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CUBE – पाठशाला के छात्रों से जुड़े प्रोजेक्ट आधारित विज्ञान प्रयोग

होमी भाभ विज्ञान शिक्षा केन्द्र में CUBE (Collaboratively Understanding Biology Education), सहयोग से विज्ञान के प्रयोग करने की एक संस्कृति है।

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Shaikshanik Sandarbh
March - April 2021

हमारे बीच जाले बुनती और शिकार करती मकड़ियाँ

वे बहुत नन्हीं तो होती हैं लेकिन मकड़ियों का जीवन भी हमारी तरह अत्यन्त नाटकीय होता है। मकड़ियों को यह तय करना होता है कि वे अपने जाले कहाँ बनाएँ और भोजन कहाँ खोजें। कैसे अपने शत्रुओं से बचें, सम्भावित जोड़ीदार को कैसे ढूँदें और कैसे अपने शिशुओं का ख्याल रखें। है न दिलचस्प? आइए, हमारे साथ मकड़ियों के दिलचस्प संसार को खोजिए।

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Shaikshanik Sandarbh
March - April 2021

अम्ल, क्षार और pH आयनीकरण से लेकर बफर घोल तक

विज्ञान में पढ़ाई जाने वाली कई 'अवधारणाओं के समान उत्तरोत्तर विकास का विचार अम्ल और क्षार की अवधारणा पर भी लागू होता है। इसका मतलब है कि हम एक ही अवधारणा से बार-बार विभिन्न स्तरों पर मुलाकात करते हैं और अपनी समझ को तराशते जाते हैं। स्कूलों में इस विषय को बहुत ही चलताऊ ढंग से पढ़ाया जाता है, उससे सम्बन्धित अवधारणाओं को गहराई से टटोलने की कोशिश करता है यह आलेख। उम्मीद है कि इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि कैसे आयनीकरण pH का निर्धारण करता है और किसी भी जलीय घोल की pH से तय होता है कि वह अम्ल की तरह बर्ताव करेगा या क्षार की तरह।

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Shaikshanik Sandarbh
March - April 2021

होमो लूडेन्स- खिलन्दड़ मानव

यो ज़े दे ब्लोक के साथ हुई अपनी बातचीत के कई दिनों बाद तक मेरा दिमाग इसी सवाल पर बार-बार वापस लौटता रहा: अगर सारा समाज भरोसे पर आधारित होता, तो कैसा होता?

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Shaikshanik Sandarbh
March - April 2021

मेरा रोज़नामचा: शिक्षा के बारे में सीखना

"तो क्या,” उन्होंने कहा, “तुम छोड़ना क्यों चाहते हो?" “बच्चे तो हर जगह बच्चे होते हैं,” उन्होंने समझाया। मैं सहमत था। "लेकिन क्या हम इस गैर-बराबर और अन्यायी शिक्षा व्यवस्था से आँखें चुरा सकते हैं?” मैंने पूछा।- वैली स्कूल में एक बातचीत

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Shaikshanik Sandarbh
January - February 2021

घोंघे की खोल में घुमाव कैसे आता है?

सममिति यानी सिमेट्री कई पौधों, जन्तुओं और यहाँ तक कि पानी जैसे कुछ अणुओं का भी गुण होता है। लेकिन घोंघे और उसके कुण्डलित खोल में यह बात नहीं है।

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Shaikshanik Sandarbh
January - February 2021

कोरोना काल में बच्चों की मनोस्थिति पर एक नज़र

परिचय घरों से बाहर न निकल पाना, लोगों से नहीं मिलना, आसपास का सूनापन और टीवी पर दिन-भर कोविड से जुड़ी खबरें देखना जब हम सब बड़ों पर इतना असर कर रहा था, तो यह सब बच्चों पर किस प्रकार का प्रभाव डाल रहा होगा! अध्ययन बताते हैं कि तनाव बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सीखने की प्रक्रिया पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। तनावपूर्ण परिस्थितियों में जीने से बच्चों में बेचैनी, डर, मूड ऊपर-नीचे होना और अन्य मानसिक बीमारियों से ग्रसित होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

