Facebook Pixel 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव विपक्ष की बराबर की टक्कर | Sarita - news - Read this story on Magzter.com

Try GOLD - Free

5 राज्यों के विधानसभा चुनाव विपक्ष की बराबर की टक्कर

Sarita

|

October Second 2023

5 राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का पलड़ा भारी पड़ता नजर आ रहा है. धर्म के नाम पर बनाए भाजपा के माहौल को जनता नकारती नजर आ रही है.

- भारत भूषण श्रीवास्तव

5 राज्यों के विधानसभा चुनाव विपक्ष की बराबर की टक्कर

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिन्होंने जातिगत जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक कर 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में जनता की थोड़ी दिलचस्पी पैदा कर दी, वरना तो चुनाव उबाऊ हुए जा रहे थे.

जातिगत जनगणना वोटर पर गहरे तक असर डाल रही है, भाजपा पर सवर्णों की पार्टी होने का ठप्पा और गहराना इन राज्यों में उसे नुकसान पहुंचा रही है तो जाहिर है.

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है. साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने ये तीनों ही राज्य भाजपा से छीन लिए थे लेकिन इस के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने फिर बढ़त बना ली थी.

इस बार फिर भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा आगे कर चुनाव को मोदी बनाम राहुल गांधी बनाने का फैसला लिया है पर वह कामयाब नहीं हो पा रही है क्योंकि हर कोई जानता है कि चुना मुख्यमंत्री जाना है, मोदी की यात्राओं को खास रिस्पौंस नहीं मिला. वोटर्स को यह एहसास है कि नरेंद्र मोदी तो चुनावी रैलियों के बाद लोकसभा चुनाव में व्यस्त हो जाएंगे तो वे क्यों धरमकरम, राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के नाम पर वोट डालें जबकि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ले कर खासी नाराजगी है जिस से खुद भाजपा चुनावप्रचार के दौरान ही लड़खड़ाती नजर आ रही है.

अपनी दूसरी पंक्ति के नेताओं और मुख्यमंत्री पद के दावेदारों पर दांव न खेलने की नीति से भगवा की पैदल सेना में हताशा है नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और स्वीकार्यता दोनों में भी गिरावट आई है. भाषणों की एक सी स्टाइल और रटीरटाई बातों से लोग ऊबने लगे हैं क्योंकि दुनिया के सब से बड़े लोकतांत्रिक देश के नागरिक होने के नाते जनता अपने मतलब की बात सुनना चाहती है, दूसरों की खिंचाई नहीं.

दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने प्रादेशिक क्षत्रपों पर ही भरोसा जता कर बुद्धिमानी का काम किया है कि जनता चाहे तो मौजूदा सरकारों और मुख्यमंत्री के नाम पर वोट दे और चाहे तो गांधी परिवार के नाम पर वोट दे दे. आइए देखें किस राज्य में चुनावी माहौल और तसवीर कैसी है.

MORE STORIES FROM Sarita

Sarita

Sarita

वर्किंग कपल्स के बीच स्पेस और प्राइवेसी

वर्किंग कपल्स ज्यादातर यूनिटरी फैमिलीज में रहते हैं. उन की चाहत यह होती है कि उन के बीच स्पेस न रहे जिस से कि किसी और की जगह न बन सके लेकिन आज मोबाइल के दौर में एक का दूसरे को बारबार फोन करना भी निगरानी जैसा लगने लगता है.

time to read

9 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

हंगरी से सबक ले भारत

लंबे समय तक सत्ता में बने रहने के बावजूद अगर शासन जनता की अपेक्षाओं से दूर हो जाए, तो असंतोष तेजी से उभरता है जो दिखता नहीं. जनता के मूड को भांपना आसान नहीं. वह सिरआंखों पर धरी राजनीतिक पार्टी को भी एक झटके में सत्ता से उखाड़ कर फेंक सकती है.

time to read

4 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

पीढ़ियों तक रिसते हैं युद्ध के घाव

इंसान के दिमाग पर जंग का असर जंग चलने तक ही नहीं बल्कि जंग खत्म होने के बाद कई सालों तक और उस के बाद उस की आने वाली पीढ़ियों के मन, व्यवहार और व्यक्तित्व तक में उतर जाता है. युद्ध की सब से भयावह सच्चाई यह है कि यह सिर्फ सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता बल्कि इंसानी दिमाग के भीतर भी चलता रहता है, कभी खत्म न होने वाली लड़ाई की तरह.

time to read

4 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

एससी वर्ग कर रहा अपनी बात करने वाली फिल्में फ्लौप

बाल विवाह, विधवा पुनर्विवाह, दहेज और जमींदारों के उत्पीड़न जैसे सामाजिक मुद्दों पर भारतीय सिनेमा ने बेहतरीन फिल्में दी हैं.

time to read

9 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

एक रिक्त कोना

मां के बिना ममता के आंचल का स्पर्श क्या होता है, बिन मां का बच्चा क्या समझेगा.

time to read

8 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

अंगूठे की जात

उंगलियों की दुनिया में भी राजनीति कम दिलचस्प नहीं है.

time to read

3 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

महिला आरक्षण ढोल की पोल

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल की विधानसभाओं के चुनावों में प्रचार के लिए मुद्दा पैदा करने के लिए भाजपा ने जो बवंडर खड़ा किया उस के पीछे 'बड़ेसाब' तो आरएसएस ही था जो सवर्ण महिलाओं को ले कर दिक्कत में था कि इन का क्या करें, ये तो मंदिरों में भजनपूजन और कलश यात्राओं में ही अच्छी लगती हैं. अगर ये संसद में बड़े पैमाने पर आ गईं तो हिंदू राष्ट्र और ब्राह्मण राज का सपना ध्वस्त हो जाएगा. महिला आरक्षण बिल इसी मकसद से एक साजिश के तहत लाया और फिर गिरवाया गया.

time to read

21 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

9 लाख करोड़ दान की बछिया के दांत

दान की महिमा वाकई में अपरंपार है जिस ने देशभर के 10 ब्रैंडेड मंदिरों की जायदाद को 9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा दिया है लेकिन इस से किसे क्या हासिल हो रहा है, यह कोई नहीं सोचता. सोचता तो कोई यह भी नहीं कि दान की लत भक्तों को भाग्यवादी बनाने के साथसाथ डर और लालच भी उन के दिलोदिमाग में भर देती है.

time to read

10 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

गट हैल्थ के लिए 3 एफ का नियम अपनाएं

गट हैल्थ यानी आंतों की सेहत. आंतों का स्वस्थ रहना पाचन से ले कर इम्यूनिटी तक पूरे शरीर के लिए बहुत जरूरी है. जानिए 3 नियम जिन्हें अपना कर हर कोई अपनी गट हैल्थ ठीक कर सकता है.

time to read

6 mins

May First 2026

Sarita

Sarita

एक सुसाइड नोट में नई पीढ़ी की पीड़ा

प्रियांशु की आत्महत्या बच्चों पर पेरैंट्स द्वारा अनावश्यक रूप से बढ़ती जा रही अपेक्षाओं और दबाव से उत्पन्न हताशा और अवसाद की कहानी बयान करती है जिस का सामना आज बहुतेरे बच्चे कर रहे हैं.

time to read

6 mins

May First 2026

Translate

Share

-
+

Change font size