Try GOLD - Free
'गदर 2' की शानदार सफलता ने बॉक्स ऑफिस को एक भचाल की तरह हिला के रख दिया
Mayapuri
|Mayapuri Digital Edition 180
'गदर 2' की रिलीज ने भारतीय फिल्म उद्योग में एक भूचाल सा खड़ा कर दिया है, जिसके आगे पठान, ओएमजी और ड्रीम गर्ल 2 जैसी फिल्में अपने अस्तित्व और सफलता को शीर्ष पर देखने के लिए संघर्ष करती नजर आ रही है।
हालांकि गदर 2 के आज तक के जबरदस्त बॉक्स ऑफिस कलैक्शन के बावजूद, शाहरुख खान, अक्षय कुमार और आयुष्मान खुराना के प्रशंसकों को यह दावा मानने से इनकार है कि गणितज्ञ नजर से कैल्कुलेट करने पर उनके पसंदीदा सितारों की फिल्म, खासकर 'पठान' पर 'गदर 2' लगातार भारी पड़ती जा रही है।
लेकिन सच्ची सफलता निर्धारित करने के लिए बॉक्स ऑफिस कलैक्शन की गणना में गहराई से जाना अति आवश्यक है। प्रोडक्शन लागत पर विचार किए बिना केवल कलैक्शन संख्याओं को देखना, सफलता के असली मानक के प्रति भ्रामक विचार पैदा कर सकता है। सफलता के स्तर का सटीक आकलन करने के लिए, किसी भी फिल्म के सेट की लागत, पोशाक, सितारों, तकनीशियनों को भुगतान, क्रू मेंबर्स के सदस्यों के लिए पारिश्रमिक प्रचार व्यय, और बहुत से अन्य खर्चों को ध्यान में रखना चाहिए। इन प्रोडक्शन लागतों में कटौती के बाद ही हम वास्तविक लाभ का पता लगा सकते हैं।
'गदर 2' के मामले में, फिल्म की निर्माण लागत 60 करोड़ के आसपास है जो कि 'पठान' के प्रोडक्शन खर्च के पैमाने की तुलना में अपेक्षाकृत मामूली आंकड़ा है। उधर फिल्म 'गदर 2' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पहले ही लगभग 500 करोड़ तक पहुंच चुका है और लगातार बढ़ रहा है। यह गणना 'गदर 2' को स्पष्ट विजेता के रूप में मजबूती से स्थापित करती है। दरअसल भारतीय फिल्मों के लिए, बॉक्स ऑफिस कलैक्शन में शामिल शर्तों को समझना महत्वपूर्ण है। देखा जाए तो ओवर ऑल कलैक्शन से प्रोडक्शन कॉस्ट घटाकर जो आंकड़ा बचता है उसे ही फाइनल प्रॉफिट गिना जाता है जो फिल्म की सफलता का सही आंकलन करता है। इस संदर्भ में, 'गदर 2' अपने सभी आसपास के प्रदर्शित अन्य फिल्मों के प्रॉफिट आंकड़ो को पार करते हुए निर्विवाद चैंपियन के रूप में उभरता है।
'गदर 2' की अभूतपूर्व सफलता ने न केवल दर्शकों को लुभाया है बल्कि संपूर्ण फिल्म मार्केट पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। यह फिल्म की अपार लोकप्रियता और दर्शकों के गदर 2 को लेकर समर्पण और वफादारी का प्रमाण है, जो फिल्म को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।
This story is from the Mayapuri Digital Edition 180 edition of Mayapuri.
Subscribe to Magzter GOLD to access thousands of curated premium stories, and 10,000+ magazines and newspapers.
Already a subscriber? Sign In
MORE STORIES FROM Mayapuri
Mayapuri
फिल्म रिव्यू: "भूत बंगला'
'भूत बंगला में चला अक्षय कुमार, राजपाल यादव और परेश रावल की तिगड़ी का जादू'
2 mins
Mayapuri Edition 2689
Mayapuri
क्या राजकुमार राव की कंजूस कहानी दर्शकों को हंसा पाई ?
राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा स्टारर फिल्म 'टोस्टर' नेटफ्लिक्स पर आ गई है.
2 mins
Mayapuri Edition 2689
Mayapuri
वरुण धवन की फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' का फर्स्ट लुक हुआ रिलीज
बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन एक बार फिर फुल-ऑन एंटरटेनमेंट के साथ दर्शकों के बीच आने वाले हैं.
2 mins
Mayapuri Edition 2689
Mayapuri
'कॉकटेल 2' के लिए कृति सेनन ने झेला फिटनेस स्ट्रगल, कहा- 'मैंने कैलोरी - डेफिशिएंट डाइट फॉलो की'
रश्मिका मंदाना, शाहिद कपूर और कृति सेनन की अपकमिंग रोम-कॉम 'कॉकटेल 2' पहले से ही चर्चा में है.
2 mins
Mayapuri Edition 2689
Mayapuri
गायिकाओं ने कहा आशा भोसले के गीतों बिना स्टेज लागे सूना
बॉलीवुड फिल्मों की तकरीबन सभी गायिकाएं स्टेज गायिका भी हैं।
3 mins
Mayapuri Edition 2689
Mayapuri
मैं तबतक खड़ी रहती थी जबतक लता दीदी बैठ नहीं जाती थी
1942 में वो कुल 9 साल की थीं जब उनके पिता, स्टेज के जानेमाने नाम, संगीत के चर्चित कलाकार दीनानाथ मंगेश्कर की मृत्यु हो गयी।
6 mins
Mayapuri Edition 2689
Mayapuri
अली अब्बास ज़फ़र की अपकमिंग फिल्म में अहान पांडे बनेंगे गैंगस्टर ?
बॉलीवुड में तेजी से उभरते सितारे अहान पांडे अपनी दूसरी फिल्म के साथ एकदम अलग अंदाज में दर्शकों के सामने आने के लिए तैयार हैं.
2 mins
Mayapuri Edition 2689
Mayapuri
देवी का भजन हो या इश्क का गीत, आशा भोसले को महारत हासिल थी - हरिश भीमानी के अंदाज़ में सुनिए उनकी तारीफ
बहुमुखी प्रतिभा के धनी गायक हरीश भिमानी, दिग्गज गायिका आशा भोसले के पिछले रविवार को हुए दुखद निधन के सदमे और शोक से उबर रहे हैं।
2 mins
Mayapuri Edition 2689
Mayapuri
रणबीर कपूर ने रचा इतिहास, टाइम 100 में शामिल होने वाले इकलौते एक्टर बने
भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण तब सामने आया जब रणबीर कपूर को प्रतिष्ठित 'टाइम मैगज़ीन' की “100 सबसे प्रभावशाली लोगों” की सूची में शामिल किया गया.
2 mins
Mayapuri Edition 2689
Mayapuri
आशा मंगेशकर से कैसे बनीं आशा भोसले, जानें सरनेम बदलने के पीछे की क्या है कहानी
आशा भोसले की जिंदगी संघर्ष और सफलता की मिसाल रही है. 92 वर्ष की उम्र में उनके निधन ने संगीत जगत को गहरे शोक में डाल दिया है.
2 mins
Mayapuri Edition 2689
Translate
Change font size