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Shaikshanik Sandarbh
January - February 2021

एक फूटा थर्मामीटर और सविनय अवज्ञा

चम्पारन में सविनय अवज्ञा आन्दोलन के बीज जर्मनी में बी.ए.एस.एफ.की प्रयोगशाला में बोए गए थे क्योंकि इतना सस्ता उत्पादन होने के बाद भारत के किसानों को नील का उत्पादन बन्द कर देना पड़ा था।

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Shaikshanik Sandarbh
January - February 2021

शून्य पर समझ

अगर मैं आपसे पूछू कि ओ, डक और लव में क्या समानता है, तो आप या तो थोड़ा चुप रहेंगे या कहेंगे कि कुछ भी समानता नहीं या कहेंगे कुछ समानता हो सकती है, पर अभी मुझे सूझ नहीं रहा है।

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Shaikshanik Sandarbh
January - February 2021

धोखेबाज़ तितलियाँ

छोटे कीटों की दुनिया अद्भुत होती है। न जाने कितने सारे लोगों ने कीटों के अध्ययन में अपना जीवन लगा दिया, फिर भी दुनिया के सबसे बड़े जीवसमूह में शुमार कीट वर्ग (class) के बारे में बहुत ही कम जानकारी हमारे पास होगी।

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Shaikshanik Sandarbh
November - December 2020

ज्ञान का स्वामित्व और नाटक प्रक्रिया

'ज्ञान का स्वामित्व' जिसके अन्तर्गत ये माना जाता है कि एक बच्चा अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं करता है, की रोशनी में, नाटक की प्रक्रिया में इसको हासिल करने के कुछ अनुभव और उनपर चर्चा।

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Shaikshanik Sandarbh
November - December 2020

महाराष्ट्र के सरकारी अनुदान प्राप्त सेमी-इंग्लिश स्कूलों से क्या सीख सकते हैं?

हाल ही में, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकार द्वारा दिए गए आर्दश कि सभी सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम बनाया जाए, को खारिज कर दिया है। अभिभावकों की आकांक्षाओं के नाम पर हम कई बार कुछ ऐसे विकृत विकल्प चुनते हैं, इसलिए जागरूक सार्वजनिक बहस की बहुत ज़रूरत है।

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Shaikshanik Sandarbh
November - December 2020

प्रतिबिम्ब: वास्तविक या आभासी?

मुझे झे हमेशा से अपने वैज्ञानिक मिज़ाज पर गर्व रहा है मैं हर चीज़ पर सवाल उठाती हूँ, और किसी कथन को स्वीकार करने से पहले खुद आज़माकर देखना चाहती हूँ। और जिन चीज़ों को मैं अन्य लोगों के अन्धविश्वास मानती हूँ, उन्हें मैं काफी बेरहमी से खारिज करती हूँ।

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Shaikshanik Sandarbh
September - October 2020

अजगर की शरीर-क्रिया की समझ के फायदे

24 दिसम्बर को भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में प्रवेश लेते हुए सुबह के साढ़े ग्यारह बज रहे थे। इसके बावजूद सूर्य नदारद था। घने कोहरे के कारण चेन्नई से आई छह सदस्यीय फोटोग्राफर्स की एक टीम, पक्षियों के फोटो खींचने की बजाय अपना समय गप्पे मारने में लगा रही थी।

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Shaikshanik Sandarbh
September - October 2020

छोटे, फिर भी महान: विश्वव्यापी बैक्टीरिया

मानव चाहे जितना विध्वंस करे और चाहे पृथ्वी पर से अपने वंश को ही खत्म कर दे, फिर भी संसार के असली मालिक बैक्टीरिया के साम्राज्य को कोई हानि नहीं पहुंचेगी।

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Shaikshanik Sandarbh
September - October 2020

