Try GOLD - Free
राजेश खन्ना आज के अभिनेताओं से अलग संदेश देने वाला सुपरस्टार
Sarita
|April First 2025
बाबू मोशाय समाज नफरत से नहीं मोहब्बत से बनता है
राजेश खन्ना, जिन्हें भारतीय सिनेमा का पहला सुपरस्टार माना जाता है, ने अपनी रोमांटिक अदाओं, मंत्रमुग्ध कर देने वाले अभिनय और यादगार संवादों के जरिए दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी. उन का कैरियर न केवल फिल्मी परदे पर बल्कि भारतीय समाज और संस्कृति पर भी गहरा प्रभाव डालने वाला रहा. उन की फिल्मों ने न केवल बौक्स औफिस पर धमाल मचाया बल्कि उन्होंने अपनी एक ऐसी छवि गढ़ी जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है.
सदियों से राजा बड़ी सावधानी से अपने दूतों को चुनते थे जो दूसरे राज्य के संदेश दे सकें. संदेश की तरह संदेशवाहक भी हमेशा महत्त्व का रहा है और उस का व्यक्तित्व, उस की वाक्पटुता, उस की चालढाल संदेश के महत्त्व को घटाती व बढ़ाती रही है. धर्मों ने तो संदेशवाहकों को देवता बना डाला और संदेश को भूल कर संदेशवाहक को पूजने लगे हालांकि धर्मों के मामले में संदेशवाहक असल में खुद संदेश गढ़ते रहे हैं क्योंकि यह सोचना कि किसी अदृश्य शक्ति ने उन्हें संदेश दे कर भेजा है, अपनेआप में बेवकूफी है लेकिन चारपांच हजार वर्षों से मानवता उस की शिकार संदेशवाहकों की मृत्यु के रही है. बाद भी संदेशवाहकों के एजेंट उन के बुत बना कर या संदेशवाहक के बनावटी संदेश को ले कर धर्म का अपना धंधा सफलता से चलाते रहे हैं.
फिल्मों में अभिनेता सिर्फ संदेशवाहक होता है क्योंकि संदेश तो कहानी लेखक, पटकथा लेखक, निर्माता, निर्देशक द्वारा सम्मिलित बनाया होता है. अभिनेता राजेश खन्ना ने अपनी फिल्मों में एक नायाब संदेशवाहक का काम किया. आज एक के बाद एक संदेशवाहक तोड़मरोड़ कर, विभाजनकारी, अंधविश्वासी संदेश लगातार अपने व्यक्तित्व के सहारे परोस रहे हैं, ऐसे में राजेश खन्ना की जैसी फिल्मों की जरूरत महसूस की जा रही है. उन की फिल्में समाज में सामाजिकता और पारिवारिकता का जो संदेश पहुंचा रही थीं उस का श्रेय उन फिल्मों की कहानी के लेखकों को जितना जाता है उस से ज्यादा तब के सुपरस्टार राजेश खन्ना को ज्यादा जाता है.
राजेश खन्ना की फिल्मों में मारधाड़ न होना, एंग्रीयंग मैन की छवि का न उकेरना, जेम्स बौंड की नकल न करना, केवल सफलअसफल प्रेम की कहानी दे कर मनोरंजन न करना एक खास विशेषता है जो आज के अभिनेताओं से उन की पहचान को अलग करती है.
This story is from the April First 2025 edition of Sarita.
Subscribe to Magzter GOLD to access thousands of curated premium stories, and 10,000+ magazines and newspapers.
Already a subscriber? Sign In
MORE STORIES FROM Sarita
Sarita
शराब के धंधे में फिल्मों कै धुरंधर
आज का बौलीवुड केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक बड़ा व्यापार बन चुका है, जहां कलाकारों की प्राथमिकता समाज नहीं, बल्कि मुनाफा बन गई है.
9 mins
April Second 2026
Sarita
जिंदा लाश
कभी कुछ पल भी नहीं बीतते कि इंसान की जिंदगी क्या से क्या हो जाती है. पल में उजड़ गई थी राजीव की गृहस्थी. वह खुद एक जिंदा लाश बन गया था और बच्चों की सूनी आंखें कई प्रश्नों के जवाब मांग रही थीं.
11 mins
April Second 2026
Sarita
टिप और किराया
नैनीताल की खूबसूरती, मोहक वादियों ने जहां मेरा मन मोह लिया था, वहीं वाहिद की खुद्दारी ने मेरे जेहन में अमिट छाप छोड़ दी थी. कौन था यह वाहिद?
13 mins
April Second 2026
Sarita
कफ़न चोर
जब भरोसा टूटता है तो इंसान टूट कर रह जाता है. डाक्टर्स पर भरोसा कर के रंजना का इलाज शुरू करवा दिया था श्याम ने. लेकिन क्या पता था उन्हें कि वे रंजना को जल्लादों के हाथों में सौंप रहे हैं.
18 mins
April Second 2026
Sarita
एक प्रश्न लगातार
अपने बच्चे को अपना न कहने का दुख एक मां के लिए कितना कष्टदायी होता है, रोहिणी अच्छी तरह समझती थी लेकिन कभीकभी सच को छिपाए रखना सब के हित में होता है, यह भी रोहिणी जानती थी.
11 mins
April Second 2026
Sarita
सोशल मीडिया पर पोस्ट ‘कर’
कभीकभी लगता था कि इस भीड़ भरी दुनिया में हम पूरी तरह अदृश्य हैं. न कोई पूछता, न कोई झांकता. लेकिन जैसे ही सरकारी नजर पड़ी, दिल गदगद हो गया. आखिर किसी ने तो हमारी अहमियत समझी. अब तो इंतजार है उस दिन का जब हमारी सादगी भी फाइलों में दर्ज हो कर विशेष बन जाएगी.
3 mins
April Second 2026
Sarita
कानूनी पचड़ों से बच कर प्लान करें बुढ़ापा
देश के संविधान ने बुजुर्गों के अधिकार और भरणपोषण को ले कर कई कानून बनाए हैं. बुजुर्गों की समस्या कानूनी पचड़ों में पड़ने से नहीं बल्कि युवाओं के साथ मेलजोल से सुलझाना ज्यादा बेहतर होता है.
8 mins
April Second 2026
Sarita
अकेली मुसलिम महिलाओं का मौन संघर्ष
पुरानी दिल्ली में चितली कब्र की संकरी गलियों में से एक गली के आखिरी छोर पर वह आधी किवाड़ लगी अंधेरी व सीलनभरी सीढ़ियों का रास्ता है जो पहली मंजिल पर रह रही रेशमा अंसारी तक ले जाता है.
9 mins
April Second 2026
Sarita
युवाओं को भा रहीं बड़ी उम्र की महिलाएं
लड़कियां कैरियर बनाने के चक्कर में देरी से शादी कर रही हैं. इस वजह से 35-40 वर्ष की कुंआरी लड़कियों की तादाद बढ़ी है. वहीं, युवाओं का उम्र में बड़ी महिलाओं की ओर आकर्षण एक ट्रैंड बनता जा रहा है. यह ट्रैंड सिर्फ बौलीवुड या हौलीवुड की फिल्मों तक सीमित नहीं है बल्कि आम जीवन में भी देखा जा रहा है. सवाल यह है कि आखिर क्यों युवाओं को अपने से उम्र में बड़ी महिलाएं भा रही हैं?
7 mins
April Second 2026
Sarita
अकेली युवतियां
कानून बदले समाज नहीं जिम्मेदारियां बढ़ीं हक नहीं
17 mins
April Second 2026
Listen
Translate
Change font size

