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Business

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

आलू में अकाल के लिए जिम्मेदार रोगाणु पेरु में हुआ था उत्पन्न

19वीं शताब्दी के महान आयरिश आलू अकाल के लिए जिम्मेदार रोगाणु की उत्पत्ति पेरू में हुई थी, जिसने ब्रिटिश शासित आयरलैंड में लाखों लोगों की जान ले ली थी और जिसके कारण विश्वभर में आयरिश लोगों का प्रवास हुआ था।

2 min  |

15th July 2024
Modern Kheti - Hindi

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कृषि में बढ़ रहा है इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन

एक संधारणीय भविष्य बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विभिन्न हितधारकों के सामूहिक प्रयास और सहयोग की आवश्यकता है। जबकि वाणिज्यिक कम्प्यूटर और यात्री वाहन हमेशा पर्यावरणविदों की आलोचना का सामना करते हैं जो लगातार स्वच्छ ऊर्जा की मांग करते हैं।

3 min  |

15th July 2024
Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

भूमि सुधार आवश्यक नहीं तो 90 प्रतिशत भूमि होगी खराब

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 2050 तक पृथ्वी की 90 प्रतिशत भूमि क्षरित हो सकती है। यह चिंताजनक भविष्यवाणी वैश्विक जैव विविधता और मानव जीवन के लिए एक बड़े खतरे को उजागर करती है।

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15th July 2024
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बदलते परिवेश में लाभदायक धान की सीधी बिजाई

धान भारत की एक प्रमुख फसल है। हमारे देश में लगभग 360 लाख हैक्टेयेर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है जिसमें से लगभग 20 लाख हैक्टेयर क्षेत्र वर्षा आधारित है। असिंचित क्षेत्रों में समय पर वर्षा का पानी न मिलने से किसान लोग समय से कद्दू नहीं कर पाते हैं जिससे धान की रोपाई में विलम्ब हो जाती है।

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15th June 2024
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वर्ल्ड फूड प्राईज प्राप्त करने वाले संजय राजाराम

संजय राजाराम एक भारतीय कृषि विज्ञानी हैं जिन्होंने गेहूं की अधिक उत्पादन देने वाली किस्में विकसित की हैं। गेहूं की इन किस्मों से 'कौज' एवं 'अटीला' प्रमुख हैं।

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15th June 2024
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अजोला से अच्छी आमदनी प्राप्त करने वाले प्रगतिशील किसान गजानंद अग्रवाल

देश में बहुत से किसान अपने ज्ञान और अनुभव के सहारे सूखी धरती पर तरक्की की फसल उगा रहे हैं। ऐसे किसान न केवल खुद खेती से कमाई कर रहे हैं, बल्कि अपनी मेहनत और नई तकनीकों का उपयोग करके दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रहे हैं।

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15th June 2024
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ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करना आवश्यक

ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को सीमित करने में अभी तक कृषि खाद्य प्रणाली को लक्ष्य नहीं बनाया गया है, जबकि नेट जीरो उत्सर्जन हासिल करने और ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने के लिए ऐसा करना जरूरी है। वैश्विक स्तर पर कृषि खाद्य प्रणाली 31 प्रतिशत उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार है। भारत के कुल उत्सर्जन में कृषि खाद्य प्रणाली का योगदान 34.1 प्रतिशत, ब्राजील में 84.9 प्रतिशत, चीन में 17 प्रतिशत, बांग्लादेश में 55.1 प्रतिशत और रूस में 21.4 प्रतिशत है।

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15th June 2024
Modern Kheti - Hindi

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ग्लोबल डेयरी. मार्केट की मांग पूरी कर सकता है भारत

विश्व के डेयरी मार्केट में बेहतर ग्रोथ की संभावनाएं हैं क्योंकि आने वाले समय में पशु प्रोटीन के साथ दूध की मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ने का अनुमान है। इसकी वजह यूरोपियन यूनियन द्वारा लागू की जा रही ग्रीन डील है।

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15th June 2024
Modern Kheti - Hindi

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कृषि-खाद्य प्रणाली में बदलाव के लिए इनोवेशन की जरुरत

वैश्विक कृषि-खाद्य प्रणाली इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। दुनिया की आबादी वर्ष 2050 तक 980 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसे खिलाने के लिए खाद्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की आवश्यकता है।

