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Vivek Jyoti - May 2025

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Vivek Jyoti
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Vivek Jyoti Description:

भारत की सनातन वैदिक परम्परा, मध्यकालीन हिन्दू संस्कृति तथा श्रीरामकृष्ण-विवेकानन्द के सार्वजनीन उदार सन्देश का प्रचार-प्रसार करने के लिए स्वामी विवेकानन्द के जन्म-शताब्दी वर्ष १९६३ ई. से ‘विवेक-ज्योति’ पत्रिका को त्रैमासिक रूप में आरम्भ किया गया था, जो १९९९ से मासिक होकर गत 60 वर्षों से निरन्तर प्रज्वलित रहकर यह ‘ज्योति’ भारत के कोने-कोने में बिखरे अपने सहस्रों प्रेमियों का हृदय आलोकित करती रही है । विवेक-ज्योति में रामकृष्ण-विवेकानन्द-माँ सारदा के जीवन और उपदेश तथा अन्य धर्म और सम्प्रदाय के महापुरुषों के लेखों के अलावा बालवर्ग, युवावर्ग, शिक्षा, वेदान्त, धर्म, पुराण इत्यादि पर लेख प्रकाशित होते हैं ।

आज के संक्रमण-काल में, जब भोगवाद तथा कट्टरतावाद की आसुरी शक्तियाँ सुरसा के समान अपने मुख फैलाएँ पूरी विश्व-सभ्यता को निगल जाने के लिए आतुर हैं, इस ‘युगधर्म’ के प्रचार रूपी पुण्यकार्य में सहयोगी होकर इसे घर-घर पहुँचाने में क्या आप भी हमारा हाथ नहीं बँटायेंगे? आपसे हमारा हार्दिक अनुरोध है कि कम-से-कम पाँच नये सदस्यों को ‘विवेक-ज्योति’ परिवार में सम्मिलित कराने का संकल्प आप अवश्य लें ।

इस अंक में

1. बुद्धदेव ने कहा अपनी उन्नति अपने ही प्रयत्न से होगी : विवेकानन्द १९८ 2. भगवत्पाद शंकराचार्य का अवतार, कार्य और प्रासंगिकता (उत्कर्ष चौबे) २०१ 3. भगवान गौतम बुद्ध (स्वामी देवभावानन्द) २०५ 4. (बच्चों का आंगन) महारानी अहिल्या बाई (श्रीमती मिताली सिंह) २१२ 5. महान पत्थर का मुख (नथानियल हॉथोर्न) २१३ 6. (युवा प्रांगण) युवाओं के लिए प्रेरणादायक प्रसंग (स्वामी गुणदानन्द) २१६ 7. कृष्ण विरही मीरा के पद (डॉ. सावती) २१९ 8. स्वामी ब्रह्मानन्द और भुवनेश्वर (स्वामी तन्निष्ठानन्द) २२३ 9. होइहि सोइ जो राम रची राखा (राजकुमार गुप्ता) २२८

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