The Perfect Holiday Gift Gift Now

सियासी यतीम !

Jansatta

|

January 03, 2026

लगी है संघ के सांगठनिक ढांचे की तारीफ करने की।

इसके बाद उन नेताओं को दक्षिणपंथी मानसिकता का करार देकर इसे पार्टी की सफाई का अवसर बता दिया जाता है। नए साल की राजनीतिक लड़ाई में विपक्ष के लिए हम सड़क का ही शब्द 'रीस' दे रहे हैं। सत्ता को शक्तिशाली होते देख जलने से अच्छा है, जोश में मुकाबला करना। मुकाबला आप अपनी राजनीतिक विचारधारा के तहत ही करें। मुकाबले के बिना आप सियासी यतीम हो जाएंगे। नए साल में विपक्ष की चुनौतियों पर चर्चा करता बेबाक बोल।

वर्ष 2025 दो विपरीत राजनीतिक विचारधाराओं के सांस्थानिक जन्म का शताब्दी वर्ष था। पहली संस्था है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और दूसरी संस्था है, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी।

जब संघ अपनी स्थापना के सौ साल मना रहा है, तब भारतीय जनता पार्टी 2014 के बाद से लगातार सत्ता में है। सत्ता, यानी शक्ति। इस ब्रह्मांड में सबसे ज्यादा आकर्षण शक्ति के प्रति होता है। मौजूदा शक्तिशाली से कोई कितनी भी नफरत कर ले, लेकिन उसका अंतिम उद्देश्य शक्तिशाली बनना ही होता है। मानव अस्तित्व का संघर्ष ही अशक्त से सशक्त बनने का रहा है।

एक ही समय में दो विचारधाराओं का शताब्दी वर्ष, लेकिन पूरी सियासी जमात का आकर्षण सिर्फ उस संस्था की तरफ हो रहा है, जिसे मौजूदा सत्ता की पितृ-संस्था कहा जाता है। उसकी चमक और धमक के आगे अन्य राजनीतिक शक्तियां धूमिल सी हो गई हैं।

दक्षिण और वाम, इन दो विचारधाराओं के मध्य में तीसरी विचारधारा भी है, जो देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी है। 2014 के बाद से ही कांग्रेस अपने राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। राजनीति के मैदान में एक बार शक्तिहीन होने के बाद आपका आकर्षण खत्म हो जाता है। आकर्षण सिर्फ इसलिए खत्म नहीं हुआ, क्योंकि आप सत्ता पक्ष में नहीं हैं। आकर्षण इसलिए भी खत्म हो रहा है कि विपक्ष के रूप में आपकी मौजूदगी शक्तिशाली नहीं है। यह सत्ता पक्ष की रणनीति रही कि वह विपक्ष के लिए कोई जगह ही नहीं छोड़े। कांग्रेस ने इस स्थिति को झुक कर कबूल, कबूल, कबूल कर भी लिया कि उसे नकारात्मकता का प्रतीक बना दिया गया है।

Jansatta からのその他のストーリー

Jansatta Delhi

विधानसभा सत्र में 'फांसी घर' पर प्रस्ताव लाए जाने की उम्मीद

जनसत्ता संवाददाता नई दिल्ली, 2 जनवरी।

time to read

1 mins

January 03, 2026

Jansatta Delhi

तिरुपति लड्डू विवाद : टीटीडी के सुब्बा रेड्डी को अंतरिम राहत नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने तिरुपति मंदिर में प्रसदि के रूप में मिलने वाले लड्डुओं में मिलावट के सिलसिले में कथित मानहानिकारक लेखों के खिलाफ तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।

time to read

1 min

January 03, 2026

Jansatta Delhi

पति का वित्तीय प्रभुत्व क्रूरता नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिगड़े हुए वैवाहिक संबंध में पति द्वारा अलग रह रही अपनी पत्नी पर वित्तीय प्रभुत्व जमाना क्रूरता का कृत्य नहीं है।

time to read

1 mins

January 03, 2026

Jansatta Delhi

गृहमंत्री को धमकी देना देश के लोकतंत्र पर हमला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि संविधान की शपथ लेकर सत्ता में बैठीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज उसी संविधान की आत्मा को खुलेआम चुनौती दे रही हैं।

time to read

1 mins

January 03, 2026

Jansatta

प्रोफेसर और तीन छात्राओं के खिलाफ मामला दर्ज

धर्मशाला में रैगिंग और यौन उत्पीड़न का मामला

time to read

1 mins

January 03, 2026

Jansatta

दिल्ली हवाई अड्डे पर करीब 21 करोड़ की कोकीन जब्त, दो गिरफ्तार

सीमा शुल्क विभाग (कस्टम) ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आइजीआइ) हवाई अड्डे पर दो यात्रियों के पास से लगभग 21 करोड़ रुपए मूल्य की कोकीन जब्त की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

time to read

1 min

January 03, 2026

Jansatta

'विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां दो साल के निचले स्तर पर'

रुपया शुक्रवार को फिर 90 के स्तर से नीचे फिसल गया और 22 पैसे टूटकर 90.20 प्रति डालर पर बंद हुआ। निराशाजनक वृहत आर्थिक आंकड़ों और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने से रुपया दबाव में रहा ।

time to read

1 min

January 03, 2026

Jansatta

'गिग' कामगारों के लिए साल में 90 दिन का काम जरूरी

श्रम मंत्रालय ने एप-आधारित डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर और फ्रीलांसर जैसे अस्थायी कामगारों (गिग कर्मियों) को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए साल भर में कम-से-कम 90 दिन काम करने का प्रस्ताव रखा है।

time to read

1 mins

January 03, 2026

Jansatta

हाई कोर्ट ने दिया टैंकर से पानी आपूर्ति का आदेश

इंदौर में मौत के आंकड़े पर आमने-सामने पक्ष और विपक्ष

time to read

2 mins

January 03, 2026

Jansatta

कोर्ट ने हत्या के मामले में पुजारी और उसकी पत्नी को दोषी ठहराया

दिल्ली की एक अदालत ने 2017 में पूर्वी दिल्ली के कैलाश नगर स्थित एक मंदिर परिसर में एक व्यक्ति की हत्या करने और उसके शव को जलाकर सबूत मिटाने के प्रयास के मामले में पुजारी और उसकी पत्नी को दोषी ठहराया है।

time to read

1 min

January 03, 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size