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15th June 2024
Modern Kheti - Hindi

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कृषि में जलवायु परिवर्तन चुनौती से निपटने की जरूरत

भारतीय कृषि को किसानों के लिए फायदे का सौदा बनाने और जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने के लिए पुराने तौर-तरीकों से अलग हटकर सोचने की जरूरत है। अभी तक की नीतियों और योजनाओं से मिश्रित सफलता मिली है, जिनमें सुधार की आवश्यकता है। साथ ही जलवायु परिवर्तन, घटते भूजल स्तर और एग्रीकल्चर रिसर्च के लिए फंडिंग की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने की आवशयकता है।

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15th June 2024
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कृषि अनुसंधान में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता

कृषि अनुसंधान में निवेश किए गए प्रत्येक रुपये पर लगभग 13.85 का रिटर्न मिलता है, जो खेती से जुड़ी अन्य सभी गतिविधियों से मिलने वाले रिटर्न से कहीं अधिक है।

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15th June 2024
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बढ़ रहे ग्लोबल वार्मिंग के कारण खाद्य उत्पादन संकट में

अमेरिका की जलवायु विज्ञान का विश्लेषण और सम्बन्धित समाचारों की रिपोर्टिंग करने वाली संस्था क्लाइमेट सेंट्रल द्वारा हाल ही में किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि नवंबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक वैश्विक तापमान अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया।

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15th June 2024
Modern Kheti - Hindi

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गिर रहा पानी का स्तर चिंता का विषय...

दुनिया भर में बढ़ता तापमान अपने साथ अनगिनत समस्याएं भी साथ ला रहा है, जिनकी जद से भारत भी बाहर नहीं है। ऐसी ही एक समस्या देश में गहराता जल संकट है जो जलवायु में आते बदलावों के साथ और गंभीर रूप ले रहा है।

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15th June 2024
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जैविक पद्धति से पादप रोग नियंत्रण

जैविक पद्धति का प्रयोग करने से एक रोगजनक के जीवित बने रहने की आशा अथवा उसकी क्रियाशीलता को किसी दूसरे जीव (मनुष्य को छोड़कर) द्वारा कम कर दिया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप उस रोग जनक से उत्पन्न रोग में कमी हो जाती है।

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15th June 2024
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ग्वार की खेती की सम्पूर्ण जानकारी

दलहनी फसलों में ग्वार फली का विशेष योगदान है। यह मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में उगाया जाता है। भारत में ग्वार फली के क्षेत्रफल और उत्पादन की दृष्टि से राजस्थान का प्रथम स्थान है। इस फसल से गोंद का उत्पादन होता है जिसे ग्वार गम कहा जाता है और इसका विदेशों में निर्यात किया जाता है। इसके बीज में प्रोटीन-18 प्रतिशत, फाइबर-32 प्रतिशत और एंडोस्पर्म में लगभग 30-33 प्रतिशत गोंद होता है।

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15th June 2024
Modern Kheti - Hindi

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भूरी खाद: संक्षेप में स्वयं प्रोत्साहित मृदा पोषण

भारत एक कृषि प्रधान देश है जहां कृषि आर्थिक विकास का मुख्य आधार है। इसलिए कृषि क्षेत्र में नवाचारी और प्रौद्योगिकी पर ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। भूरी खाद एक ऐसा नवाचार है जो कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और मृदा स्वास्थ्य को सुधारने के लिए अद्वितीय तकनीक प्रदान करता है। इस लेख में, हम भूरी खाद के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे। इसके फायदे और इसे कृषि में कैसे लागू किया जा सकता है, इस पर चर्चा करेंगे।

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15th June 2024
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धान की सीधी बिजाई तकनीक से लागत कम मुनाफा ज्यादा कमाए

वर्तमान समय में किसान भाई भूजल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए धान की फसल की सीधी बिजाई तकनीक को अपनाकर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। धान की सीधी बिजाई 20 से 25 जून तक पूरी कर लें क्योंकि बिजाई के बाद 20 दिन तक पानी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। धान की सभी किस्मों की सीधी बिजाई की जा सकती है लेकिन किसान भाइयों को जल्दी पकने वाली किस्म को प्राथमिकता देनी चाहिए। धान की सीधी बिजाई के लिए गेहूं की फसल की तरह ही खेत में करें।

