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रामजन्मभूमि अयोध्या
Jyotish Sagar
|December-2024
रात के सप्तमोक्षदायी पुरियों में से एक अयोध्या को ब्रह्मा के पुत्र मनु ने बसाया था। वसिष्ठ ऋषि अयोध्या में सरयू नदी को लेकर आए थे। अयोध्या में काफी संख्या में घाट और मन्दिर बने हुए हैं। कार्तिक मास में अयोध्या में स्नान करना मोक्षदायी माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहाँ भक्त आकर सरयू नदी में डुबकी लगाते हैं।
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हाल ही में 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई है। अयोध्या स्थित राममन्दिर अब दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया है, जिसके दर्शनों का समय प्रातः 06:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक एवं दोपहर 02:30 से रात्रि 10:00 बजे तक है। मन्दिर में सिंहद्वार से लगभग 32 सीढ़ियाँ चढ़कर राम मन्दिर में प्रवेश होता है, जहाँ पाँच मण्डप पार करने के बाद गर्भगृह में रामलला के दर्शन लगभग 30 फुट दूरी से होते हैं। रामलला की मंगला आरती प्रातः 04:30 बजे होने के बाद शृंगार आरती, भोग आरती, मध्याह्न आरती, सन्ध्या आरती एवं अन्त में शयन आरती रात्रि 08:30 बजे से 09:00 बजे के मध्य होती है। रामलला की आरती में शामिल होने के लिए पास की भी व्यवस्था है, जो कि ट्रस्ट द्वारा ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दिए जाते हैं। इसके लिए आईडी प्रूफ देना अनिवार्य है।

This story is from the December-2024 edition of Jyotish Sagar.
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