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खाद्य पदार्थों में मिलावट पहचान एवं बचाव
Modern Kheti - Hindi
|1st February 2025
हम सब घरेलू खान-पान वाली वस्तुएँ आमतौर पर बाजार से खरीद कर ही इस्तेमाल करते हैं। कुछ मुनाफाखोर इनमें नकली एवं मिलावटी वस्तुएं मिलाकर बिक्री बढ़ाने के लिए खपतकारों को बेच देते हैं। इन नकली एवं मिलावटी वस्तुओं से सेहत खराब होती है और शरीर का भी बहुत नुक्सान होता है। हमें बाजार से वस्तुएं खरीदते समय सचेत रहना चाहिए। आओ हम असली नकली एवं मिलावटी वस्तुओं की पहचान करने के बारे में जानकारी सांझा करें।
हम सब घरेलू खान-पान वाली वस्तुएँ आमतौर पर बाजार से खरीद कर ही इस्तेमाल करते हैं। कुछ मुनाफाखोर इनमें नकली एवं मिलावटी वस्तुएं मिलाकर बिक्री बढ़ाने के लिए खपतकारों को बेच देते हैं। इन नकली एवं मिलावटी वस्तुओं से सेहत खराब होती है और शरीर का भी बहुत नुक्सान होता है। हमें बाजार से वस्तुएं खरीदते समय सचेत रहना चाहिए। आओ हम असली, नकली एवं मिलावटी वस्तुओं की पहचान करने के बारे में जानकारी सांझा करें।
इस लेख में हम बाजार से आटा, चावल, दूध, खोया, देसी घी, सरसों का तेल, गुड़, चीनी, केसर, हल्दी, काली मिर्च, नमक, RO के पानी संबंधी जानकारी लेने के लिए विचार-विमर्श करेंगे।
1. चावल : बाजार में कई तरह के चावल मिलते हैं, जो देखने में असली की तरह ही लगते हैं। आप इन ढंगों से असली और नकली चावल की पहचान कर सकते हैं। » नकली चावल ज्यादा चमकदार होते हैं।
» नकली चावल के सभी दानों की मोटाई और आकार एक जैसा ही होता है।
» असली चावल के मुकाबले नकली चावल हल्के होते हैं।
» पकाते समय नकली चावल से प्लास्टिक की बदबू आयेगी। असली चावल के पकने पर खुश्बू बिस्किटों की तरह होगी।
» नकली चावल ज़्यादा देर पकने पर भी कच्चे रहते हैं।
» नकली चावल पानी में तैरते हैं, जबकि असली चावल डूब जाएंगे।
2. दूध : यदि आप परेशान हैं कि आपके घर में आ रहा दूध असली है या नकली है। और आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। तो इस जानकारी के द्वारा आपकी समस्या का समाधान हो सकता है। आप घर बैठे ही पता लगा सकते हैं कि दूध असली है या नकली। हम जानते हैं कि नकली दूध पीने से कई बीमारियों का खतरा रहता है। यह न सिर्फ हड्डियों को ही कमजोर करता है, बल्कि लीवर को भी नुक्सान पहुंचाता है।
» माहिरों के अनुसार दूध का अपना ही स्वाद होता है। असली दूध का स्वाद थोड़ा मीठा होता है और नकली दूध का स्वाद थोड़ा कड़वा होता है।
This story is from the 1st February 2025 edition of Modern Kheti - Hindi.
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