Vuélvete ilimitado con Magzter GOLD

Vuélvete ilimitado con Magzter GOLD

Obtenga acceso ilimitado a más de 9000 revistas, periódicos e historias Premium por solo

$149.99
 
$74.99/Año

Intentar ORO - Gratis

दायित्व का बोझ और शिक्षक की गरिमा

Jansatta

|

January 23, 2026

किसी भी राष्ट्र में शिक्षक की गरिमा का क्षरण उस समाज की आत्मबोधहीनता का संकेत होता है। शिक्षक की उपेक्षा किसी एक वर्ग का अपमान नहीं, बल्कि वह उस विचार की उपेक्षा होती है कि ज्ञान, विवेक और प्रश्न पूछने की क्षमता किसी समाज के लिए कितनी आवश्यक है।

- मोंटी सिंह

एक समय था जब शिक्षक समाज का पथप्रदर्शक माना जाता था। आज वही शिक्षक व्यवस्था की हर कमी को पूरा करने वाला सबसे सुविधाजनक संसाधन बनता जा रहा है। सुरक्षा, निगरानी और प्रशासनिक आवश्यकताओं के नाम पर उसे ऐसे कार्य भी करने पड़ रहे हैं, जिनका असल में शिक्षा से कोई सीधा संबंध नहीं है। शिक्षा व्यवस्था में जिस बदलाव की अपेक्षा थी, कई बार उसके विपरीत भी हो रहा है। निश्चित रूप से इसके दूरगामी परिणाम होंगे। कुछ समय पहले शीर्ष न्यायालय के आदेश के अनुपालन के संदर्भ में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों को आवारा कुत्तों से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने की खबर आई। इस क्रम में सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालय परिसरों में आवारा कुत्तों की निगरानी तथा उनसे बचाव के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपने की भी खबर थी। औपचारिक रूप से यह व्यवस्था सुरक्षा के उद्देश्य से है, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर यह आदेश एक गहरे और असहज प्रश्न को जन्म देता है। क्या शिक्षकों को इस तरह के या अन्य गैर-शिक्षण कार्यों में लगाना शैक्षणिक दायित्वों के अनुरूप है?

शिक्षण कार्य को बेहद जिम्मेदारी का और गरिमापूर्ण कार्य माना जाता है। मगर क्या गैर-शिक्षण कार्य से संबंधित दिशा-निर्देश शिक्षकों की गरिमा के साथ न्याय करते हैं? यह प्रश्न इसलिए और गंभीर हो जाता है, क्योंकि यह कोई पहला अवसर नहीं है। इससे पहले भी शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी, जनगणना, पशुगणना, मतदाता सूची का पुनरीक्षण, सत्यापन, सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता अभियान, कोविड निगरानी, सामाजिक अभियानों और अन्य अनेक गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगातार लगाया जाता रहा है। इन परिस्थितियों में यह बहस स्वाभाविक है कि क्या शिक्षक को अब हर प्रशासनिक दायित्व को पूरा करने वाला सुलभ मानव संसाधन मान लिया गया है? सुरक्षा और संवेदनशीलता जैसे मुद्दों की आड़ में अगर शिक्षक को उसके मूल कार्य, यानी पढ़ाने, शोध करने, अकादमिक मार्गदर्शन इत्यादि से निरंतर दूर किया जाएगा, तो इसका दीर्घकालिक प्रभाव केवल शिक्षकों पर नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था और समाज के बौद्धिक भविष्य पर पड़ेगा। यह सवाल अब केवल आदेश की वैधानिकता का नहीं, बल्कि दृष्टिकोण और प्राथमिकता का भी है।

MÁS HISTORIAS DE Jansatta

Jansatta

राज्यपाल ने तीन वाक्य में समाप्त किया संबोधन कर्नाटक : मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने उन्हें केंद्र सरकार की ‘कठपुतली’ करार दिया

कर्नाटक : मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने उन्हें केंद्र सरकार की 'कठपुतली' करार दिया

time to read

1 mins

January 23, 2026

Jansatta

यूरोपीय संघ ने निर्यात लाभ छूट को रोका, भारत से कारोबार पर असर संभावित

यूरोपीय संघ (ईयू) ने एक जनवरी, 2026 से भारत और दो अन्य देशों को सामान्यीकृत तरजीही व्यवस्था (जीएसपी) के तहत कुछ क्षेत्रों को दिए गए विशेष निर्यात लाभ को स्थगित कर दिया है।

time to read

1 min

January 23, 2026

Jansatta

तमिलनाडु में राजग की बैठक, प्रधानमंत्री आज करेंगे चुनावी शंखनाद

तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अन्नाद्रमुक नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की चली लंबी बैठकों के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी शंखनाद करेंगे।

time to read

2 mins

January 23, 2026

Jansatta

वक्त बनाम विवेक

तेजी से फैलते उपभोक्तावादी तंत्र के बीच 'फास्ट-कामर्स' यानी तुरंत सामान हासिल करना या उसकी आपूर्ति करने का तंत्र एक ऐसी आक्रामक व्यवस्था बनकर उभरा है, जो सुविधा के नाम पर समाज की संवेदनात्मक परतों, बाजार की स्वाभाविक लय और अर्थव्यवस्था की स्थायी संरचनाओं को भीतर ही भीतर क्षीण कर रहा है।

time to read

3 mins

January 23, 2026

Jansatta

राजधानी में आज हल्की बारिश की संभावना

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है, जिसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली में आज यानि 23 जनवरी को देखने को मिलेगा।

time to read

1 mins

January 23, 2026

Jansatta

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मिला दूसरा नोटिस

प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान के बाद से शुरू हुआ गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।

time to read

1 min

January 23, 2026

Jansatta

फिल्मों की कहानी और निर्देशन में भारी बदलाव

भारतीय फिल्म उद्योग ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है।

time to read

2 mins

January 23, 2026

Jansatta

किसानों ने मजदूरों को रास्ता दिखाया, एकजुट हों : राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' (मनरेगा) की जगह लाए गए 'विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम' को लेकर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी तथा केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और लोगों का आह्वान किया कि वे सरकार के इस कदम के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों।

time to read

1 min

January 23, 2026

Jansatta

भारत एक दशक में महत्त्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक शक्ति बना

भारत ने पिछले दशक में एक 'उभरती' अर्थव्यवस्था की अपनी से छवि से बाहर निकल कर खुद को 'महत्त्वपूर्ण' वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में तब्दील किया है जिसकी नींव मजबूत वृद्धि एवं व्यापक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा है।

time to read

2 mins

January 23, 2026

Jansatta

गाजा शांति निकाय से भारत का किनारा

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने अनावरण किया

time to read

3 mins

January 23, 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size