Try GOLD - Free

नए सत्र की मजबूत शुरुआत करने पर भारतीय खिलाड़ियों की निगाहें

Jansatta

|

January 06, 2026

मलेशिया ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट में उतरेंगे पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन

लक्ष्य सेन और पीवी सिंधु समेत भारतीय खिलाड़ी मंगलवार से यहां शुरू हो रहे सत्र के शुरूआती 1450000 डालर ईनामी राशि वाले मलेशिया ओपन सुपर 1000 बैडमिंटन टूर्नामेंट में उतरेंगे तो उनकी निगाहें मजबूती से शुरूआत करने पर लगी होंगी।

MORE STORIES FROM Jansatta

Jansatta

सर्दी में लापरवाही मुसीबत को न्योता

सर्दियों में जुकाम होना सामान्य बात है।

time to read

2 mins

January 11, 2026

Jansatta

ईडी ने 585 करोड़ के भूखंड कुर्क किए

दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदारों से धोखाधड़ी का मामला

time to read

1 mins

January 11, 2026

Jansatta

संकट सिर्फ शहरों का नहीं

दूषित जल का संकट महज शहरी नहीं है।

time to read

1 min

January 11, 2026

Jansatta

ज्ञानार्जन के साथ चेतना जरूरी

आज के दौर में किताबी ज्ञान पर ज्यादा जोर दिया जाता है।

time to read

2 mins

January 11, 2026

Jansatta

मीडिया साक्षरता का महत्त्व

देश में उत्तर प्रदेश के बाद राजस्थान में भी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए समाचार पत्र का पाठन अनिवार्य किया गया है।

time to read

3 mins

January 11, 2026

Jansatta

सीमा पार ड्रोन उड़ाने के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को चेतावनी

time to read

1 min

January 11, 2026

Jansatta

त्यागी अब भी पार्टी में हैं या नहीं, पता नहीं

जद (एकी) प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा

time to read

1 mins

January 11, 2026

Jansatta

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की निगाहें कोहली और रोहित पर

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में रविवार को खेले जाने वाले शुरुआती मैच में भारतीय टीम विराट कोहली और रोहित शर्मा की शानदार लय के साथ आगे बढ़ने की उम्मीद करेगी।

time to read

2 mins

January 11, 2026

Jansatta

बंगाल सरकार ने कहा, हमारी बात सुनी जाए

आइ-पैक: सुप्रीम कोर्ट में ईडी, सीबीआइ जांच की मांग

time to read

1 mins

January 11, 2026

Jansatta

शहर में नया कोतवाल

अमेरिका के पांचवें राष्ट्रपति की ओर से मोनरो सिद्धांत की घोषणा के दो सौ वर्ष बाद, और इसकी शक्ति एवं प्रभावशीलता पर व्यापक संदेह के बावजूद वहां के 47वें राष्ट्रपति ने इस सिद्धांत का आह्वान किया। मुझे लगता है कि वर्तमान परिस्थितियों की कल्पना 1823 में भी नहीं की गई थी।

time to read

4 mins

January 11, 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size