Facebook Pixel खुश रहना है तो सोचने का नजरिया बदलिए | Sadhana Path - health - Read this story on Magzter.com

Try GOLD - Free

खुश रहना है तो सोचने का नजरिया बदलिए

Sadhana Path

|

May 2023

यह तो स्थापित सत्य है कि खुशी जो ताजगी चेहरे पर लाती है वही स्थाई रहती है और मन में अगर खुशी ना हो तो चेहरे की ताजगी और स्मार्टनेस दोनों ही बासी हो जाते हैं। प्रश्न यह है कि आखिर खुशी को बरकरार कैसे रखा जाए?

- सरिता शर्मा

खुश रहना है तो सोचने का नजरिया बदलिए

तनाव, स्ट्रेस, टेंशन। जरा सोचें तो आप भी मानेंगे कि ये तीन शब्द जो आज हर किसी के आसपास मंडराते रहते हैं, इन तीनों शब्दों का ज्यादा ना सही तो पांच-दस वर्ष पहले तक तो केवल डिक्शनरी में ही स्थान था। हां, मन नहीं लग रहा है, कुछ अच्छा नहीं लग रहा है या बहुत बोर हो रहे हैं, जैसे वाक्य जरूर आमतौर पर कभी-न-कभी लोगों के होंठों पर आ जाते थे और उसका इलाज भी बड़ा ही आसान सा होता था। थोड़ा-बहुत बाहर घूम आना, किसी दोस्त से गपशप कर लेना, फिल्म देखने चले जाना, या बहुत हुआ तो हिम्मत करके एक-आध सिगरेट सुलगा लेना, लेकिन इधर पिछले कुछ दशकों में इन तीन शब्दों ने अलादीन के जिन्न की तरह, न केवल हमारे दिलो-दिमाग पर कब्जा कर लिया है, वरन् इसके पंजों में फंसने वाले के दिलों से खुशी भी जैसे काफूर बनकर उड़ गई है और इस खुशी के गायब होने के नकारात्मक प्रभाव की सीमाएं कहां तक फैली हैं, इसका अगर विस्तार से वर्णन किया जाए, तो पन्ने के पन्ने रंगे जा सकते हैं।

डॉक्टर मानते हैं कि यह तनाव जिन पर हावी हो जाता है, उनकी या तो नींद बिल्कुल ही गायब हो जाती है या वह बहुत अधिक सोने लगते हैं। आमतौर पर याद रखने वाली चीजें, बल्कि कभी-कभी तो रोजमर्रा के काम भी याद नहीं रहते। किसी भी चीज पर फोकस नहीं हो पाता है और आसानी से किसी नतीजे पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। निर्णय क्षमता प्रभावित होती है और हर चीज में कमी देखना आदत बन जाती है।

भूख या तो बिल्कुल खत्म हो जाती है या बहुत ज्यादा लगने लगती है, इसके अलावा कब्ज, जी मतलाना जैसी समस्याएं तो आमतौर पर ही सर उठाने लगती हैं। जाहिर है कि शारीरिक और मानसिक स्तर पर जब ऐसी स्थितियों से सामना करना पड़ता है, तो दिल में खुशी कहां रुकने वाली है!

तनाव में होता है बेहद तेज सर दर्द

MORE STORIES FROM Sadhana Path

Sadhana Path

Sadhana Path

हिंदुत्व की पहचान संस्कार

संस्कार से ही व्यक्तित्व का निर्माण होता है। हमारे वेद पुराणों में भी कई संस्कारों का वर्णन है और यह सभी संस्कार वैज्ञानिक आधारों पर निर्मित हैं। कौन-कौन से हैं संस्कार तथा क्या है इन संस्कारों का महत्त्व ? आइए जानते हैं।

time to read

9 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

विज्ञान से भी सर्वोपरि ज्योतिष शास्त्र

वर्तमान युग विज्ञान का युग है किंतु हम ज्योतिष को नकार नहीं सकते, या कहें विज्ञान से भी सर्वोपरि है ज्योतिष, कैसे ? आइए जानें इस लेख से।

time to read

5 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

हिन्दू संस्कृति में रीति रिवाजों का वैज्ञानिक महत्त्व

हम सदियों से विभिन्न परम्पराओं, रीति-रिवाजों को मानते चले आ रहे हैं पर शायद हममें से बहुत कम लोग ही इसके पीछे विद्यमान तथ्यों को जानते होंगे के हम इनका अनुसरण क्यों करते हैं ? आइए लेख के माध्यम से जानें इन परंपराओं एवं रीति-रिवाजों में निहित वैज्ञानिकता को।

time to read

14 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

भविष्य बताने वाले शुभ-अशुभ संकेत

कहते हैं जो होना है वो तो होकर रहेगा। सब कुछ पहले से ही लिखा जा चुका है, किन्तु फिर भी हमारे जीवन में हमें ऐसे कई संकेत मिलते हैं जिससे हम भविष्य में होने वाली शुभ और अशुभ घटनाओं को पहचान सकें। ऐसे ही कुछ शुभ और अशुभ संकेतों को आइए जानते हैं लेख से।

time to read

8 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

अध्यात्म की यात्रा

आत्मा - यह शक्ति पुंज, इतना शक्तिशाली, इतना सक्ष्म है कि पर्वत भी हिला दे। इस शक्ति को पहचानो।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

पेट की सेहत को सुधारें इन टिप्स से

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आंतों को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। आंतों को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान में बदलाव करें।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

कान के दर्द में बड़े काम आएंगे दादी मां के नुस्खे

कान व्यक्ति के शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा है लेकिन फिर भी हम इसका पूरी तरह ख्याल नहीं रखते हैं, जिसके कारण अकसर हमें कान में दर्द या खुजली की समस्या होती है।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

शांति के क्षण

सामान्य रूप से, मन सदा कार्य में लगा रहता है। सदा अस्थिर रहना ही इसकी प्रकृति है।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

आत्मसंयम का अभ्यास

प्रायः हम देखते हैं कि परिवार में जीविका चलाने वाले-पिता या पुत्र, या कभी-कभी माता या पुत्री-मानसिक व्यसन की प्रवृत्ति को दर्शाते हैं, क्योंकि उनकी चेतना में है कि वे आदेश देने की स्थिति में हैं।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

दोपहर की एक छोटी-सी झपकी रखती है सेहतमंद

अक्सर दोपहर का भोजन करने के उपरात गहरी नींद आती है, यदि इस समय आप कुछ देर विश्राम करते हैं तो निश्चित तौर पर आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे। ध्यान रहे कि नींद केवल 30 से 45 मिनट तक की होनी चाहिए, अन्यथा आपको रात में नींद नहीं आएगी !

time to read

3 mins

May 2026

Translate

Share

-
+

Change font size