Versuchen GOLD - Frei

योगासनों से जुड़े नियम और सावधानियां

Sadhana Path

|

November 2025

योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर आप अपने व्यक्तित्व को निखार सकते हैं। योग शरीर की रोग- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है। आइए जानते हैं योग करते समय बरती जाने वाली सावधानियां और इनसे जुड़े नियम ।

- - गृहलक्ष्मी टीम

योगासनों से जुड़े नियम और सावधानियां

योगासन का समय

योगासन आप सुबह या शाम दोनों समय कर सकते हैं। यदि दोनों समय नहीं कर सकते, तो सूर्योदय की बेला का समय उत्तम है। सुबह मन शान्त रहता है। शौचादि से निवृत होकर खाली पेट तथा दोपहर के भोजन के लगभग 5-6 घंटे बाद सायंकाल के समय योगासन कर सकते हैं। सुबह जागने के बाद यदि कब्ज रहता है तो तांबे या चांदी के बर्तन में रखे हुए पानी को पीना चाहिए। उसके पश्चात् थोड़ा भ्रमण करें। इससे पेट साफ हो जाता है। अधिक कब्ज हो, तो त्रिफला चूर्ण सोते समय गर्म पानी के साथ ले सकते हैं।

स्थान का चुनाव

स्वच्छ, शान्त एवं एकान्त स्थान योगासन के लिए अच्छे माने जाते हैं। यदि वृक्षों की हरियाली के समीप, बाग, तालाब या नदी का किनारा हो, तो सर्वोत्तम है। खुले वातावरण एवं वृक्षों के नजदीक ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में होती है। यदि घर में योग- प्राणायाम करें, तो घी का दीपक या गुग्गुल आदि जलाकर उस स्थान को सुगंधित करना चाहिए।

आरामदायक कपड़े पहनें

आसन करते समय शरीर पर वस्त्र कम और आरामदायक होने चाहिए। पुरुष हाफपैंट और बनियान का उपयोग कर सकते हैं। माताएं और बहनें सलवार, ब्लाउज आदि पहनकर आसन, प्राणायाम आदि का अभ्यास करें। पैंट भी योग क्रियाओं के लिए उपयुक्त समझे जाते हैं।

image30 मिनट है काफी

भूमि पर बिछाने के लिए योगामैट मुलायम दरी या कम्बल का प्रयोग करना उचित है। खुली जमीन पर योगासन न करें। अपने सामर्थ्य के अनुसार व्यायाम करना चाहिए। आसनों का पूर्ण अभ्यास एक घंटे में, मध्यम अभ्यास 30 मिनट में तथा संक्षिप्त अभ्यास 15 मिनट में होता है। संपूर्ण दिनचर्या में आधा घंटा तो प्रत्येक व्यक्ति को योगासन करना ही चाहिए।

WEITERE GESCHICHTEN VON Sadhana Path

Sadhana Path

Sadhana Path

ध्यान के लिए धैर्य जरूरी है

जीवन एक कला है। वहां विपरीत को मिलाने की क्षमता होनी चाहिए। ध्यान और धैर्य दो विपरीतताएं हैं। ध्यान और धैर्य के जोड़ का अर्थ है- पाना चाहता हूं अभी रुकने को राजी हूं-सदा के लिए। इसे समझ लेना । ध्यान और धैर्य जहां मिल जाते हैं, वहां जीवन का परम संगीत बजता है, वहां सत्व की धुन गूंजती है।

time to read

5 mins

January 2026

Sadhana Path

मानव की त्रयात्मक प्रकृति

सूक्ष्म प्राणी क्या हैं इसे अच्छी तरह समझने के लिए, हमें पहले यह समझना चाहिए कि हम क्या हैं।

time to read

2 mins

January 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

व्यक्तित्व का दर्पण है हस्ताक्षर

व्यक्ति के हस्ताक्षर में उसके व्यक्तित्व की सभी बातें पूर्ण रूप से दिखाई देती हैं।

time to read

3 mins

January 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

मकर संक्राति का अध्यात्मिक महत्त्व

यूं तो हम सभी के लिए त्योहारों का मतलब होता है हंसी, उल्लास और उमंग लेकिन सही मायनों में त्योहारों का महत्त्व उससे कहीं बढ़ कर और गूढ़ होता है।

time to read

5 mins

January 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

सर्दियों में भी रखें वास्तु का ख्याल

सर्दी के इस मौसम में कुछ वास्तु उपाय करके आप सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं कौन से हैं वो उपाय आइए लेख के माध्यम से जानें ?

time to read

4 mins

January 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

भारतीय संस्कृति के कई रंग दिखाती मकर संक्रांति

हिन्दू धर्म संस्कृति में वर्ष का आरंभ ही होता है मकर संक्रांति जैसे बड़े पर्व से जिसकी केंद्र में है सूर्य की आराधना। इस दिन दान और स्नान का भी विशेष महत्त्व है। आराध्य देव सूर्य काल भेद से अनेक रूप धारण करते हैं।

time to read

8 mins

January 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

चाय के कपसे जानिए अपना भविष्य

यह मुमकिन है कि हम चाय की बची हुई पत्ती द्वारा अपना भविष्य जान सकते हैं, उसके आकार और रूप की मदद से जो हमें चाय पी लेने के बाद कप में मिलते हैं।

time to read

4 mins

January 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति

भारत त्योहारों का देश है, यहां प्रत्येक त्योहार को हर्ष-उल्लास के साथ मनाया जाता है। उन्हीं में से एक त्योहार है मकर संक्रांति जिसे भारत के प्रत्येक राज्य के लोग अपनी परंपरा, संस्कृति के अनुसार मनाते हैं। कैसे मनाया जाता है भारत के विभिन्न राज्यों में मकर संक्राति का त्योहार आइए जानते हैं

time to read

4 mins

January 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

स्फूर्ति की अभिव्यक्ति

जीवन स्फूर्तिमय है।

time to read

2 mins

January 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

माधुर्य के देवता कृष्ण

कृष्ण का महत्त्व इस बात में नहीं है कि वह वाकई इस धरती पर पैदा हुए या नहीं, वह खुद अच्छे थे या बुरे। महत्त्वपूर्ण बात यह है कि उनका विचार मात्र ही इंसान को माधुर्य और प्रेम से भर देता है।

time to read

2 mins

January 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size