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एआई के दौर में इंटरनेट प्रबंधन की वैश्विक चुनौती

Business Standard - Hindi

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October 15, 2025

एआई के दौर में इंटरनेट का संचालन करने के लिए सरकारों और उन निकायों के बीच सहमति की आवश्यकता होगी जो इसके सेवा प्रदाता हैं या इन सेवाओं के बड़े उपयोगकर्ता हैं। बता रहे हैं नितिन देसाई

- बिनय सिन्हा

एआई के दौर में इंटरनेट प्रबंधन की वैश्विक चुनौती

बीते कुछ दशकों में जो सबसे अहम तकनीकी उन्नति नजर आई है वह नई सूचना प्रौद्योगिकी के विकास से संबंधित है। वर्ष 1990 में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की कुल संख्या करीब 30 लाख थी। इनमें भी अधिकांश लोग अमेरिका में थे। तब से अब तक इंटरनेट के इस्तेमाल में अभूतपूर्व इजाफा हुआ है और आज दुनिया भर में करीब 5.5 अरब लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इसमें विकसित देशों की 93 फीसदी आबादी और विकासशील देशों की 63 फीसदी आबादी शामिल है। मोबाइल संचार और मोबाइल फोन के विकास ने भी इस तेजी में अहम भूमिका निभाई है। यह स्पष्ट रूप से हाल के वर्षों में दुनिया की अब तक की सबसे तेज और बड़ी तकनीकी प्रगति है।

20 वीं सदी के अंत में जब इंटरनेट का इस्तेमाल व्यापक हो चला था और वह बहुत हद तक वाणिज्यिक रुझान वाला हो गया था तब सरकारें मानक निर्धारण, आवंटन अधिकार के लिए संस्थानों के चयन, और इंटरनेट शासन से जुड़े अन्य पहलुओं में अधिक भूमिका चाहती थीं।

इसी कारण वर्ष 2003 और 2005 में दो बार विश्व सूचना समाज शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (आईजीएफ) की स्थापना की मांग की गई। तब से बीते 20 साल से हर वर्ष आईजीएफ की बैठक हो रही है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा देखे जाने वाले अधिकांश विकास संबंधी मुद्दों में प्रभावी नियंत्रण का केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर होता है। यहां तक कि दूरसंचार जैसी अंतरराष्ट्रीय संपर्क वाली गतिविधियों में भी। परंतु इंटरनेट इससे अलग है। यह एक वैश्विक सुविधा है और इसके सभी तत्व वैश्विक प्रकृति के हैं, भले ही उनमें से कुछ किसी राष्ट्र की पहचान रखते हों। इसलिए केवल राष्ट्रीय नीतियों का समन्वय पर्याप्त नहीं है। इंटरनेट बुनियादी रूप से सीमाओं के पार साझेदारियों का नतीजा है। यही वजह है कि इसकी प्रबंधन प्रणाली को वैश्विक प्रबंधन के रूप में देखा जाना चाहिए जिसमें राष्ट्रीय प्रभाव की भूमिका हो। बजाय कि केवल वैश्विक समन्वय की जरूरत वाले राष्ट्रीय प्रबंधन के रूप में।

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