Try GOLD - Free

उत्तर से उभर रहे हिन्दू हृदय सम्राट

DASTAKTIMES

|

May 2024

वर्तमान परिवेश में भारत की सभी सेकुलर सियासी जमातों के निशाने पर योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी हैं। अपने को सेकुलर कहने वाले लोग यह जानते हैं कि इन दोनों क्षत्रपों के रहते तुष्टिकरण की राजनीति संभव नहीं है। जिस आत्मीयता और सहमति के साथ अटक से कटक, कच्छ से कामरूप, कश्मीर से कन्याकुमारी, दिल्ली से दिसपुर और रामनगरी से रामेश्वरम तक समूचा हिन्दू समाज योगी आदित्यनाथ की आवाज में अपनी आवाज को मिलाता है, जिस अपेक्षा से धामी की तरफ राष्ट्रवादी मानस की निगाहें निहारती हैं, उससे यह प्रतीत होता है कि बहुसंख्यक समाज को उत्तर के इन दो सपूतों में अपना 'हिन्दू हृदय सम्राट' दिखाई देने लगा है।

- राम कुमार सिंह

उत्तर से उभर रहे हिन्दू हृदय सम्राट

20वीं शताब्दी में हिन्दुत्व के गढ़ महाराष्ट्र-गुजरात के बाद अब उत्तर भारत इसकी अगुवाई को तैयार है। पिछली सदी के आरंभ में हिन्दुत्व की विचारधारा के प्रणेता वीर सावरकर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. के‍व बलिराम हेडगेवार द्वारा जलाई गई इस मशाल को जनसंघ के नेताओं और 90 के दशक में लालकृष्ण आडवाणी तथा वर्तमान प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाला। अब योगी और धामी के मजबूत हाथ इसे थामने को बिल्कुल तैयार हैं। जेहादी जहर के लिए कहर बने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य को दुनियाभर के सनातनी आशाभरी निगाहों से देख रहे हैं। राष्ट्रीय फलक पर योगी और धामी का हिन्दुआ सूर्य के रूप में उभार एक ऐतिहासिक और सामाजिक घटना है। हिन्दू चेतना के पुनर्जागरण, हिन्दू अस्मिता की पुनर्स्थापना और हिन्दू संस्कृति के प्रति उपजे गौरवबोध के प्रतीक इन दोनों नायकों के उभार से उत्तर भारत हिन्दुत्व की केंद्र-स्थली के रूप में स्थापित हो रहा है, जो कभी पश्चिमी भारत हुआ करता था।

वर्तमान परिवेश में भारत की सभी सेकुलर सियासी जमातों के निशाने पर योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी हैं। अपने को सेकुलर कहने वाले लोग यह जानते हैं कि इन दोनों क्षत्रपों के रहते तुष्टिकरण की राजनीति संभव नहीं है। जिस आत्मीयता और सहमति के साथ अटक से कटक, कच्छ से कामरूप, कश्मीर से कन्याकुमारी, दिल्ली से दिसपुर और रामनगरी से रामेश्वरम तक समूचा हिन्दू समाज योगी आदित्यनाथ की आवाज में अपनी आवाज को मिलाता है, जिस अपेक्षा से धामी की तरफ राष्ट्रवादी मानस की निगाहें निहारती हैं, उससे यह प्रतीत होता है कि बहुसंख्यक समाज को उत्तर के इन दो सपूतों में अपना 'हिन्दू हृदय सम्राट' दिखाई देने लगा। 

MORE STORIES FROM DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

गलत मुद्दे पर दांव!

यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी एसआईआर को मुद्दा बनाने की तैयारी में दिख रही है

time to read

9 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

तरक्की से कदम ताल !

बीते महीने झारखंड ने 15 नवंबर को अपना 25वां स्थापना दिवस मनाया।

time to read

4 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

यूपी में विपक्ष सदमे में

बिहार के चुनावी नतीजों से विपक्ष में मंथन शुरू

time to read

6 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

मौत से बेतरह डरते थे धर्मेंद्र

धर्मेंद्र को जिंदगी से बेपनाह मुहब्बत थी। वह नब्बे के हो चले थे।

time to read

2 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

गहरे सदमे में तेजस्वी

अति आत्मविश्वास तेजस्वी को ले डूबा।

time to read

5 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

अब प्रशांत किशोर का क्या होगा ?

शर्मनाक पराजय के बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया के सामने आगे की जो रणनीति साझा की उससे साफ है कि वह अपने तौर-तरीकों में जरा भी बदलाव नहीं लाने जा रहे हैं।

time to read

6 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

धामी की राजस्व रणनीति

आर्थिक प्रबंधन में उत्तराखंड की ऊंची उड़ान

time to read

3 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

चिकोटी काटा, बकोटा नहीं

सुप्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार व कई अख़बारों के संपादक रहे नवीन जोशी पर आई नई किताब 'नवीन धुन' इन दिनों चर्चा में है। इस किताब में सत्तर के दशक से लेकर नई सदी के शुरुआती सालों की पत्रकारिता की एक धुन सुनाई देती है। ऐसी धुन जो मौजूदा दौर के पत्रकारों और पत्रकारिता की ट्रेनिंग ले रहे छात्रों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं। प्रस्तुत है इस नई पुस्तक के कुछ अंश।

time to read

11 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

इतना आसान नहीं बिहार का सफ़र

नीतीश की नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। आगे बीजेपी को बिहार पर राज करना है तो किए गए वादे निभाने होंगे।

time to read

11 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

सदाबहार धर्मेंद्र... अलविदा

एक अभिनेता और एक दिग्गज स्टार के रूप में अपनी उम्र के साठ से ज़्यादा सालों के शानदार सफर में, धर्मेंद्र को 'ही मैन' और 'गरम धरम' दोनों नामों से पुकारा जाता रहा।

time to read

4 mins

December 2025

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size