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15th June 2024
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गर्मी में डेयरी पशुओं का प्रबंधन

पशुपालन कृषि की वह शाखा है जहां जानवरों को मांस, फाईबर, अंडे, दूध और अन्य खाद्य उत्पादों के लिए पाला जाता है। डेयरी फार्मिंग कृषि की एक तकनीक है जो दूध के उत्पादन से संबंधित है, जिसे बाद में दही, पनीर, मक्खन, क्रीम आदि जैसे डेयरी उत्पाद प्राप्त करने के लिए संशोधित किया जाता है।

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15th June 2024
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मूंग की फसल में लगने वाले प्रमुख रोग और उनकी रोकथाम

मूंग की खेती एक महत्वपूर्ण कृषि फसल है जो कि भारत में व्यापक रुप पैदा की जाती है। मूंग एक प्रमुख दाल है जो उत्तर भारत में प्रमुखता से उगाई जाती है, लेकिन यह दक्षिण भारत में भी कई जगहों पर उत्पादित की जाती है। मूंग की खेती के लिए उचित मौसम और जलवायु बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसकी बुआई गर्मी के मौसम में की जाती है, जबकि इसकी पूरी फसल की कटाई शीत ऋतु में की जाती है। मूंग की फसल के लिए अच्छी खेती के लिए अच्छी जलवायु की आवश्यकता होती है, जिसमें अच्छी वर्षा, सही तापमान और प्राकृतिक परिपत्रों की सहायता होती है। मूंग की खेती में किसानों को सबसे अधिक नुकसान रोगों के कारण होता है। इस लेख में हम मूंग की फसल में लगने वाले प्रमुख रोगों और उनके नियंत्रण के बारे में जानकारी देंगे।

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15th June 2024
Modern Kheti - Hindi

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बीज खरीदते वक्त किसान कुछ जरूरी सावधानियों का रखें ख्याल

हम सब लोग जानते हैं कि किसानों की आय मुख्य रूप से फसलों के उत्पादन पर निर्भर होती है। फसलों के बेहतर उत्पादन पर उनकी आय बढ़ जाती है जबकि फसलों की स्थिति बिगड़ने पर किसान को आर्थिक रूप से काफी हानि का सामना करना पड़ता है।

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15th June 2024
Modern Kheti - Hindi

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भारत में शहतूत की खेती और उपयोग

शहतूत को वानस्पतिक रूप में मोरस अल्बा के नाम से जाना जाता है। शहतूत के पत्तों का रेशम उत्पादन में प्राथमिकता के कारण एक प्रमुख आर्थिक घटक है क्योंकि प्रति इकाई क्षेत्र में उत्पादित पत्ती की गुणवत्ता और मात्रा का कोकून की फसल पर सीधा असर पड़ता है।

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15th June 2024
Modern Kheti - Hindi

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ज्वार की खेती कैसे की जाती है

ज्वार की फसल खरीफ (वर्षा ऋतु) और रबी (वर्षा ऋतु के बाद) में उगाई जाती है, लेकिन खरीफ का हिस्सा खेती और उत्पादन दोनों के तहत क्षेत्र के मामले में अधिक है। रबी की फसल लगभग पूरी तरह से मानव उपभोग के लिए उपयोग की जाती है जबकि खरीफ की फसल मानव उपभोग के लिए बहुत लोकप्रिय नहीं है और बड़े पैमाने पर पशु चारा, स्टार्च और शराब उद्योग के लिए उपयोग की जाती है। भारत में ज्वार के तहत केवल 5 प्रतिशत क्षेत्र सिंचित है। देश में ज्वार की खेती के तहत 48 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र महाराष्ट्र और कर्नाटक में है।

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15th June 2024
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एकीकृत मछली पालन एक उत्तम विकल्प

