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आखिर क्या है पाकिस्तानी सेना प्रमुख के दिमाग में?
Business Standard - Hindi
|May 12, 2025
पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर कश्मीर में हालात को बिगाड़ना चाहते थे। पहलगाम आतंकी हमले की योजना उनके भाषण के बाद के सप्ताहों में नहीं बनी थी। इसके लिए पहले से काम किया जा रहा था।
कोई भी निश्चित तौर पर नहीं कह सकता है कि पहलगाम आतंकी हमले जैसी उकसावे की कार्रवाई क्यों की गई वह भी इस समय। या फिर 22 अप्रैल को ही ऐसा क्यों किया गया। हम इस विषय पर कुछ विश्लेषण कर सकते हैं और कुछ बिंदुओं को जोड़ने का प्रयास कर सकते हैं।
इस पहेली का पहला टुकड़ा है जनरल आसिम मुनीर का 16 अप्रैल का भाषण। अगर द्विराष्ट्र सिद्धांत और इस्लामिक इतिहास के शब्दाडंबर की बात छोड़ दें तो उस भाषण में उल्लेखनीय तत्त्व था कश्मीर का जिक्र और यह दावा कि 'यह हमारी गले की प्रमुख नस है, हम इसे नहीं भूलेंगे।'
कश्मीर को गले की नस बताना पाकिस्तान में पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा है। परंतु इससे पहले किसी सेना प्रमुख ने वर्षों से कश्मीर को लेकर ऐसी बात नहीं की थी। मेरा मानना है कि ऐसा करके मुनीर कश्मीर को एजेंडे पर वापस ले आए। उनके लहजे में गुस्सा, हताशा और मेरे विचार में चेतावनी शामिल थी।
चेतावनी क्यों ? एक अन्य तारीख के बारे में सोचिए। भारत को 19 अप्रैल को दिल्ली और श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करनी थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। उस आयोजन को टालना पड़ा क्योंकि मौसम खराब था। भाषण देते वक्त मुनीर को यह बात पता नहीं थी। इस ट्रेन, एक नए कश्मीर के उदय, के कारण ही हताशा और तत्परता में हमला किया गया। जम्मू-कश्मीर में बीते तीन साल से हालात सामान्य हो रहे थे। वहां शांतिपूर्ण चुनाव हुए जिनमें व्यापक भागीदारी हुई। पर्यटकों की बढ़ती संख्या भी बता रही है कि हालात सामान्य हो रहे हैं। 2024 में वहां 29.50 लाख पर्यटक पहुंचे और 2025 में 32 लाख पर्यटकों का अनुमान लगाया गया था। हम जानते हैं कि पर्यटन के फलने-फूलने के लिए शांति बहुत जरूरी है। यह कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम है। घाटी में होटल और रिजॉर्ट निर्माण इसका प्रमाण है। खासतौर पर पहलगाम में और उसके आसपास।
पर्यटन तो केवल एक पहलू है। अगर आप इसे शिक्षा में हुई प्रगति के साथ देखें तो पाएंगे कि बड़ी संख्या में युवा कश्मीरी कॉलेज जा रहे हैं और देश भर में काम कर रहे हैं। ये सब जुड़ाव के संकेत हैं।
This story is from the May 12, 2025 edition of Business Standard - Hindi.
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