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DEEPAM

கார்த்திகை சோமவார சங்காபிஷேகம்!

உலக மக்கள், தாம் வேண்டும் நன்மைகளைப் பெற வேண்டும் என்பதற்காக கார்த்திகை மாத சோமவார சங்காபிஷேக வழிபாடு முன்னோர்களால் ஏற்படுத்தப்பட்டது. சோமன் என்பவன் விரதமிருந்து சங்காபிஷேக வழிபாடு செய்ததன் பலனாக, சிவனாரின் திருமுடியிலேயே இருக்கும் பாக்கியத்தைப் பெற்றான்.

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December 01, 2021

DEEPAM

பிரணவத்தின் பொருளுரைத்த பெருமான்!

திருவிளையாடல்களின் தலைவன் சிவபெருமான். அந்தத் திருவிளையாடல்களுக்கு பார்வதி தேவியும் விலக்கில்லை என்பதற்கு ஆதாரமாகவும் அடையாளமாகவும் திகழ்கிறது ஓமாம்புலியுர் அருள்மிகு பூங்கொடிநாயகி சமேத பிரணவபுரீஸ்வரர் திருக்கோயில்.

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December 01, 2021

DEEPAM

நேத்ரோன் மீலனம்!

பல வருடங்களுக்கு முன் காஞ்சி மகாபெரியவர் தமிழகத்தின் தென்பகுதிகளில் யாத்திரை மேற்கொண்டிருந்த சமயம். தஞ்சாவூர், திருச்சி, திருவானைக்காவல், ஸ்ரீரங்கம், திண்டுக்கல், சோழவந்தான் ஆகிய ஊர்களுக்கு விஜயம் செய்துவிட்டு, மதுரையை நோக்கித் தனது பரிவாரங்களுடன் வந்துகொண்டிருந்தார்.

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December 01, 2021

DEEPAM

மார்கழி மகோத்ஸவம்!

மார்கழி என்பதை வடமொழியில், 'மார்கசீர்ஷம்' என்பர். இதில், 'மார்கம்' என்றால் வழி என்றும், சீர்ஷம்' என்றால் தலைசிறந்தது அல்லது உயர்ந்தது என்றும் பொருள்படும். இறைவனைச் சேரும் உன்னத வழியைக் கூறும் மாதமாக மார்கழி திகழ்கிறது என்பதே இதன் பொருளாகும்.

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December 01, 2021

Rishi Prasad Hindi

मैं जिंदा हूँ तो केवल पूज्य बापूजी की वजह से !

सन् २००१ की बात है। मेरा प्लाइवुड का धंधा अच्छा चल रहा था लेकिन ज्यादा मुनाफे के लालच में मैं 'फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर' का काम करने लगा । उसमें मुझे बहुत घाटा सहना पड़ा और मेरे ऊपर डेढ़-दो करोड़ रुपये का कर्जा हो गया । पैसे समय पर न लौटाने के कारण मेरे ऊपर २२ केस हो गये । कई जगहों पर तो कोर्ट ने अरेस्ट वारंट तक निकाल दिये थे । जेल जाने की नौबत आ गयी थी। आखिर कोई रास्ता न निकलता देख परेशान होकर मैंने आत्महत्या करने का र निर्णय ले लिया।

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December 2021
Rishi Prasad Hindi

Rishi Prasad Hindi

...तो समझ लेना चाहिए कि मोह प्रबल है

मोह (अज्ञान) सारी व्याधियों का मूल है, इससे भव का शूल उत्पन्न होता है।

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December 2021

Rishi Prasad Hindi

तुलसी के एक पत्ते पर बिक गये भगवान

जहाँ अपनापन होता है वहाँ प्रीति होती है अतः भगवान को अपना मानो।

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December 2021

Rishi Prasad Hindi

भक्तों की सुनते पुकार, सर्वांतर्यामी हैं मेरे करतार !

