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21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड के नाम होगा
DASTAKTIMES
|July - 2025
देवभूमि उत्तराखंड अपने आप में असीम संभावनाओं को समेटे हुए है। यहां की मेहनतकश जनता में यह सामर्थ्य है कि वह अपने प्रयासों से राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा सके। इसी जनशक्ति की कोशिशों से सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा, जिसमें राज्य विकास के नए कीर्तिमान गढ़ेगा। उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री रहते चार साल पूरे हो गए। इन चार साल की चुनौतियों, संघर्ष और उससे निबटने के लिए गए कड़े निर्णयों के बारे में एक आलेख खुद पुष्कर सिंह धामी की कलम से।
देवभूमि उत्तराखंड सदैव राष्ट्रवाद भावना से ओत-प्रोत रहा है। देश एवं हिमालय की सुरक्षा में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रोमांच का अनुभव कराती है, तो हिमालय सरीखी चुनौतियां दायित्व बोध कराती रहती हैं। प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में जब चार वर्ष का अपना कार्यकाल पूर्ण कर रहा हूं तो '21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक है', प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह संकल्पयुक्त प्रेरक उद्बोधन मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित है। 25 वां वर्ष पूरा करने की ओर बढ़ रहा उत्तराखंड अपने इसी कालखंड में जन आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को मूर्त रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका में होगा। चार वर्ष की अवधि में एक ऐसी मजबूत आधारशिला रखने का प्रयास किया गया है, जो आने वाले वर्षों में विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के सपने को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाएगी। राज्य की ज़िम्मेदारी संभालते ही सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश के युवाओं के वे सपने थे, जिन्हें बढ़ती बेरोजगारी, नकल माफिया चकनाचूर करने पर तुले थे। भर्ती परीक्षाओं में नकल ने युवाओं को इस कदर हतोत्साहित किया कि व्यवस्था पर दोबारा विश्वास बहाली आवश्यक हो गया था। मुझे खुशी है कि उत्तराखंड ने देश का सबसे सख्त नकल रोकने का कानून बनाया। भर्ती परीक्षाओं में शुचिता सुनिश्चित की गई। युवाओं से किए गए वायदे पर जब नज़र डालता हूं तो संतोष होता है कि चार वर्ष में 23 हजार से अधिक युवाओं को सिर्फ सरकारी क्षेत्रों में नियुक्ति प्रदान की गई है।
Bu hikaye DASTAKTIMES dergisinin July - 2025 baskısından alınmıştır.
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