आज भारत मत्स्य उत्पादक देश के रूप में उभर रहा है। एक समय था, जब मछलियों को तालाब, नदी या सागर के भरोसे रखा जाता था, परन्तु बदलते वैज्ञानिक परिवेश में इसके लिए कृत्रिम जलाशय बनाए जा रहे हैं, जहां वे सारी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, जो प्राकृतिक रूप से नदी, तालाब और सागर में होती हैं। छोटे शहरों और गांवों के वे युवा, जो कम शिक्षित हैं, वे भी मछली पालन उद्योग लगा कर अच्छी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। लेख के माध्यम से हम मछली पालन की विधि के साथ-साथ किस प्रकार यह मिश्रित खेती का एक अच्छा विकल्प है।

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15th June 2024
Modern Kheti - Hindi

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अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कृषि विज्ञानी अरतुरी इल्मारी विरटानन

अरतुरी एक रसायन विज्ञानी थे। 1945 में उनको रसायन विज्ञान के विषय में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनका जन्म 1895 में फिनलैंड के हैलसिनकी में हुआ। उन्होंने अपने स्कूल की पढ़ाई फिनलैंड के विपुरी शहर में स्थित क्लासीकल लाइसीऊम से की। उनके द्वारा चारे की फसल के रख-रखाव के लिए कई आविष्कार किये गये।

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1st June 2024
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गोबर और केंचुआ बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त करने वाले सफल किसान-ज्ञानेश तिवारी

रासायनिक कीटनाशकों के बुरे प्रभाव के चलते खेती-किसानी में जैविक खाद का उपयोग बढ़ा है। इसी कड़ी में वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) के इस्तेमाल का महत्व भी बढ़ा है। गोबर और केंचुआ ने शाहजहांपुर के एक प्रगतिशील युवा किसान की जिंदगी बदल कर रख दी।

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1st June 2024
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जैवविविधता के नुकसान, बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की वजह से बढ़ रही संक्रामक बीमारियाँ

जिस तरह इंसान पृथ्वी पर बदलाव कर रहा है उन सभी कारकों से न केवल संक्रामक रोग बढ़ रहे हैं, साथ ही उनमें कमी भी आ सकती है। इस अध्ययन में जो सबसे हैरान करने वाली बात सामने आई, वो यह है कि प्राकृतिक आवासों के खत्म होने या उनमें बदलाव से संक्रामक रोगों का खतरा घट सकता है।

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1st June 2024
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कवर फसलों से बढ़ सकती है कृषि पैदावार

अक्सर सुरक्षा या कवर फसलों का उपयोग मुख्य फसलों की कटाई के बाद जमीन को ढकने के लिए किया जाता है। कवर फसलें क्या होती हैं? कवर फसलें नकदी फसलों से अलग होती हैं, जैसे कि मकई या सोयाबीन। मिट्टी को सुधारने के लिए फसलों का पहला काम खेत को कवर करना है। वे खेतों में मिट्टी के क्षरण और पोषक तत्वों के नुकसान से बचाने के लिए लगाए जाते हैं।

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1st June 2024
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मंगल ग्रह पर कैसे हो सकती है सब्जियों की पैदावार

अंतरिक्ष में मानव बस्तियों को आबाद करना एक ऐसा सपना है, जिसे इंसान सदियों से देख रहा है। हालांकि यह तभी मुमकिन हो सकता है, जब इसके लिए वहां पर्याप्त मात्रा में भोजन, पानी और ऑक्सीजन उपलब्ध हो। इसी कड़ी में वैज्ञानिकों ने अपने एक नए अध्ययन में जांच की है कि कैसे मंगल ग्रह पर सब्जियों की पैदावार में इजाफा किया जा सकता है।

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1st June 2024
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आलू की फसल को बैक्टीरियल विल्ट रोग से बचा सकता है कैल्शियम

अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों द्वारा किए एक नए अध्ययन से पता चला है कि कैल्शियम, आलू के पौधों को बैक्टीरियल विल्ट नामक रोग से लड़ने में मदद करता है। उनके मुताबिक कैल्शियम, इस बीमारी के प्रति आलू के पौधों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है। यह जानकारी उन किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो दुनिया भर में आलू की खेती से जुड़े हैं।

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1st June 2024
Modern Kheti - Hindi

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पैकिंग भोजन कैसर कारक रसान का होना चिता का विषय

भारत से विदेशों में निर्यात किए जाने वाले मसालों में कैंसर पैदा करने वाले रसायनों की मौजूदगी को लेकर हंगामा अभी थमा नहीं है।

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1st June 2024