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मिशन 2024 : भाजपा सेट कर रही जीत का फॉर्मूला
DASTAKTIMES
|November 2023
सीएम की कुर्सी छिनने के बाद पार्टी ने उन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारी दी। उन्हें लगातार दो बार पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। लेकिन, भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व 2019 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद यह बात भी समझ चुका था कि पार्टी को अगर झारखंड की सत्ता में लौटना है तो आदिवासी चेहरे के हाथ में नेतृत्व की कमान सौंपनी होगी।
भाजपा ने आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। जहां एक ओर लंबे समय से नेता विपक्ष को लेकर बने असमंजस की स्थिति पर विराम लगा दिया है। वहीं दूसरी ओर पार्टी के अंदर गुटबाजी को भी समाप्त करने की कोशिश की है। बाबूलाल को प्रदेश भाजपा की कमान सौंपे जाने के बावजूद राजनीति हलकों में कहा जा रहा था कि पार्टी में रघुवर दास और अर्जुन मुंडा जैसे कद्दावर नेताओं को साथ लेकर चलना बड़ी चुनौती होगी। बहरहाल, सबसे पहले भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने अमर बाउरी को विधायक दल का नेता चुनकर संदेश दिया कि अब वह किसी भी प्रकार के ऊहापोह की स्थिति को समाप्त करना चाहती है। इसके साथ ही भाजपा ने एक तीर से कई निशाने चल कर जातीय गणित को भी साधने की कोशिश की है।
जानकारों की मानें तो झारखंड में पिछड़ों की आबादी 55 प्रतिशत के आसपास है। वहीं 26.3 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है। इसके साथ ही करीब 11 प्रतिशत दलित (एससी) की आबादी है। इसलिए भाजपा की ओर से आबादी के हिसाब से पार्टी और सरकार में नेताओं को जगह दी जा रही है। जिस तरह से पिछड़ों की आबादी है, उसी हिसाब से चार बड़े नेताओं रघुवर दास, अन्नपूर्णा देवी, बिरंची नारायण और जयप्रकाश भाई पटेल को संगठन और सरकार में जिम्मेदारी दी गई है। वहीं दो बड़े आदिवासी चेहरे बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा को प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। दलित नेता अमर कुमार बाउरी पर पार्टी नेतृत्व ने बड़ा दाव खेला है। उन्हें विधायक दल का नेता बनाया गया है।
बता दें कि अमर कुमार बाउरी वर्तमान में झारखंड के चंदनकियारी से विधायक और भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह एक युवा और ऊर्जावान नेता हैं। पिछली रघुवर दास सरकार में वे खेल एवं युवा मामलों के मंत्री थे। अमर बाउरी 2014 में जेवीएम के टिकट पर चुनाव जीतकर झारखंड विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही दिन बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए और उन्हें मंत्री बनाया गया।
Bu hikaye DASTAKTIMES dergisinin November 2023 baskısından alınmıştır.
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