Facebook Pixel जिधर फायदा, उधर रालोद और सुभासपा | DASTAKTIMES - news - Lee esta historia en Magzter.com
Vuélvete ilimitado con Magzter GOLD

Vuélvete ilimitado con Magzter GOLD

Obtenga acceso ilimitado a más de 9000 revistas, periódicos e historias Premium por solo

$149.99
 
$74.99/Año

Intentar ORO - Gratis

जिधर फायदा, उधर रालोद और सुभासपा

DASTAKTIMES

|

July 2023

आज भी राष्ट्रीय लोकदल सभी पार्टियों की चहेती बनी हुई है तो इसकी वजह है पश्चिमी यूपी में जाट वोटों पर उसकी दमदार पकड़ वेस्ट यूपी में जाट वोटर हमेशा निर्णायक भूमिका में रहते हैं। किसी भी राजनैतिक दल को रालोद से गठबंधन करने में परहेज नहीं रहता है तो रालोद भी मौके की नजाकत भांप कर किसी भी पार्टी के साथ समझौता करने को तैयार रहता है।

- संजय सक्सेना

जिधर फायदा, उधर रालोद और सुभासपा

त्तर प्रदेश की सियासत को आजकल राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चौधरी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेता ओमप्रकाश राजभर अपने पल-पल बदलते बयानों से गरमाए हुए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दल किस पाले में खड़े होंगे, यह कोई नहीं समझ पा रहा है। यह वह पार्टी है जिनके प्रमुखों को 'किसी' के साथ जाने में परहेज नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ताकतवर राजनैतिक घराने की तीसरी पीढ़ी इस समय अपनी सियासी साख बचाने के लिए छटपटा रहा रही है। कभी भारतीय लोकदल के बैनरतले अपनी हनक और धमक दिखाने वाले किसान नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एवं उससे पूर्व दो बार यूपी की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो चुके चौधरी चरण सिंह और उसके बाद उनके पुत्र पूर्व केन्द्रीय मंत्री अजित सिंह जिन्हें लोग छोटे चौधरी के नाम से लोग बुलाते थे, जिनकी मृत्यु के बाद जब से राष्ट्रीय लोकदल की कमान जयंत चौधरी के हाथ आई है, तब से राष्ट्रीय लोकदल का वजूद संकट में आ गया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में तय मानक से कम वोट प्रतिशत मिलने के कारण पार्टी की मान्यता समाप्त हो गई है, लेकिन ऐसा लगता है कि इसके बाद भी रालोद का 'सियासी डिमांड' कम नहीं हुआ है। करीब-करीब सभी बड़े राजनैतिक दल रालोद को अपने खेमे में लाने के लिए उत्साहित नजर आते हैं। आज भी राष्ट्रीय लोकदल सभी पार्टियों की चहेती बनी हुई हैतो इसकी वजह है पश्चिमी यूपी में जाट वोटों पर उसकी दमदार पकड़। वेस्ट यूपी में जाट वोटर हमेशा निर्णायक भूमिका में रहते हैं। किसी भी राजनैतिक दल को रालोद से गठबंधन करने में परहेज नहीं रहता है तो रालोद भी मौके की नजाकत भांप कर किसी भी पार्टी के साथ समझौता करने को तैयार रहता है। ऐसा ही अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव में भी होता दिख रहा है। 

MÁS HISTORIAS DE DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

क्या रंग लाएगा योगी का विकास मॉडल

अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

time to read

8 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

हेमंत का मास्टर स्ट्रोक झारखंड में 'पेसा' को मंजूरी

लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार झारखंड कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली को मंजूरी दे दी है।

time to read

5 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

खिड़की जो बंद हो गई!

दीवार में एक खिड़की रहती थी। वह जागती आंखों में सपने बुनती थी।

time to read

6 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

अब तक हजारों शिकायतें निस्तारित

यह बेहद सूझबूझ वाला अभिनव कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस नए प्रयोग का मकसद शासन-प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाना है ताकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

time to read

2 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

एक सदी औरतों के नाम

इसे ऐतिहासिक घटना के रुप में क्यों न देखें हम

time to read

5 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

गांव-गांव चली धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन के द्वार 'अभियान से लिखा जा रहा सुशासन का नया अध्याय

time to read

6 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

मासूम तानाशाह

किम जू ऐ की कुमसुसान समाधि स्थल की पहली सार्वजनिक यात्रा ने संकेत दिए कि वह उत्तर कोरिया की बन सकती हैं अगली उत्तराधिकारी

time to read

10 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

पर्वतीय विकास और चारधाम कनेक्टिविटी का नया अध्याय

उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपनी आध्यात्मिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।

time to read

7 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

बिहार के लिए नबीन के मायने

बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की 23 दिसंबर की पहली बिहार यात्रा औपचारिक रूप से सम्मान समारोह के रूप में प्रस्तुत की गई। लेकिन राजनीतिक तौर पर यह एक सोचा-समझा कदम था जिसका मकसद उनकी सोच, संगठन की प्राथमिकताओं, नेतृत्व शैली और राजनीतिक मिज़ाज को दिखाना था। पटना हवाई अड्डे से लेकर मिलर स्कूल मैदान तक, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, हर दृश्य संतुलित था, उत्सव था, लेकिन शोर-शराबा नहीं, प्रमुखता थी, लेकिन आत्मप्रदर्शन नहीं।

time to read

2 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

राम कृपा नासहिं सब रोगा

प्रत्येक मानव के भीतर परमात्मा की अखण्ड सत्ता विद्यमान है और वही सारी शक्ति, आनन्द, ज्ञान और प्रेम का स्रोत है। भोजन से शक्ति, धन से सुख, पुस्तकों से ज्ञान और सम्बन्धियों से अपनत्व मानना ही इस सत्ता का निरादर एवं पाप है जिसका परिणाम रोग, वियोग, मलिनता और आवागमन है। श्रीमानस में दुःख को पाप का परिणाम कहा गया है।

time to read

2 mins

January 2026

Translate

Share

-
+

Change font size