Facebook Pixel निसंतानता पर फिल्में क्यों नहीं | Sarita - news - Read this story on Magzter.com

Try GOLD - Free

निसंतानता पर फिल्में क्यों नहीं

Sarita

|

June First 2024

देर से शादी, फर्टिलिटी रेट के गिरने व अन्य कारणों के चलते आजकल कपल्स के बीच निसंतानता बड़ी समस्या बन कर उभरी है. लेकिन इतने बड़े मुद्दे पर फिल्में नहीं बन रहीं. आखिर वजह क्या है, जानिए.

- सोमा घोष

निसंतानता पर फिल्में क्यों नहीं

रश्मि मां नहीं बन पाई, क्योंकि उस का बारबार मिसकैरिज हो जाता था. उन्होंने कई बार डाक्टर से सलाह ले कर दवाइयां लीं, लेकिन वह मां नहीं बनी. अंत में रश्मि ने अपनी जिंदगी को अपनी तरीके से जीना शुरू किया, जिस में उस ने नौकरी कर ली और अपनी हौबी के करम करने शुरू किए. आज वह खुश है, लेकिन 50 साल की इस उम्र में भी वह जब भी अपने पति के साथ किसी गेटटुगेदर में जाती है, लोगों को फुसफुसाते हुए सुनती है या अपने लिए दयाभाव को जाहिर होते पाती है, जो हालांकि, पहले की अपेक्षा कम हुआ है. उन दोनों की इस बिंदास जीवनशैली से दूसरे कपल्स प्रेरित भी होते हैं, जो रश्मि को अच्छा लगता है.

असल में जब कपल मातापिता बनते हैं तो उन की जिंदगी बच्चों के पालनपोषण में गुजर जाती है. ऐसे में बहुत कम पतिपत्नी होते हैं जो एकदूसरे की जिंदगी का ध्यान रख पाते हैं जबकि देखा गया है कि निसंतान पतिपत्नी का आपसी प्यार और उन की बौंडिंग बहुत अच्छी होती है. अभिनेता दिलीप कुमार और अभिनेत्री सायरा बानो की आपसी बौंडिंग इस का एक उदाहरण है. उन की कोई संतान नहीं थी, लेकिन उन दोनों का आपसी प्यार बहुत स्ट्रॉंग था.

एक बार अभिनेत्री सायरा बानो ने कहा भी था कि मेरे अपने बच्चे भले ही नहीं हैं लेकिन मेरे आसपास बहुत सारे बच्चे हैं जिन को मैं ने अपने परिवार में बड़ा होते हुए देखा है. उन में केवल परिवार ही नहीं, बल्कि हमारे घर के हैल्पर भी हैं. हम दोनों को कभी नहीं लगा कि हमारे बच्चे नहीं हैं.

चौइस कपल्स की

असल में मां बनना एक महिला के लिए नैसर्गिक प्रक्रिया है, लेकिन कई बार कुछ कारणों से महिला मां नहीं बन पाती. सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी महिला के प्रति समाज और परिवार आजकल हीनभावना दिखाने की अपेक्षा दयाभाव ज्यादा दिखाते हैं. अगर कपल संभ्रांत परिवार का हो तो फिर क्या ही कहने. लोगों की हमदर्दी अनचाहे ही उन पर आ गिरती है, मसलन उन के बाद में उन की प्रौपर्टी का मालिक कौन होगा, व्यवसाय को कौन चलाएगा आदि कई प्रश्नों का सामना उन्हें करना पड़ता है, जो उन कपल्स को कई बार खराब भी लगता है.

