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डा.जेबरा की लिखावट
Champak - Hindi
|May Second 2025
डा. जेबरा जंगल में अपने चिकित्सा कौशल के लिए जाने जाते थे. कोई भी जानवर जब उन्हें सफेद कोट और गले में स्टेथोस्कोप लटकाए देखता तो तुरंत पहचान लेता कि ये ही वे डाक्टर हैं, जिन की दवा जंगल में सब से असरदार मानी जाती है. चाहे बैरी भालू का पेट दर्द हो या गोगो जिराफ का गला खराब हो. डा. जेबरा के पास जाना और उन की बताई दवा की कुछ टेबलेट आमतौर पर इलाज के लिए बेहतर होती थीं.
लेकिन एक छोटी सी समस्या थी, डा. जेबरा की लिखावट. यह इतनी गंदी थी कि अगर कोई गंभीर रूप से बीमार न भी हो, तो भी उसे पढ़ने की कोशिश में सिरदर्द होने लगता. उस की लिखावट ऐसी दिखती थी जैसे स्याही से सने पैरों से चींटी चल गई हो.
एक दिन गिगी बकरी को सर्दी लग गई. उस की नाक बह रही थी और वह लगातार खांस रही थी तथा छींक रही थी.
'ओह, यह तो बहुत ज्यादा हो रहा है, मुझे डा. जेबरा को दिखाना है,' उस ने सोचा और अपनी नाक पोंछते हुए, सिर पर लाल दुपट्टा बांध कर सीधे क्लिनिक की ओर चल पड़ी.
“गिगी, चिंता की कोई बात नहीं है. बस, हलका सा जुकाम है. मैं तुम्हें दवा लिख दूंगा. दवा ले लो, कल तक तुम ठीक हो जाओगी,” डा. जेबरा ने उस का चैकअप करने के बाद कहा.
गिगी बकरी ने डाक्टर को धन्यवाद दिया और क्लिनिक से बाहर चली गई, लेकिन जैसे ही उस ने दवा की परची देखी, उस का सिर घूमने लगा.
'अरे नहीं, यह तो किसी गुफा में की गई प्राचीन नक्काशी जैसी लग रही है,' उस ने सोचा और फिर पलट कर इस का मतलब समझने की कोशिश करने लगी.
तभी उस के मन में एक आइडिया आया, 'मैनी बंदर जरूर इसे पढ़ पाएगा. वही एक अकेला है, जो इन मेडिकल लिखावटों को समझता है,' गिगी दौड़ कर उस के मैनी मेडिकल्स शौप पर पहुंची.
मैनी शांत स्वभाव का दुकानदार था, जो आमतौर पर अपनी दुम पर झूलते हुए काम करता था. वह रुका और उस ने सोचा कि वह क्या कर सकता है.
उस ने परची पर नजर डाली, उसे तिरछी नजर से देखा और बोला, “आह, गिगी, यह डा. जेबरा की लिखावट है, मुझे इस का पता लगाने की कोशिश करने दो.”
मैनी ने परची को उल्टा पकड़ा, फिर अपना मोटा चश्मा लगाया, लेकिन फिर भी कुछ समझ नहीं आया. उस ने अपनी बंदर प्रवृत्ति का इस्तेमाल किया और गिगी को कुछ दवा दी. गिगी ने बिना ज्यादा सोचेसमझे उसे ले लिया.
कुछ देर बाद, गिगी की छींकें बंद हो गईं, लेकिन जब उस ने बोलने की कोशिश की, तो उस की आवाज हमेशा की तरह मां... मां की आवाज से बदल कर म्याऊं... म्याऊं हो गई. अब उस की आवाज बकरी से ज्यादा बिल्ली जैसी लग रही थी.
उस की बात सुन कर उस का पड़ोसी, फरी लोमड़ी जोर से हंसने लगी.
रोरो खरगोश भी खिलखिला कर हंसा और बैरी भालू उस की नकल करने लगा.
गिगी डा. जेबरा और मैनी बंदर दोनों पर बहुत क्रोधित थी.
Diese Geschichte stammt aus der May Second 2025-Ausgabe von Champak - Hindi.
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