Facebook Pixel बुद्धि पर पहरा | Jyotish Sagar - religious-spiritual - इस कहानी को Magzter.com पर पढ़ें

कोशिश गोल्ड - मुक्त

बुद्धि पर पहरा

Jyotish Sagar

|

May 2025

यदि लग्नेश पंचम भाव में स्थित होता है, तो पूर्व पुण्यों के प्रताप से जातक के अन्दर ऐसी कोई प्रतिभा अवश्य होती है, जिसके लिए उसने इस जन्म में कोई प्रयास नहीं किया होता।

- डॉ. सुकृति घोष

बुद्धि पर पहरा

जन्मकुण्डली का पंचम भाव बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका कारण यह है कि हमारा ज्योतिषशास्त्र पूर्णतः कर्मफल के सिद्धान्त पर ही आधारित है और पंचम भाव पूर्व अर्जित पुण्यों का भाव कहलाता है। प्रत्येक जातक जन्म-जन्मान्तर की चेतनाओं को वहन करता है। पूर्वजन्म के पुण्य अथवा पाप ही हमारे चित्त पर अंकित होते हैं और उसी के अनुरूप ही हमारी बुद्धि और विवेक का निर्माण होता है।

अन्य शब्दों में यह कहा जा सकता है कि यदि पूर्वजन्म में हमने सद्कर्म किए हों, तो ही हमारी बुद्धि सात्विक होती है तथा हमारे अन्दर बुद्धिमत्ता होती है। यही कारण है कि पंचम भाव हमारी बौद्धिक क्षमताओं तथा विवेक का भी भाव है। किसी भी जातक की जन्मपत्रिका के पंचम भाव तथा पंचमेश का शुभ स्थिति में होना बहुत अच्छा माना जाता है। ऐसी स्थिति में पंचमेश की दशा-अन्तर्दशा में पूर्वार्जित पुण्य जाग्रत होने के कारण जातक को अत्यधिक शुभ परिणामों की प्राप्ति होती है।

पंचम भाव एवं पंचमेश की शुभ स्थिति होने पर ही जातक की बुद्धि तथा विवेक सही दिशा में काम करते हैं। इसके विपरीत यदि पंचम भाव अथवा पंचमेश पीड़ित हों, तो यह भाव पूर्व अर्जित पापों के फल देता है। ऐसी स्थिति में जातक अपनी बुद्धि का सदुपयोग नहीं कर पाता अथवा उसकी बुद्धि अनुचित दिशा में कार्य करवाने के लिए बाध्य करती है। पंचम भाव से व्यक्ति की मानसिकता का पता चलता है। पंचम भाव यदि अशुभ प्रभाव में हो, तो यह स्थिति जन्मपत्रिका के लिए अच्छी नहीं मानी जाती, क्योंकि इस स्थिति में यह कहा जा सकता है कि जातक ने पूर्वजन्मों में पुण्य कार्य नहीं किए हैं।

जन्मकुण्डली का पंचमेश यदि किसी अन्य भाव के स्वामी के साथ युति, दृष्टि अथवा राशि परिवर्तन करके सम्बन्ध बना रहा हो, तो उस भाव के भी सुखद परिणाम प्राप्त होते हैं, क्योंकि ऐसी स्थिति में पूर्व अर्जित पुण्यों का फल वह भाव भी प्राप्त करता है, जिसके साथ पंचमेश सम्बन्ध बना रहा हो।

Jyotish Sagar

यह कहानी Jyotish Sagar के May 2025 संस्करण से ली गई है।

हजारों चुनिंदा प्रीमियम कहानियों और 10,000 से अधिक पत्रिकाओं और समाचार पत्रों तक पहुंचने के लिए मैगज़्टर गोल्ड की सदस्यता लें।

क्या आप पहले से ही ग्राहक हैं?

Jyotish Sagar से और कहानियाँ

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

सूक्ष्म शरीर की अदृश्य ऊर्जा!

सूक्ष्म शरीर की आकृति भी स्थूल शरीर के अनुरूप ही होती है। इसमें पंचभौतिक तत्त्व नहीं होने से इसको पोषण के लिए स्थूल पदार्थों की आवश्यकता नहीं होती है।

time to read

4 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

भगवान् शिव की पूजा क्यों? कैसे? कहाँ?

जानिए, स्वयं शिव के श्रीमुख से!

time to read

3 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

विभिन्न भावों में ग्रहों के 12 प्रकार से फल

नवम भाव में ग्रहों के 12 प्रकार से फल (भाग-9)

time to read

13 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

मृत संजीवनी तन्त्र सत्य अथवा कल्पना!

भारतवर्ष की तान्त्रिक परम्परा में ऐसे अनेक रहस्य छिपे हैं, जो सामान्य व्यक्ति के लिए कल्पना मात्र हैं, परन्तु साधकों के लिए यथार्थ से भी बढ़कर।

time to read

3 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

हॉस्पिटल, क्लीनिक एवं डॉक्टर के लिए वास्तु

चिकित्सा केवल दवाइयों, मशीनों अथवा आधुनिक तकनीक तक सीमित नहीं है।

time to read

5 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

नीचराशिस्थ बुध के फल

जन्मपत्रिका में नीचराशिस्थ ग्रहों के फल : एक विस्तृत अध्ययन (भाग-22)

time to read

13 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

घर के मन्दिर में भगवान् का मुख किस दिशा में हो?

घर के मन्दिर में भगवान् का मुख पश्चिम अथवा दक्षिण दिशा की ओर इसलिए रखा जाता है ...

time to read

2 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

क्या विश्वकप में फ्रांस को जिता पाएँगे एम्बाप्पे?

एम्बाप्पे की जन्मपत्रिका का विश्लेषण

time to read

4 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कैसी रहेगी कर्नाटक में शिवकुमार की सरकार!

शपथग्रहण कुण्डली का विश्लेषण

time to read

2 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कल्पवृक्ष है गुरु भोग से मुक्ति तक सब है सुलभ

राजा जनक ने अष्टावक्र से कई तरह की जिज्ञासाएँ की और अष्टावक्र ने अपने ज्ञान से उनका समाधान किया। जनक ने अष्टावक्र को गुरु के रूप में कल्पवृक्ष मान लिया।

time to read

4 mins

July 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size