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देश की रीढ़ को टूटने से बचायें, सच्चे प्रेम दिवस की सुवास फैलायें

Rishi Prasad Hindi

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January 2025

१४ फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस भाई को युवती भाई कहने के लायक नहीं रह महापर्व है । युवा पीढ़ी को वेलेंटाइन डे की गंदगी से बचाने, उसे सही दिशा देने और सच्चे प्रेम की पहचान कराने के लिए पूज्य बापूजी ने २००६ में इसका शंखनाद किया था । आज यह पर्व विश्व के २०० से ज्यादा देशों में सभी जाति-धर्म, मजहब, पंथ के लोगों द्वारा मनाया जाता है। इसकी महत्ता व आवश्यकता :

देश की रीढ़ को टूटने से बचायें, सच्चे प्रेम दिवस की सुवास फैलायें

१४ फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस महापर्व है। युवा पीढ़ी को वेलेंटाइन डे की गंदगी से बचाने, उसे सही दिशा देने और सच्चे प्रेम की पहचान कराने के लिए पूज्य बापूजी ने २००६ में इसका शंखनाद किया था। आज यह पर्व विश्व के २०० से ज्यादा देशों में सभी जाति-धर्म, मजहब, पंथ के लोगों द्वारा मनाया जाता है। इसकी महत्ता व आवश्यकता :

वेलेटाइन डे के दुष्प्रभाव

युवक-युवतियाँ प्रेम दिवस (वेलेंटाइन डे) मनायेंगे तो एक-दूसरे के प्रति कामुक भावना होगी और दिन में रज-वीर्य का नाश होगा। इससे आँखें कमजोर होंगी, आनेवाली संतान कमजोर होगी। इसको देश की कमर तोड़ने का 'पाप दिवस' कह सकते हैं। यह 'प्रेम दिवस' नहीं है, युवक-युवतियों के साथ होनेवाले घोर जुल्म का दिवस है। उन अनजानों को पता नहीं है परंतु जानकार वैद्य, डॉक्टर और बुद्धिमान समझ सकते हैं कि 'युवक-युवतियाँ एक-दूसरे को फूल देंगे, एक-दूसरे के शरीर को स्पर्श करेंगे तो कामकेन्द्र की ऊर्जा नष्ट होगी।'

वेलेंटाइन डे, लवर-लवरी दिवस मनाने से एड्स की बीमारी और बढ़ेगी, जवानों की शक्ति और तबाह होगी तथा भारत की कमर टूटेगी। पड़ोस की बहू-बेटी को, बहन को आज का जवान बहन कहने के लायक नहीं रह गया, पड़ोस के

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