Denemek ALTIN - Özgür

पौष्टिक आहार का गहराता संकट

Jansatta Lucknow

|

December 11, 2025

भारत में भोजन और पोषण का संकट दो ध्रुवों में बंटा दिखता है। ग्रामीण भारत में अब भी कुपोषण, रक्ताल्पता, कम वजन जैसे मामलों का उच्च स्तर पाया जाता है। यहां बच्चों और महिलाओं की पोषण स्थिति विशेष चिंता का विषय है। दूसरी ओर, शहरी क्षेत्र में भोजन की उपलब्धता तो है, पर उसकी गुणवत्ता की समस्या है।

- मनीष जैसल

दु निया आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां आर्थिक तरक्की और तकनीक की चमक के बीच भोजन जैसी बुनियादी जरूरत इंसान की पहुंच से दूर होती जा रही है।

संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम रपट बताती है कि दुनिया की बयालीस फीसद आबादी पौष्टिक भोजन पर खर्च नहीं कर पाती। यह केवल गरीबी का आंकड़ा नहीं, बल्कि वैश्विक नीतियों, बाजार व्यवस्थाओं और आर्थिक असमानताओं का ऐसा आईना है, जिसमें हमारी सामूहिक विफलता दिखती है। जब भोजन जैसे मानव अधिकार को भी बाजार के हवाले कर दिया जाए, तो समाज कमजोर होता है, चाहे वह कितना ही विकसित क्यों न दिखे। भारत का विकास ढांचा मजबूत दिख सकता है, पर उसकी बुनियाद में पोषण का अभाव साफ महसूस होता है।

वैश्विक स्तर पर देखें तो अफ्रीका, दक्षिण एशिया और लैटिन अमेरिका के कई देश पौष्टिक भोजन के संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सहारा के दक्षिण वाले अफ्रीकी क्षेत्र में तो हालात इतने खराब हैं कि 60 से 80 फीसद आबादी पौष्टिक भोजन का खर्च ही नहीं उठा सकती। वहीं यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और उत्तर अमेरिका जैसे क्षेत्रों में भोजन की पहुंच बेहतर है, पर वहां असंतुलित आहार, प्रसंस्कृत खाद्य और मोटापे जैसी समस्याएं स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रही हैं। भारत में भोजन और पोषण का संकट दो ध्रुवों में बंटा दिखता है। ग्रामीण भारत में अब भी कुपोषण, रक्ताल्पता, कम वजन जैसे मामलों का उच्च स्तर पाया जाता है। बच्चों और महिलाओं की पोषण स्थिति विशेष चिंता का विषय है। दूसरी ओर, शहरी भारत में खाने की उपलब्धता तो है, पर उसकी गुणवत्ता की समस्या है। समय की कमी, काम का तनाव, और तेज बाजारचालित संस्कृति ने डिब्बाबंद खाद्य, जंक फूड और मीठे पेयों को रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा बना दिया है। एक तरफ कुपोषण और दूसरी ओर अतिपोषण, दोनों मिलकर स्वास्थ्य संकट को और जटिल बनाते हैं।

Jansatta Lucknow'den DAHA FAZLA HİKAYE

Jansatta Lucknow

एफटीए वार्ता में तेजी लाएं, लंबित मुद्दों को जल्द सुलझाएं

भारत और यूरोपीय संघ के व्यापार मंत्रियों ने अधिकारियों को प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए वार्ता में तेजी लाने और लंबित मुद्दों को जल्द सुलझाने का निर्देश दिया है।

time to read

1 min

January 11, 2026

Jansatta Lucknow

बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या

बांग्लादेश में एक और हिंदू व्यक्ति की हत्या किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

time to read

1 min

January 11, 2026

Jansatta Lucknow

मलेशिया ओपन : पीवी सिंधु सेमीफाइनल में वांग से हारी

भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का शानदार सफर शनिवार को सत्र के पहले मलेशिया ओपन सुपर 1000 के महिला एकल सेमीफाइनल में चीन की वांग झियी से सीधे गेम में हार के साथ समाप्त हो गया।

time to read

1 min

January 11, 2026

Jansatta Lucknow

हर उम्र हो सकती है नई

रे टिकटिकी जी शांत हो जाइए... देखिए आप रोइए नहीं, आप रोएंगी तो हमें भी रोना आ जाएगा। अच्छा आपकी सासु मां भी आई हैं... आपको प्रणाम। टीवी के

time to read

2 mins

January 11, 2026

Jansatta Lucknow

आगरा में पकड़े गए 38 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में अवैध रूप से प्रवास कर रहे 38 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित करके उनके देश वापस भेजने के लिए शनिवार को यहां से रवाना किया गया।

time to read

1 min

January 11, 2026

Jansatta Lucknow

भाजपा सरकार ने खत्म की पर्चाफोड़ संस्कृति

जनसत्ता ब्यूरो नई दिल्ली, 10 जनवरी।

time to read

2 mins

January 11, 2026

Jansatta Lucknow

ज्ञानार्जन के साथ चेतना जरूरी

आज के दौर में किताबी ज्ञान पर ज्यादा जोर दिया जाता है।

time to read

2 mins

January 11, 2026

Jansatta Lucknow

मुक्केबाजों को आवास खाली करने को कहा गया

अधिकारियों का दावा, उनके कमरों की बुकिंग की पुष्टि नहीं हुई

time to read

1 mins

January 11, 2026

Jansatta Lucknow

भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा बीएनपी अध्यक्ष तारिक से मिले

भारत के उच्चायुक्त प्रणय कुमार वर्मा ने बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान से मुलाकात की।

time to read

1 min

January 11, 2026

Jansatta Lucknow

दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदारों से धोखाधड़ी का मामला ईडी ने 585 करोड़ के भूखंड कुर्क किए

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को कहा कि उसने घर खरीदारों से धोखाधड़ी के आरोप में दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्थित रियल एस्टेट कंपनी के खिलाफ दर्ज धनशोधन मामले में हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 580 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की सैकड़ों एकड़ जमीन कुर्क की है।

time to read

1 mins

January 11, 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size