फूलों का खिलना और मुरझाना

फूलों की आयु या दीर्घायु को समय के अनुरूप परिभाषित किया जा सकता है। इस अन्तराल में फूल खुला और कार्यात्मक रहता है, और पौधों की प्रजनन सफलता के लिए यह एक महत्वपूर्ण विशेषता है क्योंकि यह सीधे परागण प्रक्रिया के लिए उपलब्ध समय को निर्धारित करता है, और इस प्रकार, परागकण के वितरण में सहायक है।

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Shaikshanik Sandarbh
September - October 2020

एक दिन मन्ना डे

छियासी यासी बरस के मन्ना डे उस दिन शहर में आए थे। जीवनकाल में ही अमर हो चुके अपने अनेक गीतों को गाने के लिए। कार्यक्रम का ज़्यादा प्रचार नहीं हुआ लेकिन धीरे-धीरे खबर फैलती गई कि मन्ना डे शहर में आज गाना गाएँगे।

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Shaikshanik Sandarbh
July - August 2020

विषाणु: उधार की ज़िन्दगी या फिर जैव-विकास के अनोखे खिलाड़ी

इस लेख के शीर्षक को पढ़कर यह ख्याल आना लाज़मी है कि भला उधार की ज़िन्दगी भी कोई जी सकता है! जी हाँ, यह सच ही है, विषाणु या वायरस दरअसल, उधार पर ही ज़िन्दगी जी रहे हैं लेकिन इस एक वाक्य से विषाणुओं को पूरी तरह से नज़रन्दाज़ नहीं कर सकते, न ही उन्हें हल्के में लिया जा सकता है। यहाँ इनसे अलग जैविक वायरस या विषाणुओं की बात करेंगे (कम्प्यूटर वायरस पर लेख संदर्भ अंक-83 में पढ़ा जा सकता है।

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Shaikshanik Sandarbh
July - August 2020

पेड़-पौधे कैंसर से क्यों नहीं मरते?

चेर्नोबिल विभीषिका का पर्याय बन गया है। हाल ही में चेर्नोबिल दुर्घटना को इसी नाम के एक अत्यन्त लोकप्रिय टीवी शो ने वापिस लोगों के सामने ला खड़ा किया।

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Shaikshanik Sandarbh
March - April 2020

प्रकाश की गति

सन् 2015 अन्तर्राष्ट्रीय प्रकाश वर्ष के रूप में मनाया जा रहा था। प्रकाश के गुण, प्रकाश सम्बन्धी परिघटनाओं और प्रकाश के अनुप्रयोग पर चर्चा के लिए जगह-जगह गोष्ठी, सम्मेलन, वक्तव्य, कार्यशाला आदि आयोजित हो रहे थे, तो मन में प्रकाश के बारे में और पढ़ने की जिज्ञासा हुई। इसी क्रम में पढ़ते-पढ़ते कुछ लिखने का भी मन हुआ तो प्रकाश द्वारा एक सेकण्ड में तय की जाने वाली 30,00,00,000 मीटर की यात्रा पर जाने का विचार जागा। प्रस्तुत लेख में उसी यात्रा के कुछ अंश का ज़िक्र कर रही हूँ।

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Shaikshanik Sandarbh
March - April 2020

बच्चों और बड़ों की किताब 'पूड़ियों की गठरी'

हिन्दी बाल साहित्य में अच्छी रचनाएँ कम ही मिल पाती हैं। उसमें भी ऐसी रचनाएँ और कम होंगी जिनमें बच्चों के रोज़मर्रा के जीवन का स्पन्दन हो। इस बात को ध्यान में रखते हुए नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित पुस्तक पूड़ियों की गठरी एक ताज़ी हवा के झोंके के समान है।

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Shaikshanik Sandarbh
March - April 2020

पुस्तकालय में डिस्प्ले का महत्व

हमारा पुस्तकालय गौरा गाँव में एक छोटे-से कमरे में संचालित होता है। यह ढेर सारी किताबों और डिज़ाइनर सूचना पटलों से लैस तो नहीं है, पर हमारी कोशिश होती है कि हम एक पुस्तकालय के लिए ज़रूरी सभी सामग्री इस छोटे-से पुस्तकालय में ला पाएँ।

