Facebook Pixel भारत की नवाचार क्रांति का अगुआ | India Today Hindi - news - Bu hikayeyi Magzter.com'da okuyun
Magzter GOLD ile Sınırsız Olun

Magzter GOLD ile Sınırsız Olun

Sadece 9.000'den fazla dergi, gazete ve Premium hikayeye sınırsız erişim elde edin

$149.99
 
$74.99/Yıl

Denemek ALTIN - Özgür

भारत की नवाचार क्रांति का अगुआ

India Today Hindi

|

August 13, 2025

आइआइटी दिल्ली अपने पाठ्यक्रम, लैब और विजन को नया रूप देकर अगली टेक्नोलॉजी क्रांति की अगुआई के लिए तैयार हो रहा

- शैली आनंद

भारत की नवाचार क्रांति का अगुआ

दिल्ली के दिल में 325 एकड़ में फैला आइआइटी दिल्ली देश के 23 प्रमुख विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी संस्थानों में से एक है, जो ट्रेनिंग, रिसर्च और डेवलपमेंट में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. इसकी स्थापना 1961 में हुई थी और 1963 के इंस्टीट्यूट्स ऑफ टेक्नोलॉजी (अमेंडमेंट) ऐक्ट के तहत इसे 'राष्ट्रीय महत्व का संस्थान' घोषित किया गया. 2018 में इसे 'इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस' (आइओई) का दर्जा मिला.

imageपिछले कई दशकों में आइआइटी दिल्ली ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और अत्याधुनिक रिसर्च के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स बाइ सब्जेक्ट 2025 में इसने इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कैटेगरी में 26वीं रैंक हासिल की है, जो पिछले साल 45वीं थी. यह इस कैटेगरी में भारत का सबसे ऊंची रैंकिंग हासिल करने वाला संस्थान बन गया है.

imageइस समय आइआइटी दिल्ली के पास 16 विभाग, नौ सेंटर और छह इंटरडिसिप्लिनरी स्कूल हैं. यहां करीब 13,000 अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. यह संस्थान बीटेक और एमटेक से लेकर एमबीए, मास्टर ऑफ पब्लिक पॉलिसी, एमएससी और एमए जैसे कई प्रोग्राम ऑफर करता है. शुरुआत से अब तक यहां से 63,000 से ज्यादा छात्र पास हो चुके हैं, जिनमें 7,500 से ज्यादा पीएचडी डिग्रीधारक शामिल हैं.

रिसर्च और इनोवेशन आइआइटी दिल्ली के मूल मिशन का हिस्सा हैं. फैकल्टी और छात्र यहां बुनियादी विज्ञान से लेकर एप्लाइड टेक्नोलॉजी तक अलग-अलग क्षेत्रों में रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं. 2022 में शुरू हुआ रिसर्च ऐंड इनोवेशन पार्क इसका बेहतरीन उदाहरण है. यह अकादमिक संस्थानों, उद्योग और सरकार के बीच साझेदारी को बढ़ावा देता है, ताकि रिसर्च को असली दुनिया में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट और समाधान में बदला जा सके.

image

India Today Hindi'den DAHA FAZLA HİKAYE

India Today Hindi

बीता जीवन देख रहा है

अमिताभ घोष का उपन्यास घोस्ट- आइ किसी बड़े घटनाक्रम से नहीं, बल्कि एक छोटे-से असहज क्षण से शुरू होता है.

time to read

2 mins

March 04, 2026

India Today Hindi

India Today Hindi

बर्फ के उस पार का महादेश

दुनियाभर के अधिकतर यात्रा वृत्तांत भागने से शुरू होते हैं.

time to read

3 mins

March 04, 2026

India Today Hindi

India Today Hindi

निष्कपट नाइट

टेलीविजन की नंबर 1 सीरीज रचने के बाद जॉर्ज आर. आर. मार्टिन के कया-संसार से अब निकली है अ नाइट ऑफ द सेवन किंगडम्स. है तो यह अपनी दोनों पूर्ववर्ती, विराट सीरीज की दुनिया में रची बसी लेकिन उनसे बिल्कुल अलग ट्रीटमेंट लिए यह ताजगी भरी प्रस्तुति एक मस्ट वॉच

time to read

2 mins

March 04, 2026

India Today Hindi

India Today Hindi

जांच में देरी की जानलेवा कीमत!

इलाज से काबू में आ सकने वाले अलग-अलग तरह के कैंसर देरी से पहचाने जाने के चलते फैल रहे. वहीं अंतिम चरण वाले कैंसर मरीजों की देखभाल और इलाज से जुड़ी नीतियों में सटीक आंकड़ों की कमी बड़ी खाई बन रही

time to read

9 mins

March 04, 2026

India Today Hindi

India Today Hindi

करुणा ही जीवन

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की हाल में प्रकाशित पुस्तक करुणा, द पावर ऑफ कम्पैशन युद्धरत दुनिया में करुणा को बताती है हर समस्या का समाधान

time to read

1 mins

March 04, 2026

India Today Hindi

India Today Hindi

मोह के धागों का तनाव

आज तक नॉर्वे की किसी भी फिल्म को ऑस्कर नहीं मिला. 2-3 दफे नॉमिनेशन जरूर मिलेः नाइन लाइव्स (1957), द पाथफाइंडर (1987) और फिर एक लंबे फासले बाद योकिम ट्रियर की द वर्स्ट परसन इन द वर्ल्ड (2021) को.

time to read

1 mins

March 04, 2026

India Today Hindi

India Today Hindi

यहां भगवा दल सांसत में

अकाली दल में अरविंद खन्ना की वापसी ने भाजपा की पंजाब इकाई की कमजोरी को उघाड़कर रख दिया. उसमें भरोसेमंद चेहरों की कमी तो है ही, केंद्रीय रणनीति को स्थानीय हकीकतों से जोड़ने के लिए भी उसे मशक्कत करनी पड़ रही

time to read

3 mins

March 04, 2026

India Today Hindi

India Today Hindi

एक ने पकड़ी रफ्तार दूसरे पर सवालों के बार

बिहार सरकार के दो डिप्टी सीएम इन दिनों लगातार चर्चा में हैं. एक भूमि विवाद निबटाने को लेकर अपनी सक्रियता की वजह से तो दूसरा बढ़ते अपराध को काबू न कर पाने की विफलता के कारण

time to read

7 mins

March 04, 2026

India Today Hindi

India Today Hindi

भारी पड़ता दुस्साहस का दांव

पन्नू प्रकरण एक बड़ी नाकामी के तौर पर उभरकर सामने आया है जो भारत को ऐसे समय में और भी अलग-थलग कर सकता है जब अमेरिका से रिश्तों के मामले में वह पहले ही कमजोर स्थिति में

time to read

3 mins

March 04, 2026

India Today Hindi

India Today Hindi

सफर का नाम अब फर्राटा

वर्षों की देरी के बाद देशभर के प्रमुख राजमार्ग आखिरकार पूरे होने के करीब. इससे सफर में लगने वाला समय घटने और आर्थिक विकास को खासी रफ्तार मिलने की उम्मीद

time to read

6 mins

March 04, 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size