप परमात्मा विद्यमान है। पर उसे प्रकट करने के लिए परम कलाकार की आवश्यकता होती है। हर युग में इस कला को पूर्णता दी है, तत्समय के सद्गुरुओं ने!

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
March 2021

ठंडी बयार

सर्दियों में भले ही आप थोड़े सुस्त हो गए हों, परन्तु हम आपके लिए रेपिड फायर (जल्दी-जल्दी पूछे जाने वाले) प्रश्न लेकर आए हैं। तो तैयार हो जाइए, निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए। उत्तर 'हाँ' या 'न' में दें।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
February 2021
RELATED STORIES

HUGH: FAME Almost Killed Me

AFTER BECOMING A SUPERSTAR IN THE ’90S, HUGH GRANT WENT ON A HARD-PARTYING, SELF-DESTRUCTIVE SPIRAL THAT LASTED DECADES.

2 mins read
Star
December 21, 2020

THE BREWHOOD REVOLUTION'S FIRST TEST

The craft brewery explosion has reshaped urban neighborhoods. Can it survive this?

4 mins read
Charlotte Magazine
June 2020

सत्शिष्य के लक्षण

परम शांत अवस्था से बढ़कर व शांति के अनुभव से बढ़कर और कोई जगत में श्रेष्ठ अनुभव नहीं माना गया।

1 min read
vishvaguru ojaswi
July 2021

स्वामी श्री लीलाशाहजी जीवन दर्शन

साधु-संग मनुष्य जीवन को कुंदन (सोना) बनानेवाला है।

1 min read
vishvaguru ojaswi
July 2021

आशारामजी बापू के साथ अन्याय कब तक ? संत-समाज

महान आत्मा तो वे हैं जो महान परमात्मा में ही शांत व आनंदित रहते हैं, परितृप्त रहते हैं।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
July 2021

1 से 21 मुखी रुद्राक्षः परिचय और लाभ

रुद्राक्ष विशेषांक

1 min read
Jyotish Sagar
July 2021

पूज्य गुरुदेव के प्रवचन- आत्मा से परमात्मा तक

इस प्रवचन में पढ़िए... • आत्माभिमुख कैसे हों? • भूतकाल के विचारों से छुटकारा कैसे पाएँ ? • सद्गुरु रूपी 'शिव' को भूतकाल का जहर समर्पित करना चाहिए। • मोक्ष की स्थिति इसी जीवन काल में प्राप्त की जा सकती है। • जीवंत माध्यम कैसा हो? • आश्रम, हजारों, लाखों आत्माओं का स्थाईत्व बनेगा। • सारे मनुष्यों तक प्रेम पहुँचाएँ कैसे? • परमात्मा की प्राप्ति के लिए आवश्यक है आप आत्मा बनें।

1 min read
Madhuchaitanya Hindi
July - August 2021

आत्मबल कैसे जगायें ?

पृथ्वी का राज्य मिल जाय लेकिन आत्मराज्य का पता नहीं मिलता है तो उस राज्य को लात मारो।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
June 2021

सत्संग परम औषध है

जब तक जीवन में सत्संग नहीं मिला तब तक मिथ्या का संग होगा।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
June 2021

योग एक मार्ग अनेक

परमात्मा हो या परमशांति या फिर गणित का कोई भी छोटा सा सवाल। इन तक पहुंचने के या सवाल को हल करने के भले कई मार्ग व माध्यम होते हैं परंतु इनका उत्तर एक ही होता है ऐसे ही योग की भी विभिन्न शारवाएं हैं, विभिन्न आसन और अवस्थाएं हैं परंतु सबकी मंजिल, सबकि उपलब्धि एक ही है।

1 min read
Sadhana Path
June 2021