'पूज्य बापूजी के प्रेरक जीवन-प्रसंग' गतांक से आगे

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December 2021

Rishi Prasad Hindi

बापूजी के साथ अन्याय हो रहा है, उनकी जल्द-से-जल्द रिहाई होनी चाहिए

अगर समाज में भाईचारा लाना है तो ब्रह्मवेत्ता संतों के ही प्रभाव-प्रसाद की जरूरत है।

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December 2021

Rishi Prasad Hindi

समता और लगन का महत्त्व

समता ऊँचा ब्रह्मास्त्र है। दूसरे कोर्स के बजाय समताप्राप्ति का कोर्स करो, यह सर्वश्रेष्ठ कोर्स है।

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December 2021

Rishi Prasad Hindi

सुप्रचार का एक तरीका यह भी...

जो ईमानदारी से गुरुसेवा करते हैं उनमें गुरु-तत्त्व का बल, बुद्धि, प्रसन्नता आ जाती है।

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December 2021

Rishi Prasad Hindi

अभेद दृष्टि लायें, चिंतन अनन्य बनायें

अपने को खोजोगे तो एक (परमात्मा) से दिल बँध जायेगा।

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December 2021

Rishi Prasad Hindi

क्या है मूल समस्या व उसके समाधान में 'तुलसी पूजन दिवस' का योगदान

सत्यस्वरूप परमात्मा का पता न होना और संसार सच्चा लगना - यही सबसे बड़ी भूलभुलैया है।

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December 2021

Rishi Prasad Hindi

तब हमें पता चलेगा कि उत्तरायण कितना मूल्यवान पर्व है !

दुराचार, अश्रद्धा या अहंकार ऐसा दुर्गुण है कि उससे सब योग्यताएँ नष्ट हो जाती हैं।

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December 2021
Kendra Bharati - केन्द्र  भारती

Kendra Bharati - केन्द्र भारती

विवेकानन्द केन्द्र- प्राकृतिक संसाधन विकास परियोजना

नीति आयोग ने विवेकानन्द केन्द्र नारडेप को १७ विषयगत क्षेत्रों में से एक में हस्तांतरण- के सदस्य के रूप में नामित किया।

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December 2021
Kendra Bharati - केन्द्र  भारती

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युध्यस्व विगतज्वर:

१६ महीनों से अधिक समय बीत चुका है पर अभी भी हम कोविड-१६ का सतर्कता से सामना कर रहे हैं। 'सतर्कता से सामना' हम बोल रहे हैं परन्तु वास्तव में इसने हम में से अनेकों को अपने घरों में ही रखा है। यद्यपि दूसरी लहर की उग्रता कम हुई है परन्तु कोविड-१ का अन्त अभी भी दृष्टिगोचर नहीं हो रहा है। उसके कारण उभरी हुई परिस्थिति के साथ अपनी लड़ाई तथा शारीरिक, मानसिक, भावनिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक स्तरों पर उसका सामना करना भी जारी है। परन्तु यह लड़ाई हमें लड़नी ही है। यह ऐसी लड़ाई है कि जिसमें हमें पराजित नहीं होना है। हमें इसमें जीतना ही है। अन्तिम परिणाम निश्चित हो चुका है और वह है सम्पूर्ण विजय। परन्तु यह लड़ाई मृत्यु, बीमारी अथवा असुरक्षा के भय से या वर्तमान परिस्थिति का लाभ उठाने की लालच से या फिर इस परिस्थिति को पुराने विरोधियों से प्रतिशोध लेने का अवसर समझना इस प्रकार की क्षुद्र मानसिकता से नहीं लड़ी जा सकती।

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December 2021
Kendra Bharati - केन्द्र  भारती

Kendra Bharati - केन्द्र भारती

योग शास्त्र संगमम्

योग पर एक सम्मेलन

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December 2021
Kendra Bharati - केन्द्र  भारती