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Shaikshanik Sandarbh
January - February 2020

मधुमक्खी का दिशा ज्ञान

हम इधर-उधर घूमते हैं, अनजानी जगहों पर अपनी स्थिति-दिशा जान लेते हैं और फिर तुरन्त ही अपने घर या स्कूल का रास्ता पहचान लेते हैं। और यह सब करते हुए हमें उस प्रक्रिया का तनिक भी भान नहीं होता जिसकी वजह से हम यह सब कर पाते हैं | हमारे जैसे जटिल शहरों में दिशा ढूँढ़ने का हुनर कोई आसान नहीं, हमें दूरी और दिशा का ज्ञान होना चाहिए।

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Shaikshanik Sandarbh
March - April 2020

क्या भारी वस्तुएँ हल्की वस्तुओं की तुलना में तेज़ी-से गिरती हैं?

हमारे दैनिक अनुभव से हम देखते हैं कि भारी वस्तुएँ हल्की वस्तुओं की तुलना में तेज़ी-से गिरती हैं। एक नोटबुक और उसी नोटबुक से लिए गए एक पेपर के टुकड़े को एक ही ऊँचाई से गिराते हैं तो नोटबुक बहुत तेज़ी-से गिरती है। लम्बे समय तक यह माना जाता था कि गिरने वाली वस्तु की गति उसके द्रव्यमान पर निर्भर करती है।

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Shaikshanik Sandarbh
January - February 2020

नई शिक्षा नीति और स्कूलों की बोर्ड परीक्षाएँ

नई शिक्षा नीति के प्रारूप (ड्राफ्ट नेशनल एजुकेशन पॉलिसी - डीएनईपी) का एक महत्वपूर्ण सुझाव है कि स्कूल से निकलने वाले बच्चों की बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया जाए।

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Shaikshanik Sandarbh
March - April 2020

बैंकिंग प्रणाली के लिए भरोसा और नियमन

कुछ ही दिन पहले लोगों में यस बैंक से पैसे निकालने को लेकर भगदड़ मच गई थी। यह तब हुआ था जब रिज़र्व बैंक ने घोषित कर दिया था कि यह बैंक संकट में है और इसका अधिग्रहण कर लिया जाएगा। लोग पैसा निकालने को दौड़ पड़े और इसे ही 'बैंक पर टूट पड़ना' कहा जाता है।

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Shaikshanik Sandarbh
May - June 2020

मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा क्यों लाज़मी?

एक से चार अप्रैल 2013 के बीच मुझे आधिकारिक रूप से छत्तीसगढ़ एस.सी.ई.आर.टी. टीम के साथ बस्तर जाने का अवसर मिला था। बस्तर जाने का यह मेरा पहला मौका था।

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Shaikshanik Sandarbh
May - June 2020

जीवजगत में लिंग निर्धारण: क्या जानते हैं हम?

मनुष्यों सहित अधिकांश बहु- कोशिकीय जीवों में जीवन की निरन्तरता बनाए रखने में लैंगिक प्रजनन एक महत्वपूर्ण गुण है। पीढ़ियों की उत्तरजीविता में प्रजनन दरअसल पहला कदम होता है।

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Shaikshanik Sandarbh
May - June 2020

सवालीराम

सवालः हमें गुदगुदी क्यों होती है?

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Shaikshanik Sandarbh
November - December 2019

भारतीय भाषाएँ व संविधान

जब हिन्दी व अंग्रेज़ी का फैसला हो गया था तो फिर आठवीं सूची बनाने की क्या आवश्यकता थी? दो प्रश्न संविधान सभा की बहसों में निरन्तर टाले गए । एक भाषा का और दूसरा संसद का सदस्य होने के लिए आवश्यक योग्यता का । दोनों आज तक हमारे गले में लटके हैं ।

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Shaikshanik Sandarbh
November - December 2019

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