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पॉली हाउस में सब्जियों का उत्पादन
Modern Kheti - Hindi
|15th September 2022
पॉली हाउस
उत्तरप्रदेश
पॉली हाउस ऐसे ढांचे हैं जो परम्परागत कांच घरों के स्थान पर बेमौसमी फसलोत्पादन के लिए उपयोग में लाए जा रहे हैं। ये ढांचे बाह्य वातावरण के प्रतिकूल होने के बावजूद भीतर उगाये गये पौधों का संरक्षण करते हैं और बेमौसमी नर्सरी तथा फसलोत्पादन में सहायक होते हैं, साथ ही पॉली हाउस में उत्पादित फसल अच्छी गुणवत्ता वाली होती है।
पॉली हाउस की संरचना : ढांचे की बनावट के आधार पर पॉली हाउस कई प्रकार के होते हैं। जैसे-गुम्बदाकार, गुफानुमा, रूपांतरित गुफानुमा, झोपड़ीनुमा आदि। पहाड़ों पर रूपांतरित गुफानुमा, झोपड़ीनुमा डिजायन अधिक उपयोगी होते हैं। ढांचे के लिए आमतौर पर जीआई पाइप या एंगिल आयरन का प्रयोग करते हैं जो मजबूत एवं टिकाऊ होते हैं। अस्थाई तौर पर बांस के ढांचे पर भी पॉली हाउस निर्मित होते हैं जो सस्ते पड़ते हैं। आवरण के लिए 600-800 गेज की मोटी पराबैंगनी प्रकाश प्रतिरोधी प्लास्टिक शीट का प्रयोग किया जाता है। इनका आकार 30-100 वर्गमीटर रखना सुविधाजनक रहता है। निर्माण लागत तथा वातावरण पर नियंत्रण की सुविधा के आधार पर पॉली हाउस तीन प्रकार के होते है।
1. लो कास्ट पॉली हाउस साधारण पॉली हाउस : इसमें यंत्रों द्वारा किसी प्रकार का कृत्रिम नियंत्रण वातावरण पर नहीं किया जाता।
2. मीडियम कास्ट पॉली हाउस : इसमें कृत्रिम नियंत्रण के लिए (ठंडा या गर्म करने के लिए) साधरण उपकरणों का ही प्रयोग करते हैं।
3. डाई कास्ट पॉली हाउस : इसमें आवश्यकता के अनुसार तापक्रम, आर्द्रता, प्रकाश, वायु संचार आदि को घटा-बढ़ा सकते हैं और मनचाही फसल किसी भी मौसम में ले सकते हैं।
This story is from the 15th September 2022 edition of Modern Kheti - Hindi.
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