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भारत की नवाचार क्रांति का अगुआ
India Today Hindi
|August 13, 2025
आइआइटी दिल्ली अपने पाठ्यक्रम, लैब और विजन को नया रूप देकर अगली टेक्नोलॉजी क्रांति की अगुआई के लिए तैयार हो रहा
दिल्ली के दिल में 325 एकड़ में फैला आइआइटी दिल्ली देश के 23 प्रमुख विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी संस्थानों में से एक है, जो ट्रेनिंग, रिसर्च और डेवलपमेंट में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. इसकी स्थापना 1961 में हुई थी और 1963 के इंस्टीट्यूट्स ऑफ टेक्नोलॉजी (अमेंडमेंट) ऐक्ट के तहत इसे 'राष्ट्रीय महत्व का संस्थान' घोषित किया गया. 2018 में इसे 'इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस' (आइओई) का दर्जा मिला.
पिछले कई दशकों में आइआइटी दिल्ली ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और अत्याधुनिक रिसर्च के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स बाइ सब्जेक्ट 2025 में इसने इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कैटेगरी में 26वीं रैंक हासिल की है, जो पिछले साल 45वीं थी. यह इस कैटेगरी में भारत का सबसे ऊंची रैंकिंग हासिल करने वाला संस्थान बन गया है.
इस समय आइआइटी दिल्ली के पास 16 विभाग, नौ सेंटर और छह इंटरडिसिप्लिनरी स्कूल हैं. यहां करीब 13,000 अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. यह संस्थान बीटेक और एमटेक से लेकर एमबीए, मास्टर ऑफ पब्लिक पॉलिसी, एमएससी और एमए जैसे कई प्रोग्राम ऑफर करता है. शुरुआत से अब तक यहां से 63,000 से ज्यादा छात्र पास हो चुके हैं, जिनमें 7,500 से ज्यादा पीएचडी डिग्रीधारक शामिल हैं.रिसर्च और इनोवेशन आइआइटी दिल्ली के मूल मिशन का हिस्सा हैं. फैकल्टी और छात्र यहां बुनियादी विज्ञान से लेकर एप्लाइड टेक्नोलॉजी तक अलग-अलग क्षेत्रों में रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं. 2022 में शुरू हुआ रिसर्च ऐंड इनोवेशन पार्क इसका बेहतरीन उदाहरण है. यह अकादमिक संस्थानों, उद्योग और सरकार के बीच साझेदारी को बढ़ावा देता है, ताकि रिसर्च को असली दुनिया में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट और समाधान में बदला जा सके.

Diese Geschichte stammt aus der August 13, 2025-Ausgabe von India Today Hindi.
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