Facebook Pixel बिहार में क्या गुल खिलाएगी कांग्रेस | Sarita - news - Read this story on Magzter.com
Go Unlimited with Magzter GOLD

Go Unlimited with Magzter GOLD

Get unlimited access to 10,000+ magazines, newspapers and Premium stories for just

$149.99
 
$74.99/Year

Try GOLD - Free

बिहार में क्या गुल खिलाएगी कांग्रेस

Sarita

|

April First 2025

बिहार के चुनाव पर देशभर की नजर लगी है. कांग्रेस लालू प्रसाद के साथ तालमेल करेगी या फिर उन के साथ केजरीवाल जैसा व्यवहार करेगी?

- शैलेंद्र सिंह

बिहार में क्या गुल खिलाएगी कांग्रेस

बिहार विधानसभा के लिए चुनाव होने वाले हैं. लोकसभा चुनाव 2029 के दृष्टिकोण से ये चुनाव देश की राजनीति को बदलने वाले साबित हो सकते हैं. सेहत और राजनीति दोनों हिसाब से नीतीश कुमार अपने सब से कमजोर दौर में हैं. कांग्रेस दिल्ली जैसा फैसला बिहार में लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है. पार्टी को मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने कर्नाटक के कृष्णा अल्लावुरु को बिहार कांग्रेस का प्रभारी बनाया है. दो दशक से बिहार कांग्रेस लालू प्रसाद यादव के अनुसार चली है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या कृष्णा अल्लावुरु लालू प्रसाद यादव के साथ तालमेल बैठा पाएंगे ?

बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव 2020 में हुए थे. उस में जदयू और भाजपा व अन्य दलों का गठबंधन था. वह गठबंधन 243 सीटों पर चुनाव लड़ा. उन में से जदयू 115 सीटों पर लड़ा और 43 सीटें जीतीं, भाजपा 110 पर लड़ी जिन में 74 जीतीं, वीआईपी और हम ने मिला कर 18 सीटों पर चुनाव लड़े और वे 8 सीटें जीते.

कुल 243 में से 128 सीटें जीत कर एनडीए ने सरकार बनाई. नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने. उसी चुनाव में कांग्रेस और राजद ने कुल 110 सीटें जीतीं. राजद 144 पर लड़ा और 75 सीटें जीता, कांग्रेस 70 पर लड़ी मगर 19 सीटें ही जीत सकी. राजद खेमे का कहना है कि अगर कांग्रेस बेहतर लड़ी होती तो नतीजे अलग होते. इस नजर से राजद और कांग्रेस के फैसले पर 2025 का विधानसभा चुनाव टिका है.

बिहार से पलटती है राजनीति

देश की राजनीति में उत्तर प्रदेश के बाद सब से प्रमुख चुनाव बिहार के होते हैं. उस से देश की राजनीति का अंदाजा लगाना स्वाभाविक हो जाता है. एक दौर में राजनीतिक और सामाजिक क्रांति बिहार से ही शुरू होती थी. कांग्रेस की सब से मजबूत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किला ध्वस्त करने का काम जेपी आंदोलन से ही हुआ था, जो बिहार से शुरू हुआ था. 1990 में बिहार ने एससी और ओबीसी की ताकत को एकजुट कर के सामंतशाही को उखाड़ फेंका था. इस के बाद ऊंची जातियों ने ओबीसी और एससी को अलगथलग कर के वापस अपनी सत्ता बना ली.

