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युवा हाथों में उत्तराखंड
DASTAKTIMES
|November - 2025
2007 के बाद राज्य में राजनीतिक अस्थिरता का ऐसा दौर शुरू हुआ कि उत्तराखंड विकास की वह रफ्तार नहीं पकड़ पाया जिसकी इस राज्य को सबसे ज्यादा ज़रूरत थी। 2014 में जब केंद्र में पहली बार मोदी सरकार बनी तब उत्तराखंड की सत्ता कांग्रेस के हाथ में थी। उत्तराखंड में मार्च 2017 में बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में आई। लेकिन राज्य में बीजेपी अंदरूनी राजनीति और अंतर्कलह का शिकार हो गई। तब पहली बार बीजेपी हाईकमान को लगा कि राजनीतिक स्थिरता के अलावा इस नए और प्रगितशील राज्य को एक युवा और ऊर्जावान नेतृत्व की ज़रूरत है जो ज़रूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाने से न चूके। और बीजेपी हाईकमान ने उत्तराखंड की कमान युवा नेता पुष्कर सिंह धामी के हाथ में सौंप दी।
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ठीक विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति के पके हुए धुरंधर खिलाड़ियों के बीच एक नौजवान के हाथ में सत्ता देने का प्रयोग कई मायनों में खतरनाक था। लेकिन प्रयोग कामयाब रहा और उत्तराखंड के इतिहास में जनता ने लगातार दूसरी बार बीजेपी को सत्ता की बागडोर सौंपी।
जनता ने बीजेपी पर यकीन किया और बीजेपी ने युवा नेतृत्व पर। धामी के नेतृत्व में बीते चार सालों में राज्य ने पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण प्रगति की और अपनी लोकप्रियता और दूरदर्शिता के चलते युवा नेता पुष्कर सिंह धामी, बीजेपी की ओर से बनाये मुख्यमंत्रियों में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने वाले सीएम बन गए। 25 साल के इतिहास के छोटे से कालखंड में चार साल बेहद मायने रखते हैं। धामी सरकार ने देश में पहली बार यूसीसी यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कर समानता और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। लैंगिक समानता और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने वाला यह कानून पूरे देश में एक नज़ीर बना। उत्तराखंड में शुरू से ही सरकारी नौकरी के लिए साम, दाम, दंड, भेद की नीति चल रही थी। पेपर लीक राज्य की एक बड़ी समस्या थी। इसकी जड़ें राजनीति में इतनी अंदर तक फैली थीं कि उसे उखाड़ फेंकना नामुमकिन था। ऐसे में सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी बनीं। इसके बावजूद बीते महीनों यूकेएसएसएससी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक हो गया। सरकार एक्शन में आई और उसने तत्काल कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द कर दी। धामी सरकार ने केंद्र से सीबीआई जांच की सिफारिश की। केंद्र सरकार ने उतनी ही तत्परता, गंभीरता और ज़िम्मेदारी निभाते हुए पूरे मामले की तत्काल सीबीआई जांच भी शुरू करा दी। यह कदम युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे पहले 2022 में भी पांच भर्ती परीक्षाएं रद्द कर नकल माफिया पर नकेल कसी गई थी। अवैध मदरसों को बंद कर 9000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई, जो सुशासन और पारदर्शिता का प्रतीक है। धर्मांतरण पर सख्त कानून लागू कर सामाजिक सद्भाव को मजबूत किया गया।
अर्थव्यवस्था की बढ़ती रफ्तार
This story is from the November - 2025 edition of DASTAKTIMES.
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