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ट्रंप 2.0: अमेरिकी रणनीति का नए सिरे से निर्धारण
Business Standard - Hindi
|December 20, 2025
अमेरिका की नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति वैश्विक नेतृत्व से पीछे हटने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका की निरंतरता का संकेत देती है। बता रहे हैं श्याम सरन
क ई सप्ताह पहले ऐसी खबर आई थी कि ट्रंप प्रशासन एक राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (एनएसएस) दस्तावेज पर काम कर रहा है जो राष्ट्रपति के रूप में उनके शेष कार्यकाल के दौरान विदेश नीति और रक्षा नीति को लेकर उनके इरादे दर्शाएगा। इसे जारी करने में कुछ देरी ही हुई क्योंकि दस्तावेज के प्रस्तावों पर विभिन्न समूहों ने आपत्ति जताई थी, जिनमें 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (मागा) समर्थक आधार, रिपब्लिकन पार्टी का पारंपरिक अभिजात वर्ग और विदेश नीति तथा सुरक्षा प्रतिष्ठान शामिल थे। ये अब भी प्रभावशाली हैं, यद्यपि इस प्रशासन के तहत उनका प्रभाव कम हो गया है।
मागा समर्थक वर्ग की वैचारिक छाप स्पष्ट नजर आती है। उदाहरण के लिए यूरोपीय सहयोगियों पर खुले हमलों में, जहां वर्तमान सरकारों को वैचारिक विरोधी के रूप में निशाना बनाया गया। यह लगभग उसी तरह है जैसे इस वर्ष फरवरी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यूरोप की मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों की सरकारों की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने उन पर आरोप लगाया कि वे जर्मनी की एएफडी जैसी दक्षिणपंथी राजनीतिक पार्टियों को दबाकर लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कमजोर कर रही हैं। कहा गया कि यूरोप की पूरी सभ्यता खतरे में है। खासतौर पर इसलिए कि उसने ट्रंप प्रशासन की आप्रवासन विरोधी नीतियों का पालन नहीं किया और इस कारण अपनी यूरोपीय पहचान खो सकता है।
अमेरिका के यूरोपीय साझेदारों पर भी यूक्रेन में शांति स्थापित करने के प्रयासों में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है, जबकि कहा जाता है कि यूरोप की जनता युद्ध समाप्त करने का समर्थन करती है।
एनएसएस अपने एक प्रमुख उद्देश्य के रूप में यूरोप और रूस के बीच 'रणनीतिक स्थिरता की पुनर्स्थापना' की आवश्यकता को रेखांकित करती है। आश्चर्य नहीं कि रूस ने एनएसएस का स्वागत किया है क्योंकि यह उसके हितों के अनुरूप नजर आती है।
Esta historia es de la edición December 20, 2025 de Business Standard - Hindi.
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