MORE STORIES FROM Sarita

Sarita

Sarita

शराब के धंधे में फिल्मों कै धुरंधर

आज का बौलीवुड केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक बड़ा व्यापार बन चुका है, जहां कलाकारों की प्राथमिकता समाज नहीं, बल्कि मुनाफा बन गई है.

time to read

9 mins

April Second 2026

Sarita

Sarita

जिंदा लाश

कभी कुछ पल भी नहीं बीतते कि इंसान की जिंदगी क्या से क्या हो जाती है. पल में उजड़ गई थी राजीव की गृहस्थी. वह खुद एक जिंदा लाश बन गया था और बच्चों की सूनी आंखें कई प्रश्नों के जवाब मांग रही थीं.

time to read

11 mins

April Second 2026

Sarita

Sarita

टिप और किराया

नैनीताल की खूबसूरती, मोहक वादियों ने जहां मेरा मन मोह लिया था, वहीं वाहिद की खुद्दारी ने मेरे जेहन में अमिट छाप छोड़ दी थी. कौन था यह वाहिद?

time to read

13 mins

April Second 2026

Sarita

Sarita

कफ़न चोर

जब भरोसा टूटता है तो इंसान टूट कर रह जाता है. डाक्टर्स पर भरोसा कर के रंजना का इलाज शुरू करवा दिया था श्याम ने. लेकिन क्या पता था उन्हें कि वे रंजना को जल्लादों के हाथों में सौंप रहे हैं.

time to read

18 mins

April Second 2026

Sarita

Sarita

एक प्रश्न लगातार

अपने बच्चे को अपना न कहने का दुख एक मां के लिए कितना कष्टदायी होता है, रोहिणी अच्छी तरह समझती थी लेकिन कभीकभी सच को छिपाए रखना सब के हित में होता है, यह भी रोहिणी जानती थी.

time to read

11 mins

April Second 2026

Sarita

Sarita

सोशल मीडिया पर पोस्ट ‘कर’

कभीकभी लगता था कि इस भीड़ भरी दुनिया में हम पूरी तरह अदृश्य हैं. न कोई पूछता, न कोई झांकता. लेकिन जैसे ही सरकारी नजर पड़ी, दिल गदगद हो गया. आखिर किसी ने तो हमारी अहमियत समझी. अब तो इंतजार है उस दिन का जब हमारी सादगी भी फाइलों में दर्ज हो कर विशेष बन जाएगी.

time to read

3 mins

April Second 2026

Sarita

Sarita

कानूनी पचड़ों से बच कर प्लान करें बुढ़ापा

देश के संविधान ने बुजुर्गों के अधिकार और भरणपोषण को ले कर कई कानून बनाए हैं. बुजुर्गों की समस्या कानूनी पचड़ों में पड़ने से नहीं बल्कि युवाओं के साथ मेलजोल से सुलझाना ज्यादा बेहतर होता है.

time to read

8 mins

April Second 2026

Sarita

Sarita

अकेली मुसलिम महिलाओं का मौन संघर्ष

पुरानी दिल्ली में चितली कब्र की संकरी गलियों में से एक गली के आखिरी छोर पर वह आधी किवाड़ लगी अंधेरी व सीलनभरी सीढ़ियों का रास्ता है जो पहली मंजिल पर रह रही रेशमा अंसारी तक ले जाता है.

time to read

9 mins

April Second 2026

Sarita

Sarita

युवाओं को भा रहीं बड़ी उम्र की महिलाएं

लड़कियां कैरियर बनाने के चक्कर में देरी से शादी कर रही हैं. इस वजह से 35-40 वर्ष की कुंआरी लड़कियों की तादाद बढ़ी है. वहीं, युवाओं का उम्र में बड़ी महिलाओं की ओर आकर्षण एक ट्रैंड बनता जा रहा है. यह ट्रैंड सिर्फ बौलीवुड या हौलीवुड की फिल्मों तक सीमित नहीं है बल्कि आम जीवन में भी देखा जा रहा है. सवाल यह है कि आखिर क्यों युवाओं को अपने से उम्र में बड़ी महिलाएं भा रही हैं?

time to read

7 mins

April Second 2026

Sarita

Sarita

अकेली युवतियां

कानून बदले समाज नहीं जिम्मेदारियां बढ़ीं हक नहीं

time to read

17 mins

April Second 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size