मुखौटों की एशियाई विरासत
Outlook Hindi
|August 18, 2025
दिल्ली के नेशनल क्राफ्ट म्यूजियम में अनूठी प्रदर्शनी, जहां जुटे हैं एशिया भर से पारंपरिक मुखौटे और इन चेहरों के पीछे की कहानियां
उन गलियारों से गुजरते हुए, लगता है, जैसे पूरे एशिया में घूम लिया हो। मद्धिम रोशनी और शांत वातावरण में, तरह-तरह के मुखौटे अपनी कहानी कहते हुए लगते हैं। महसूस होता है, ये अभी बोल पड़ेंगे और गुजरे कल की दास्तां सुनाएंगे। हर मुखौटे की अपनी कहानी है। दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित नेशनल क्राफ्ट म्यूजियम की दीवारों पर सजे ये रंग-बिरंगे, डरावने, हंसते, गंभीर और पूरी तरह निर्विकार चेहरे सजे हैं। ये चेहरे नहीं, मुखौटे हैं, जो एक प्राचीन सांस्कृतिक विरासत समेटे हैं।
ये प्रतिरूप सिर्फ सजावट के लिए नहीं, बल्कि स्मृति, पहचान और प्रतीक के भी रूप हैं। 'प्रतिरूप' नाम से संग्रहालय में चल रही प्रदर्शनी में एशिया के विभिन्न हिस्सों से जुटाए गए मुखौटों के जरिए उनके पीछे की कथाओं, परंपराओं की भी जानकारी मिलती है।यहां मुखौटे रूपी ये चेहरे प्रतीक हैं, संस्कृति के। 'प्रतिरूप' का उद्देश्य सिर्फ मुखौटों की सौंदर्यपरकता दिखाना नहीं, बल्कि यह बताना भी है कि कैसे विभिन्न समाज ने चेहरे को माध्यम बनाकर देवी-देवताओं, पूर्वजों, राक्षसों, नटों और यहां तक कि अमूर्त भावनाओं को भी मूर्त रूप दिया। एशिया में मुखौटे सिर्फ रंगीन कागज या लकड़ी की संरचनाएं नहीं हैं, वे त्योहारों, अनुष्ठानों, युद्धों, नाटकों और यहां तक कि जीवन-मृत्यु के चक्र से भी जुड़े हुए हैं।

This story is from the August 18, 2025 edition of Outlook Hindi.
Subscribe to Magzter GOLD to access thousands of curated premium stories, and 10,000+ magazines and newspapers.
Already a subscriber? Sign In
MORE STORIES FROM Outlook Hindi
Outlook Hindi
नई उमर की नई फसल
बॉलीवुड में इन दिनों नई पीढ़ी, नए चेहरे, नई ऊर्जा और नए सपनों की हलचल है, स्क्रीन पर चमकते ये चेहरे सिर्फ सुंदरता से नहीं मोहते, बल्कि दमदार उपस्थिति, शानदार अभिनय भी उनकी ताकत, कुछ फिल्मी विरासत के साथ, तो कुछ अपने दम पर हौले-हौले फिल्माकाश में चमक बिखेर रहे
8 mins
January 05, 2026
Outlook Hindi
शहरनामा भुज
गुजरात के कच्छ में स्थित भुज केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और सामुदायिक जिजीविषा का जीवंत दस्तावेज है।
3 mins
January 05, 2026
Outlook Hindi
तवायफों की दास्तान
33 भूली बिसरी तवायफ गायिकाओं को मंच पर एक बार फिर से नृत्य संगीत के जरिये साकार किया गया
2 mins
January 05, 2026
Outlook Hindi
निगरानी के फ्रेम में दिखता पूर्वोत्तर
ओटीटी प्लेटफार्मों पर अब पूर्वोत्तर दिखने लगा है, लेकिन अभी भी वहां की असली फिजा दिखाई देने में वक्त लगेगा
8 mins
January 05, 2026
Outlook Hindi
डिजीटल अय्यारी
गोपनीयता संबंधी विवाद के बीच दूरसंचार विभाग ने फोन पर अनिवार्य संचार साथी प्रीलोड रद्द किया
5 mins
January 05, 2026
Outlook Hindi
मेसी महा हंगामा
फुटबॉल प्रेमियों का बेजोड़ शहर महान खिलाड़ी मेसी को देखने-सुनने उमड़ा मगर वीआइपी भीड़ के घेरे में सब गुम हुआ तो अफरा-तफरी फैली
4 mins
January 05, 2026
Outlook Hindi
यह कैसा इंसाफ? सवाल
बहुचर्चित एक्ट्रेस अपहरण और बलात्कार मामले में एक्टर दिलीप के बरी होने से मलयालम फिल्म इंडस्ट्री दो खेमों में बंटी
3 mins
January 05, 2026
Outlook Hindi
गंगा की बर्बादी कथा
अभय मिश्र की नई किताब उनके द्वारा लंबे समय से की जा रही पर्यावरणीय पत्रकारिता का पड़ाव है।
2 mins
January 05, 2026
Outlook Hindi
कहानीपन बाकी है
इस संग्रह की कहानियां स्त्रियों की कहानियां, पुरुषों की कहानियों का हिस्सा या उनमें समाहित नहीं होतीं बल्कि स्वतंत्र और स्वनिर्मित होती हैं।
1 mins
January 05, 2026
Outlook Hindi
'स्टार नहीं, स्मृति का हिस्सा'
स्मिता पाटिल (1955-1986) भारतीय समानांतर सिनेमा की अग्रणी और सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से थीं। श्याम बेनेगल और गोविंद निहलानी जैसे निर्देशकों के साथ उनके कार्य ने भारतीय कला-सिनेमा को नई दिशा दी।
6 mins
January 05, 2026
Listen
Translate
Change font size

