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चाहा हक मिली हिरासत
Outlook Hindi
|May 11, 2026
पिछले दो महीनों में हरियाणा, गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूरी बढ़ाने और बेहतर कार्य स्थितियों के आंदोलन भारी आर्थिक तंगी का आईना, सख्त पुलिसिया कार्रवाई कोई उपाय नहीं
अचानक बैसाखी के दिन दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूर सड़क पर उतरे तो लंबे अरसे बाद मजदूर सुर्खियों में आए, वरना ऐसा लगने लगा था जैसे मजदूर मायने ही रखते और मजदूर हक बेमानी हैं। अलबत्ता सुर्खियों का फोकस मजदूरों की मांगों पर कम, राजमार्गों और सड़कों के थम जाने से लोगों की दिक्कतों और कुछेक जगह हिंसक झड़पों पर ज्यादा था।
एक वजह यह भी है कि लगभग सारे मीडिया हाउस और टीवी न्यूज चैनलों का ठिकाना नोएडा में ही है। मजदूरी बढ़ाने और दूसरे अधिकारों के लिए जगह-जगह आंदोलन भड़कने की खबरें पिछले करीब दो महीने से लगातार आ रही थीं लेकिन नोएडा में करीब पचास हजार मजदूर अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतर आए, तो राष्ट्रीय राजमार्ग समेत सारा नोएडा थम गया। कर दिया गया। आगजनी और उपद्रव के लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर धर-पकड़ शुरू किया और कथित 'मास्टरमाइंड' बीटेक ग्रेजुएट आदित्य आनंद के सिर पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया। आखिर उसे तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से नोएडा पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पकड़ लिया। पुलिस को इस सिसिले में एक ऑटो रिक्शा चालक रूपेश राय और मनीष चौहान की तलाश है। मुख्यमंत्री को नक्सलवाद पनपने की फिक्र हुई, तो एक दूसरे मंत्री ने पाकिस्तान का हाथ ईजाद कर लिया। पुलिस का भी दावा है कि पाकिस्तान से संचालित दो एक्स हैंडल से दुष्प्रचार किया गया। इन सब में मजदूरों की मांगों और हक की बातें सिरे से गायब हो गईं।
नोएडा के मजदूरों की मांग थी कि उनको हरियाणा में हाल में बढ़ाई गई न्यूनतम मजदूरी के बराबर मजदूरी मिले। हरियाणा ने पिछले दिनों 14,000 रुपये न्यूनतम मासिक वेतन को बढ़ाकर 19,000 रुपये कर दिया, जो पहली अप्रैल से लागू है। उत्तर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी सिर्फ 13,000 रुपये है। नोएडा प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी 18,000 रुपये करने का ऐलान किया है।
This story is from the May 11, 2026 edition of Outlook Hindi.
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