Go Unlimited with Magzter GOLD

Go Unlimited with Magzter GOLD

Get unlimited access to 10,000+ magazines, newspapers and Premium stories for just

$149.99
 
$74.99/Year

Try GOLD - Free

खाद्य संरक्षण का महत्व एवं हमारे दैनिक जीवन में जरूरत

Modern Kheti - Hindi

|

1st February 2024

खाद्य पदार्थों के मौलिक आकार एवं रूप को परिवर्तित कर या अपरिवर्तित रखकर इनके पोषक तत्व एवं विटामिन को यथा संभव बनाये रखते हुए बिना विकृति के दीर्घकाल तक सुरक्षित रखने की विधियों एवं तकनीकों को परिरक्षण कहा जाता है। खाद्य-पदार्थों के मौलिक आकार एवं रूप को परिवर्तित करके ही हम अधिकांश परिरक्षित फलों एवं सब्जियों को लम्बे समय तक सुरक्षित उत्पादन करते हैं जैसे-जैम, जेली, कैचप, विभिन्न फल पेय, अचार, सॉस, चटनी आदि। 

- प्रतिमा तिवारी, साध्वी, रोहित मौर्या एवं अल्का निगम

खाद्य संरक्षण का महत्व एवं हमारे दैनिक जीवन में जरूरत

अनेक खाद्य पदार्थ, जैसे फल वर्ष में एक बार होते हैं। ज्यादातर फसलें वर्ष में एक बार लगाई जाती है। अतः ये सभी खाद्य पदार्थ एक विशेष मौसम में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं, जबकि अन्य मौसम में ये उपलब्ध नहीं होते। मानव जाति ने विभिन्न खाद्य पदार्थों को पूरे वर्ष उपलब्ध कराने के तरीके खोज निकाले हैं। इन सभी विधियों और तरीकों का मूल सिद्धांत एक ही है- खाद्य पदार्थों को सड़ने से बचाना, जिससे वे लम्बे समय तक प्रयोग में लाए जा सकें। अतः हम कह सकते हैं कि खाद्य संरक्षण एक विज्ञान है, जिसमें अलग-अलग विधियों व तकनीकियों का प्रयोग करके भोजन को सड़ने से बचाया जा सकता है। भोजन को एक दिन, या दो दिन या पूरा वर्ष संरक्षित रख सकते हैं और यह निर्भर करता है भोजन संरक्षित रखने की विधि पर। 

आहार संरक्षण के सिद्धांत: 

1. सूक्ष्म जीवी को दूर: जहां तक संभव हो सूक्ष्म जीवाणु का भोजन में प्रवेश रोकना चाहिए। नमक, चीनी, तेल, सिरका का आहार संरक्षक के रूप में इस्तेमाल, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में नाइट्रोजन गैस का माध्यम के रूप में प्रयोग इस सिद्धांत के प्रयोग के कुछ उदाहरण है। 

2. नमी को हटाना: सूक्ष्म जीवियों और एन्जाइम की बढ़ोतरी व एन्जाइम की प्रक्रिया को बहुत कम कर सकते हैं या खत्म कर सकते हैं। इस सिद्धांत को प्रयोग में लाने वाली विधि है-सब्जियों, फलों, दूध, अनाज, दालों इत्यादि को सुखाना।

3. सूक्ष्म जीवाणुओं को मारना तथा एन्जाइम को खत्म करना: सूक्ष्म जीवाणुओं व एन्जाइम को खत्म करके भी भोजन को संरक्षित किया जा सकता है। इस सिद्धांत को प्रयोग में लाने वाली विधियां हैं - उबालना, पाश्चुरीकरण आदि। 

4. सूक्ष्म जीवियों की वृद्धि व एन्जाइम की प्रक्रिया को रोकना: सूक्ष्म जीवियों की वृद्धि को कम ताप 1-6 सी से कम कर सकते हैं तथा फ्रीजिंग तापमान सी से नीचे पर रोक सकते हैं। इस सिद्धांत को प्रयोग में लाने वाली विधियां हैंरेफ्रीजरेशन, फ्रीजिंग, खाद्य संरक्षक का प्रयोग जैसे नमक, सिरका, चीनी व रासायनिक संरक्षक।

MORE STORIES FROM Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

मक्का की बिजाई करने के लिए मेज़ प्लांटर

मक्का की बिजाई करने वाली मशीन, मेज़ प्लांटर को नेशनल एग्रो इंडस्ट्रीज़ की ओर से बनाया गया है।

time to read

1 min

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

घृतकुमारी का औषधीय योगदान एवं महत्व

कुमारी, गृह कन्या, घृतकुमारिका आदि, इसके पत्तों में छेद करने या दबाने पर लसलसा पदार्थ निकलता है।

time to read

3 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

क्या जीनोम-संपादित धान की किस्में उचित हैं ?

देश के शीर्ष कृषि अनुसंधान संस्थान आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) और कृषि मंत्रालय पर जीनोम-संपादित (जीनोम-एडीटेड) धान के परीक्षणों में वैज्ञानिक हेरफेर और बेईमानी के आरोप लगे हैं।

time to read

3 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

गन्ना की खेती देखभाल और पैदावार

गन्ना एक प्रमुख व्यवसायिक फसल है, विषम परिस्थितियां भी इसकी फसल को बहुत अधिक प्रभावित नहीं कर पाती।

time to read

10 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

खाद्य उत्पादन की बढ़ती मांग से धरती पर पड़ रहा है प्रभाव

इसमें कोई शक नहीं कि इंसानी सभ्यता ने अपने विकास के लिए प्रकृति का बड़े पैमाने पर दोहन किया है।

time to read

3 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

टिकाऊ कृषि विकास के लिए भूमि सुधार आवश्यक ...

कृषि के मुख्यतः तीन प्रमुख स्तम्भ हैं-मिट्टी, पानी और बीज परंतु गत कुछ दशकों में परंपरागत कृषि तकनीकों जैसे अत्याधिक जुताई, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग एवं जैविक खाद के कम उपयोग, इत्यादि के कारण मिट्टी की गुणवत्ता में बहुत गिरावट आई है।

time to read

8 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

निराशा से समाधान तक कैसे भारत पराली जलाने की समस्या का कर सकता है अंत

पराली जलाने की समस्या का हल संभव है। समझदारी बरतते हुए अगले तीन वर्षों में इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं अरुणाभ घोष और कुरिंजी केमांथ

time to read

5 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

अलसी की खेती से लाभ कमाएं

अलसी तेल वाली फसलों में दूसरी खास फसल है।

time to read

8 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

क्रांतिकारी मॉडल विकसित करने वाले सफल किसा सीताराम निगवाल

मध्यप्रदेश के धार जिले के किसान सीताराम निगवाल ने 30 वर्षों के अनुभव से खेती का एक क्रांतिकारी मॉडल, विकसित किया है।

time to read

2 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

भूमि क्षरण से बढ़ रहा कुपोषण

लगभग 1.7 अरब लोग ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां मानवीय कारणों से भूमि के क्षरण के चलते फसलों की पैदावार घट रही है।

time to read

2 mins

15th November 2025

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size