Kendra Bharati - केन्द्र भारती

महामारी के दौरान विवेकानन्द केन्द्र द्वारा राहत कार्य की झलक

"अपने तन, मन एवं वाणी को "जगदिहताय" अर्पित करो। तुमने पढ़ा है - मातृदेवो भव, पितृदेवो भव- अपनी माता को ईश्वर समझो, अपने पिता को ईश्वर रामझो। परन्तु मैं कहता हूँ दरिद्रदेवो भव मूर्खदेवो भव गरीब, निरक्षर, गूर्ख और दुःखी - इन्हीं को अपना ईश्वर गानो। इनकी सेवा करना ही परम धर्म समझो।" -स्वागी विवेकानन्द

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December 2021
Kendra Bharati - केन्द्र  भारती

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स्वाधीनता से स्वतंत्रता की ओर हमारी यात्रा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. श्री मोहनजी भागवत का विजयादशमी उत्सव (शुक्रवार दि. १५ अक्टूबर, २०२१) के अवसर पर दिया गया उद्बोधन।

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November 2021
Kendra Bharati - केन्द्र  भारती

Kendra Bharati - केन्द्र भारती

परस्पर अनुशासन

प्रभाव कारण या ११. किसी ऐसे स्थान में जाएं जहां हमारा सत्कार हो, तो हमारे साथ आये हुए अतिथि या मित्र को न भूलें । उन्हें भी हमारे साथ आदर-रात्कार में सम्मिलित करें...

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November 2021
Kendra Bharati - केन्द्र  भारती

Kendra Bharati - केन्द्र भारती

धर्मान्तरण अर्थात हिंसा

१६८१ में मीनाक्षीपुरम् में जब रातोंरात धर्मान्तरण किया गया तब पूरे देश में वह एक बड़ा समाचार बन गया और चिन्ता का विषय भी। यदि विवेकानन्द केन्द्र सांस्कृतिक मूल्यों के आधार पर सेवा कार्य शुरू करे तो अनेक समाज हितैषी सहायता करने तैयार थे। केन्द्र ने यह कार्य करना निश्चित किया। जिनका जन्म इस महान संस्कृति में हुआ है ऐसे कोई भी इस ज्ञान से वंचित नहीं रहने चाहिए। यह उनका जन्मसिद्ध अधिकार है कि वे अपनी संस्कृति को जाने और उसके प्रति गर्व करे । और यह बहुत दुःखदायी होता है जब इस महान संस्कृति में जन्मे कुछ ईसाई और मुस्लिम दूसरों की देवी-देवताओं का सम्मान करनेवाले धर्मान्तरण करने लगते हैं। विवेकानन्द केन्द्र के ग्राम विकास प्रकल्प की शुरुवात वंचितों की सेवा करने तथा उनको स्वयं के प्रति एवं अपनी सांस्कृतिक परम्पराओं के प्रति आत्मविश्वासपूर्ण बनाने के लिए हुई।

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November 2021
Kendra Bharati - केन्द्र  भारती

Kendra Bharati - केन्द्र भारती

संपादकीय- आइए, हम उन मौन आहानों पर प्रतिक्रिया दें

इस वर्ष १६ नवम्बर, साधना दिवस, विवेकानन्द शिला स्मारक और विवेकानन्द केन्द्र के संस्थापक माननीय एकनाथजी की जयन्ती; 'स्वाधीनता के ७५ वर्ष' के सन्दर्भ में है। 'स्वाधीनता का ७५ वर्ष' केवल एक उत्सव नहीं है। यदि कोई हमारे भारत की रक्षा और पोषण के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करनेवाले कई बलिदानियों, संतों, सामान्य लोगों की उन मूक पुकारों को सुन सकता है, तो यह भारत के समग्र विकास के लिए निःस्वार्थ रूप से योगदान देने की साधना है।

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November 2021
Kendra Bharati - केन्द्र  भारती

Kendra Bharati - केन्द्र भारती

कथा शिवभक्त मूर्ति नयनार की

एक शिव भक्त के बारे में एक आकर्षक कहानी

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November 2021
Kendra Bharati - केन्द्र  भारती

