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फसल विकास के लिए उपयोगी-वर्मीवाश
Modern Kheti - Hindi
|15th June 2025
परिचय : वर्तमान में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग दिन-प्रतिदिन कृषि में बढ़ रहा है जो अंततः मिट्टी की उर्वरता को नष्ट कर देता है। रासायनिक उर्वरकों के खतरनाक प्रभाव को जैविक उर्वरकों के उपयोग द्वारा कम किया जा सकता है। इस तरह फसलों की बेहतर पैदावार के लिए वर्मीवाश का इस्तेमाल किया जा सकता है। वर्मीवाश विभिन्न रासायनिक उर्वरकों से पर्यावरण की रक्षा करता है।
वर्मीवाश, जैविक अपशिष्ट पदार्थ का एक तरल अर्क है, जिसे केंचुआ संस्कृति इकाइयों की विभिन्न परतों के माध्यम से पानी के पारित होने के बाद एकत्र किया जाता है। सभी हरे पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए वर्मीवाश का उपयोग एक तरल पोषक और एंजाइम तत्व के रूप में किया जाता है
वर्मीवाश, केंचुआ के निकाले गए तरल पदार्थ भी पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते हैं जो पौधों की वृद्धि को अच्छा बढ़ावा देते हैं। वर्मीवाश एक तरल जैविक खाद है जो ताजा वर्मीकम्पोस्ट व केंचुए के शरीर को धोकर तैयार किया जाता है। वर्मीवाश के उपयोग से न केवल उत्तम गुणवत्ता युक्त उपज प्राप्त कर सकते हैं बल्कि इसे प्राकृतिक जैव कीटनाशक के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है। वर्मीवाश में घुलनशील नाइट्रोजन, फास्फोर्स और पोटाश मुख्य पोषक तत्व होते हैं। इसके अलावा इसमें हार्मोन, अमीनो एसिड, विटामिन, एंजाइम और कई उपयोगी सूक्ष्म जीव भी पाये जाते हैं। इसके प्रयोग से पच्चीस प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ जाता है।
वर्मीवाश की संरचना : वर्मीवाश एक प्रकार का क्षारीय पदार्थ है और इसमें फास्फोर्स, पोटाश, कैल्शियम, मैग्नीशियम और जस्ता की मात्रा शामिल है।
- उच्च मात्रा में एंजाइम, एमिनो एसिड
- हीटरोट्राफिक बैक्टीरिया, कवक, नाइट्रोजन फिक्सर्स सहित एक्टिनोमाईसेटस, फॉस्फेट, सोल्युबिलीज़र्स
- विटामिन और हाइटोन जैसे साइटोकीनिन, ओक्सिन्स, गिब्रेलिस आदि
- वृक्ष स्प्रे के रूप में इस्तेमाल, मैक्रो और माइक्रोन्यूट्रीनट्स के साथ
- घुलनशील नाइट्रोजन, फास्फोर्स और पोटाश
वर्मीवाश तैयार करने की विधि : वर्मीवाश बनाने के लिए भिन्न-भिन्न स्थानों पर विभिन्न संस्थाओं एवं व्यक्तियों द्वारा अलग-अलग विधियां अपनाई जाती हैं, किन्तु सबका मूल सिद्धांत लगभग एक ही है। विभिन्न विधियों से तैयार वर्मीवाश में तत्वों की मात्रा व वर्मीवाश की सांद्रता में अंतर हो सकता है।
This story is from the 15th June 2025 edition of Modern Kheti - Hindi.
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