MORE STORIES FROM Sarita

Sarita

Sarita

वर्किंग कपल्स के बीच स्पेस और प्राइवेसी

वर्किंग कपल्स ज्यादातर यूनिटरी फैमिलीज में रहते हैं. उन की चाहत यह होती है कि उन के बीच स्पेस न रहे जिस से कि किसी और की जगह न बन सके लेकिन आज मोबाइल के दौर में एक का दूसरे को बारबार फोन करना भी निगरानी जैसा लगने लगता है.

time to read

9 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

हंगरी से सबक ले भारत

लंबे समय तक सत्ता में बने रहने के बावजूद अगर शासन जनता की अपेक्षाओं से दूर हो जाए, तो असंतोष तेजी से उभरता है जो दिखता नहीं. जनता के मूड को भांपना आसान नहीं. वह सिरआंखों पर धरी राजनीतिक पार्टी को भी एक झटके में सत्ता से उखाड़ कर फेंक सकती है.

time to read

4 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

पीढ़ियों तक रिसते हैं युद्ध के घाव

इंसान के दिमाग पर जंग का असर जंग चलने तक ही नहीं बल्कि जंग खत्म होने के बाद कई सालों तक और उस के बाद उस की आने वाली पीढ़ियों के मन, व्यवहार और व्यक्तित्व तक में उतर जाता है. युद्ध की सब से भयावह सच्चाई यह है कि यह सिर्फ सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता बल्कि इंसानी दिमाग के भीतर भी चलता रहता है, कभी खत्म न होने वाली लड़ाई की तरह.

time to read

4 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

एससी वर्ग कर रहा अपनी बात करने वाली फिल्में फ्लौप

बाल विवाह, विधवा पुनर्विवाह, दहेज और जमींदारों के उत्पीड़न जैसे सामाजिक मुद्दों पर भारतीय सिनेमा ने बेहतरीन फिल्में दी हैं.

time to read

9 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

एक रिक्त कोना

मां के बिना ममता के आंचल का स्पर्श क्या होता है, बिन मां का बच्चा क्या समझेगा.

time to read

8 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

अंगूठे की जात

उंगलियों की दुनिया में भी राजनीति कम दिलचस्प नहीं है.

time to read

3 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

महिला आरक्षण ढोल की पोल

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल की विधानसभाओं के चुनावों में प्रचार के लिए मुद्दा पैदा करने के लिए भाजपा ने जो बवंडर खड़ा किया उस के पीछे 'बड़ेसाब' तो आरएसएस ही था जो सवर्ण महिलाओं को ले कर दिक्कत में था कि इन का क्या करें, ये तो मंदिरों में भजनपूजन और कलश यात्राओं में ही अच्छी लगती हैं. अगर ये संसद में बड़े पैमाने पर आ गईं तो हिंदू राष्ट्र और ब्राह्मण राज का सपना ध्वस्त हो जाएगा. महिला आरक्षण बिल इसी मकसद से एक साजिश के तहत लाया और फिर गिरवाया गया.

time to read

21 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

9 लाख करोड़ दान की बछिया के दांत

दान की महिमा वाकई में अपरंपार है जिस ने देशभर के 10 ब्रैंडेड मंदिरों की जायदाद को 9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा दिया है लेकिन इस से किसे क्या हासिल हो रहा है, यह कोई नहीं सोचता. सोचता तो कोई यह भी नहीं कि दान की लत भक्तों को भाग्यवादी बनाने के साथसाथ डर और लालच भी उन के दिलोदिमाग में भर देती है.

time to read

10 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

गट हैल्थ के लिए 3 एफ का नियम अपनाएं

गट हैल्थ यानी आंतों की सेहत. आंतों का स्वस्थ रहना पाचन से ले कर इम्यूनिटी तक पूरे शरीर के लिए बहुत जरूरी है. जानिए 3 नियम जिन्हें अपना कर हर कोई अपनी गट हैल्थ ठीक कर सकता है.

time to read

6 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

एक सुसाइड नोट में नई पीढ़ी की पीड़ा

प्रियांशु की आत्महत्या बच्चों पर पेरैंट्स द्वारा अनावश्यक रूप से बढ़ती जा रही अपेक्षाओं और दबाव से उत्पन्न हताशा और अवसाद की कहानी बयान करती है जिस का सामना आज बहुतेरे बच्चे कर रहे हैं.

time to read

6 mins

May First 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size