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भाजपा को दक्षिण में जड़ें जमाने से रोकेंगी प्रियंका

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July 2024

कांग्रेस आलाकमान ने बहुत सोच-समझकर केरल की वायनाड सीट से गांधी परिवार की ही प्रियंका गांधी को मैदान में उतारने का फैसला किया है। अब प्रियंका गांधी अपने बड़े भाई राहुल गांधी द्वारा छोड़ी गयी वायनाड सीट से उपचुनाव लड़ेंगी। साफ है कि इसके पीछे कांग्रेस आलाकमान की यह सोच है कि राहुल गांधी को उत्तर भारत में तो प्रियंका गांधी को दक्षिण भारत में सक्रिय करने से भाजपा को चोट पहुंचायी जा सकती है।

- अजय सिंह

भाजपा को दक्षिण में जड़ें जमाने से रोकेंगी प्रियंका

18 वीं लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद उत्तर भारत के कुछ राज्यों को छोड़ दें तो भारतीय जनता पार्टी की जड़ें यहां खासी मजबूत हैं। चुनाव परिणाम भी इसकी गवाही दे रहे हैं। उधर, दक्षिण भारत में भी भाजपा भले ही सीटों के लिहाज से कुछ खास न कर पायी हो लेकिन उसके वोट शेयर में वृद्धि दर्ज की गयी है। इससे यह बात तो तय हो गयी है कि भाजपा के रणनीतिकारों का अब पूरा जोर दक्षिण भारत में तेजी से भगवा झण्डा फहराने पर है। इस बीच, कांग्रेस नेतृत्व ने लम्बी माथापच्ची के बाद यह तय किया कि उसके युवा नेता राहुल गांधी यूपी की रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद बने रहेंगे और केरल की वायनाड सीट से इस्तीफा देंगे। कांग्रेस नेतृत्व ने यह निर्णय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को उत्तर प्रदेश में मिली एक प्रकार से अप्रत्याशित सफलता के बाद लिया है। पार्टी को यह लगता है कि उत्तर प्रदेश में वह समाजवादी पार्टी के कंधों पर सवार होकर अपनी खोयी हुई प्रतिष्ठा को पुनः हासिल कर सकती है। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का इसी राज्य यानि उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहना आवश्यक है। उधर, कांग्रेस आलाकमान ने बहुत सोच-समझकर केरल की वायनाड सीट से गांधी परिवार की ही प्रियंका गांधी को मैदान में उतारने का फैसला किया है। अब प्रियंका गांधी अपने बड़े भाई राहुल गांधी द्वारा छोड़ी गयी वायनाड सीट से उपचुनाव लड़ेंगी। साफ है कि इसके पीछे कांग्रेस आलाकमान की यह सोच है कि राहुल गांधी को उत्तर भारत में तो प्रियंका गांधी को दक्षिण भारत में सक्रिय करने से भाजपा को चोट पहुंचायी जा सकती है। रणनीतिकारों का मानना है कि उत्तर भारत में राहुल गांधी जहां भाजपा को कमजोर करने पर फोकस करेंगे तो वहीं प्रियंक

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