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बदलने वाली है उत्तरकाशी के जगन्नाथ मंदिर की तस्वीर

August 2023

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DASTAKTIMES

जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से महज पांच किमी दूर साल्ड गांव में स्थित जगन्नाथ मंदिर को अब प्रसिद्धि मिल सकती है। इसके लिए उड़िया फिल्मों के अभिनेता सब्यसाची मिश्रा ने प्रयास किए हैं। सब्यसाची मिश्रा के प्रयास से केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की है।

बदलने वाली है उत्तरकाशी के जगन्नाथ मंदिर की तस्वीर

उत्तराखंड का नाम देवभूमि यूं ही नहीं पड़ा है, यहां एक ओर देश के चार धाम में सबसे बड़ा भूबैकुंठ धाम बदरीनाथ भी यहीं बसा है तो दूसरी ओर केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री जैसे धाम तो हैं ही, लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि सीमांत जनपद उत्तरकाशी में भगवान जगन्नाथ का 12वीं सदी का बना हुआ जगन्नाथ मंदिर भी है। यहां हर साल उड़ीसा से सैकड़ों श्रद्धालु भी पहुंचते हैं। हालांकि अब तक प्रचार-प्रसार की कमी और संसाधनों की कमी के चलते यहां नियमित तौर पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा करने में भी परेशानियों का सामना करन पड़ रहा था। हालांकि पिछले दिनों उड़िया फिल्मों के अभिनेता सब्यसाची मिश्रा के प्रयास के बाद अब स्थितियां बदलने की उम्मीद जगी हैं।

दरअसल, जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से महज पांच किमी दूर साल्ड गांव में स्थित जगन्नाथ मंदिर को अब प्रसिद्धि मिल सकती है। इसके लिए उड़िया फिल्मों के अभिनेता सब्यसाची मिश्रा ने प्रयास किए हैं। सब्यसाची मिश्रा के प्रयास से केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की है। उत्तरकाशी के जगन्नाथ मंदिर को लेकर केंद्रीय मंत्री, अभिनेता सब्यसाची मिश्रा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट भी किया है। इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जगन्नाथ मंदिर को एक भव्य तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित करने की बात कही है। बीते जून माह में अभिनेता सब्यसाची मिश्रा और उनकी पत्नी अभिनेत्री अर्चिता साहू उत्तरकाशी पहुंचे थे। जिला मुख्यालय के निकट साल्ड गांव में दो दिनों तक जगन्नाथ मंदिर के दर्शन किए और विधिविधान से पूजा की। सही मायने में कहें तो अभिनेता सब्यसाची मिश्रा ने उत्तराखंड के सबसे पुराने जगन्नाथ मंदिरों में से एक में नियमित पूजा की परंपरा में को पुनर्जीवित किया है, जहां पूजा और प्रसाद की पेशकश नियमित रूप से नहीं की जा रही थी। मंदिर में संसाधनों की कमी के कारण कभी-कभी मंदिर के देवताओं को कई दिनों तक बिना भोजन के रहना पड़ता था। अभिनेता ने छह महीने तक पूजा और मंदिर के खर्च की जिम्मेदारी लेने का वादा किया है।

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