Kendra Bharati - केन्द्र भारती

एकनाथजी का ध्येयगामी जीवन

मार्गशीर्ष शुक्ल द्वितीया विक्रम सम्बत् १६७१ दिनांक १६ नवम्बर, १८१४ गुरुवार के दिन महाराष्ट्र के अमरावती जिले में टिमटाला गांव में रानडे परिवार की आठवीं और सबसे छोटी संतान का जन्म हुआ। उसका नाम एकनाथ रखा गया और सब उसे नाथ कहकर बुलाते थे। पिता श्री रामकृष्णराव विनायक रानडे विदर्भ की ग्रेट इंडियन पेनिनसुलर रेलवे में कार्यरत थे तथा माता श्रीमती रमाबाई धार्मिक प्रवृत्ति की साधारण महिला थीं।

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November 2021
Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

माता दुर्गा के मन्दिर में जाने में श्रद्धालुओं को लगता है भय!

दुनिया में भगवान् के प्रति आस्था सदियों से चली आ रही है, परन्तु साथ ही अन्धविश्वास ने आस्था का साथ नहीं छोड़ा है। इसलिए माना जाता है कि आस्था और अन्धविश्वास का चोली-दामन का साथ है। इसलिए आज हम आपको एक ऐसे मन्दिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में लोगों में अलग-अलग मान्यताएँ हैं। कुछ लोग कहते हैं कि यह मन्दिर एक जाग्रत मन्दिर है, तो कुछ लोग इस मन्दिर को शापित मानते हैं। इसके अलावा कइयों का दावा है कि इस मन्दिर में देवी भोग के लिए बलि माँगती है, तो वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यहाँ एक महिला की आत्मा का वास है। और न जाने क्या-क्या अन्धविश्वास मन्दिर के लिए प्रचलन में हैं।

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December 2021

Jyotish Sagar

कैसे करें कारकांश कुण्डली से फलित

जन्मकुण्डली या लग्न कुण्डली में जो ग्रह सबसे अधिक अंशों का होता है, उसे 'आत्मकारक' या 'आत्माकारक' कहते हैं। इसका अर्थ होता है जातक स्वयं से संबंधित अथवा आत्मा को सन्तुष्टि देने वाला ग्रह।

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December 2021
Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

परिजन की मृत्यु पर महिलाओं की अंगुली काटने की दर्दनाक परम्परा!

अजीबो-गरीब परम्परा का निर्वाह

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December 2021
Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

धनु लग्न के अष्टम भाव में स्थित सूर्य का फल

कैसे करें सटीक फलादेश? (भाग-175)

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December 2021

Jyotish Sagar

क्या सफल कप्तान असफल प्रधानमंत्री सिद्ध होंगे?

मीडिया रिपोर्टों की मानें, तो लगभग दिवालिया होने के कगार पर पाकिस्तान को आईएमएफ से भी ऋण नहीं मिल पा रहा है। इमरान सरकार लगातार प्रयासों के पश्चात् भी पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को सुधार पाने में असफल सिद्ध हो रही है। एक ओर जहाँ महँगाई बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक वृद्धि दर एवं राजस्व में अपेक्षानुरूप वृद्धि नहीं हो पा रही है। कानून और व्यवस्था के प्रति सरकार का ढुलमुल रवैया जगजाहिर है। लगातार अन्तरराष्ट्रीय आलोचना के बावजूद पाकिस्तान आतंकवादियों की शरणस्थली बना हुआ है। विदेश नीति में इमरान सरकार पूरी तरह असफल आज पाकिस्तान अन्तराष्ट्रीय जगत् में लगभग अलग-थलग सा पड़ चुका है।

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December 2021
Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

'लिआ फेइल' यानि भाग्य का पत्थर है आयरलैण्ड के शिवलिंग!

आयरलैण्ड की तारा हिल में स्थित शिवलिंग की कहानी

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December 2021