Go Unlimited with Magzter GOLD

Go Unlimited with Magzter GOLD

Get unlimited access to 10,000+ magazines, newspapers and Premium stories for just

$149.99
 
$74.99/Year

Try GOLD - Free

पौध उत्तक संवर्धन उद्यानिकी फसल प्रवर्धन का नया आयाम

Modern Kheti - Hindi

|

1st February 2024

आधुनिक युग में विभिन्न प्रकार की उपयोगी एवं उच्च कोटि के गुणों वाले उद्यानिक पौध प्रजातियों तेजी से विलुप्त होते जा रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में पौधों के जनन द्रव्य को उत्तक संवर्धन सहायता से विलुप्त होने से बचाया जा सकता है। इस तकनीक द्वारा विभिन्न उपयोगी पौधों के जनन द्रव्य को द्रव नत्रजन में - 196 डिग्री सेल्सियस पर लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।

- अनुभूति सिंह, निशाकांत मौर्य, सचि गुप्ता, आचार्य नरेन्द्र देव

पौध उत्तक संवर्धन उद्यानिकी फसल प्रवर्धन का नया आयाम

आधुनिक युग में बढ़ती जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए उद्यानिकी फसलों की मांग में पिछले दशक की उपेक्षा काफी ज्यादा बढ़ोतरी पाई गई है जिसको पूरा कर पाना अपने आप में एक चुनौती है। परन्तु इस सभी है प्रकार की चुनौतियों को विज्ञान के द्वारा दूर करने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें काफी हद तक सफलता पाई जा चुकी है।

क्या है पौध उत्तक संवर्धन: पौध उत्तक संवर्धन एक ऐसी विधा है जिसमें पौधे के किसी भी भाग जैसे जड़, तना, फूल, पराग आदि को लेकर परखनली या अन्य पात्र में कृत्रिम संवर्धन माध्यम पर संवर्धित किया जा सकता है। विभिन्न वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध में पता चला है कि पौधे के प्रत्येक कोशिका में पूर्ण पौधे का निर्माण करने की क्षमता होती है। अत: जैव प्रौद्योगिकी उद्यानिकी फसलों के अनुवांशिक सुधार या उनके उत्पादन वृद्धि में अमूल्य योगदान दे रहा है।

पौध उत्तक संवर्धन की आवश्यकता: 

1. उद्यानिकी उत्पादों की मांग में वृद्धि: दिन प्रतिदिन जनसंख्या बढ़ती जा रही है जिसके लिए भोजन की उपलब्धता एक चुनौती है। उद्यानिकी फसल जैसे सब्जियां, फल, दवाइयां, फूल इत्यादि की पूर्ति परंपरागत विधि द्वारा नहीं की जा सकती। अतः उत्तक संवर्धन के द्वारा शीघ्र उपज देने वाली, रोग रोधी एवं अधिक उपज देने वाली प्रजातियों को विकसित करके मांग को पूर्ण कर सकते हैं।

2. पौधों की उपलब्धता: उत्तक संवर्धन एक ऐसी विधा है जिसमें पौधे को तैयार करते समय इन पर बाह्य वातावरण का प्रभाव नहीं पड़ता। अतः किसी भी उद्यानिकी फसलों के पौधे पूरे वर्ष भर किसानों को उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

3. सीमित समय एवं स्थान: उत्तक संवर्धन तकनीकी के द्वारा सीमित समय एवं स्थान में अत्याधिक संख्या में पौधों को सुगमता पूर्वक तैयार किया जा सकता है।

4. सुगम पौध प्रबंधन: सीमित स्थान में ज्यादा पौधे तैयार करने से पौधों की देखभाल कम लागत में सुगमता पूर्वक की जा सकती है।

MORE STORIES FROM Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

मक्का की बिजाई करने के लिए मेज़ प्लांटर

मक्का की बिजाई करने वाली मशीन, मेज़ प्लांटर को नेशनल एग्रो इंडस्ट्रीज़ की ओर से बनाया गया है।

time to read

1 min

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

घृतकुमारी का औषधीय योगदान एवं महत्व

कुमारी, गृह कन्या, घृतकुमारिका आदि, इसके पत्तों में छेद करने या दबाने पर लसलसा पदार्थ निकलता है।

time to read

3 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

क्या जीनोम-संपादित धान की किस्में उचित हैं ?

देश के शीर्ष कृषि अनुसंधान संस्थान आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) और कृषि मंत्रालय पर जीनोम-संपादित (जीनोम-एडीटेड) धान के परीक्षणों में वैज्ञानिक हेरफेर और बेईमानी के आरोप लगे हैं।

time to read

3 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

गन्ना की खेती देखभाल और पैदावार

गन्ना एक प्रमुख व्यवसायिक फसल है, विषम परिस्थितियां भी इसकी फसल को बहुत अधिक प्रभावित नहीं कर पाती।

time to read

10 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

खाद्य उत्पादन की बढ़ती मांग से धरती पर पड़ रहा है प्रभाव

इसमें कोई शक नहीं कि इंसानी सभ्यता ने अपने विकास के लिए प्रकृति का बड़े पैमाने पर दोहन किया है।

time to read

3 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

टिकाऊ कृषि विकास के लिए भूमि सुधार आवश्यक ...

कृषि के मुख्यतः तीन प्रमुख स्तम्भ हैं-मिट्टी, पानी और बीज परंतु गत कुछ दशकों में परंपरागत कृषि तकनीकों जैसे अत्याधिक जुताई, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग एवं जैविक खाद के कम उपयोग, इत्यादि के कारण मिट्टी की गुणवत्ता में बहुत गिरावट आई है।

time to read

8 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

निराशा से समाधान तक कैसे भारत पराली जलाने की समस्या का कर सकता है अंत

पराली जलाने की समस्या का हल संभव है। समझदारी बरतते हुए अगले तीन वर्षों में इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं अरुणाभ घोष और कुरिंजी केमांथ

time to read

5 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

अलसी की खेती से लाभ कमाएं

अलसी तेल वाली फसलों में दूसरी खास फसल है।

time to read

8 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

क्रांतिकारी मॉडल विकसित करने वाले सफल किसा सीताराम निगवाल

मध्यप्रदेश के धार जिले के किसान सीताराम निगवाल ने 30 वर्षों के अनुभव से खेती का एक क्रांतिकारी मॉडल, विकसित किया है।

time to read

2 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

भूमि क्षरण से बढ़ रहा कुपोषण

लगभग 1.7 अरब लोग ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां मानवीय कारणों से भूमि के क्षरण के चलते फसलों की पैदावार घट रही है।

time to read

2 mins

15th November 2025

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size