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पहली शादी से हुए बच्चों के रहते दूसरी शादी से बच्चे पैदा करना कितना सही
Sarita
|July Second 2025
पहली शादी के फ्लौप होने पर या जीवनसाथी की मृत्यु के बाद व्यक्ति अकेला हो जाता है. इस अकेलेपन को दूर करने के लिए दूसरी शादी करना बेहतर विकल्प हो सकता है पर सवाल यह है कि पहली शादी से हुए बच्चों के रहते दूसरी शादी से बच्चे पैदा करना कितना सही है?
निशांत की बीवी कोरोना के दौरान मर गई. पहली बीवी से निशांत की 6 और 7 साल की 2 बेटियां थीं. पत्नी की मौत के वक्त तो निशांत ने तय किया था कि वह कभी दूसरी शादी नहीं करेगा लेकिन पत्नी की मौत के 5 साल गुजर जाने के बाद निशांत को जीवनसाथी की कमी खलने लगी. निशांत की साली कुसुम के भी 2 बच्चे थे और वह पिछले 3 साल से तलाकशुदा थी. निशांत और कुसुम एकदूसरे के करीब आए और 2024 में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली.
निशांत और कुसुम के पहली शादी से दो-दो बच्चे थे. शादी के बाद दोनों के कुल मिला कर चार बच्चों की बड़ी फैमिली हो गई लेकिन चार बच्चों के इस परिवार में निशांत और कुसुम के अपने बच्चे की कमी खलने लगी. कुसुम के 2 बच्चों का बाप निशांत नहीं था तो निशांत के 2 बच्चों की मां कुसुम नहीं थी. दोनों का मन था कि दोनों का अपना भी एक बच्चा हो. लेकिन दोनों असमंजस की स्थिति में थे कि महंगाई के इस दौर में 5वें बच्चे को पैदा करना क्या सही फैसला होगा? क्या पहले के चारों बच्चों पर इस का बुरा असर नहीं पड़ेगा? क्या दोनों अपने सभी बच्चों के साथ न्याय कर पाएंगे?
निशांत और कुसुम के सवाल वाजिब हैं. पुराने दौर की बात अलग थी. परिवार बड़े हुआ करते थे जिस में पतिपत्नी के 8-9 बच्चे भी हों तो भी पल जाते थे. महंगाई के इस दौर में एक या दो बच्चे पालना भी मुश्किल है. आज के दौर में सभी लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं. पेरेंट्स के लिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना पहली प्राथमिकता हो गई है. खासकर मिडिल क्लास में तो बच्चों की परवरिश पर काफी खर्च किया जा रहा है. प्राइवेट स्कूल और कोचिंग के साथ बच्चों को कई तरह के एकैडमिक कोर्सेज भी करवाए जा रहे हैं.
भविष्य की चुनौतियां बेहद कठिन हैं, इसलिए लोग अपने बच्चों को ले कर काफी सजग हैं. यही कारण है कि लोग कम बच्चे पैदा कर रहे हैं ताकि कम संसाधनों में भी बच्चों को अच्छी एजुकेशन हासिल हो सके. निशांत और कुसुम के पास कुल मिला कर चार बच्चे पहले से हैं, ऐसे में दोनों के लिए पांचवां बच्चा पैदा करना समझदारी का काम तो कतई नहीं है.
This story is from the July Second 2025 edition of Sarita.
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