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डाल्टनगंज '84
Outlook Hindi
|November 11, 2024
जब कोई ऐतिहासिक घटना समय के साथ महज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बनकर रह जाए, तब उसे एक अस्थापित लोकेशन से याद करना उस पर रचे गए विपुल साहित्य में एक अहम योगदान की गुंजाइश बनाता है।
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मैं क्यूं जाऊं अपने शहर
परमजीत सिंह
प्रकाशक | सेतु प्रकाशनी
पृष्ठ: 136 | कीमत: 175 रु.
This story is from the November 11, 2024 edition of Outlook Hindi.
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