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पर्सी की समस्या

Champak - Hindi

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February First 2025

13 फरवरी का दिन था और प्रेमवन में चहलपहल थी. वनवासी अपने एनुअल वैलेंटाइन डे मेले की तैयारी कर रहे थे, जो अगले दिन एमराल्ड तालाब के आसपास के क्षेत्र में आयोजित होने वाला था. तालाब और उसके परिसर की अंतिम सफाई चल रही थी और स्टेला हेजहोग इस की प्रभारी थी.

- सुचित्रा रामादुरई

पर्सी की समस्या

"गुलमोहर के पेड़ के पास कूड़ेदान में कूड़ा डालते समय ध्यान रखें कि कूड़ा नीचे न गिरे," उन्होंने आखिरी बार जांच करते हुए स्वयंसेवकों को याद दिलाया.

जल्द ही सामान बेचने वाले अपने टेंट और सामान के साथ आने लगे. जोजो भालू दिल के आकार के बक्से ले कर आया, जो उस ने बहती हुई लकड़ी से बनाए थे और डिप्पी हिरण स्ट्रोबेरी जैम के दिल के आकार के जार लगाने लगा. विनी वुल्फ बहुत चतुर थी और उस ने अपने हाथों से कढ़ाई वाले रूमाल बनाए थे, जो सभी दिल के आकार के थे.

"केवल एक विक्रेता गायब है. पर्सी कहां है?" स्टेला ने अपनी सूची देखने के बाद अपने सहायक मिंटू बंदर से पूछा.

"आज सुबह जब मैं उस के घर के पास से गुजरा तो मैं ने उसे जोर से खर्राटे लेते सुना,” जोजो ने अपनी दुकान से जवाब दिया.

स्टेला ने पर्सी सूअर को देखने के लिए मिंटू को भेजा.

वहां पहुंचते ही मिंटू को पर्सी के खर्राटे सुनाई देने लगे, "ड्ररर... गरर्मम्पफ... ड्ररर, " पर्सी के खर्राटे इतने तेज थे कि उस के घर की खिड़कियां और दरवाजे खड़खड़ा रहे थे. मिंटू बाहर पेड़ पर चढ़ गया और उस ने पर्सी की खिड़की से अंदर झांका. पर्सी वाकई अपने बिस्तर पर गहरी नींद में सो रहा था.

'यह असामान्य है,' मिंटू ने सोचा, 'पर्सी हमारे जंगल के सब से मेहनती सदस्यों में से एक है. उस की पाई मशहूर हैं और बहुत से लोग उन्हें खरीदने आएंगे. बेहतर होगा कि मैं उसे जगा दूं,'

मिंटू खिड़की से अंदर गया और पर्सी को हिलाने लगा.

"उठो, पर्सी, हर कोई वैलेंटाइन मेले के लिए अपनी दुकानें तैयार कर रहा है, केवल तुम्हारी ही दुका लगनी बाकी है."

लेकिन पर्सी लगातार खर्राटे लेता रहा और उस के जागने की कोई उम्मीद नहीं लग रही थी.

मिंटू रसोई में गया और रसोई के काउंटर पर दर्जनों खूबसूरत, सुनहरे भूरे रंग के दिल के आकार की पाई देख कर हैरान रह गया. उन में से एक पाई आधी खाई हुई थी और काउंटर पर एक प्लेट पर रखी हुई थी. मिंटू ने देखा कि उस में रसीला जैम भरा हुआ था और उस के मुंह में यह देख पानी भर आया. तभी स्टेला का रोबीला चेहरा उस के दिमाग में कौंध गया और उस ने खुद को संभाला. खाली गिलास उठा कर उस उस में पानी भरा और पर्सी के बेडरूम में वापस चला गया.

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