Denemek ALTIN - Özgür
बाबा तुलसी के बहाने चुनावी वैतरिणी पार करने की तैयारी
DASTAKTIMES
|February 2023
आज के राजनीतिक दौर में विपक्ष ने भाजपा को पस्त करने के लिए एक बार फिर जाति का राग छेड़ दिया है। इसके लिए सहारा लिया गया है रामचरितमानस का। उसमें भी सिर्फ एक चौपाई ‘ढोल गंवार शूद्र पशु नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी' को ही शस्त्र बनाया गया और कहा गया कि यह चौपाई पिछड़ों, शूद्रों और आधी आबादी योनि महिलाओं का अपमान करने वाली है। वहीं इसी के साथ ही एक और राग विपक्ष ने छेड़ दिया है और वह है जातिगत जनगणना का।
विपक्षी दल चाहे कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी हो, बहुजन समाज पार्टी, जनता दल यूनाइटेड हो या कोई भी हो, वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में इस स्थिति में नहीं है कि वह भारतीय जनता पार्टी को चुनावी पिच पर चुनौती दे सके। यह बात दीगर है कि कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि भाजपा ने धर्म की राजनीति कर यह मुकाम हासिल किया है तो ठीक इसके उलट सपा, बसपा, राजद, जदयू, सुभासपा आदि क्षेत्रीय दलों ने जातिगत राजनीति कर सत्ता की सीढ़ियां चढ़ीं हैं। एक समय मण्डल बनाम कमण्डल की राजनीति खासतौर पर हिन्दी पट्टी में खासी प्रभावी थी। और तो और, यहां से प्रभावित होकर देश का आधार बन गयी थी। जातिगत राजनीति को समाप्त करने के लिए ही भाजपा ने धर्म का सहारा लिया था, जिसके बाद लोगों ने जाति की सीमाओं को लांघते हुए धर्म के नाम पर एक झण्डे के नीचे आना स्वीकार किया। आज के राजनीतिक दौर में विपक्ष ने भाजपा को पस्त करने के लिए एक बार फिर जाति का राग छेड़ दिया है। इसके लिए सहारा लिया गया है रामचरित मानस का। उसमें भी सिर्फ एक चौपाई- 'ढोल गंवार शूद्र पशु नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी को ही शस्त्र बनाया गया और कहा गया कि यह चौपाई पिछड़ों, शुद्रों और आधी आबादी यानि महिलाओं का अपमान करने वाला है। वहीं इसी के साथ ही एक और राग विपक्ष ने छेड़ दिया है और वह है जातिगत जनगणना का। बिहार राज्य में तो बकायदा इसकी शुरुआत हो चुकी है, वहीं अब यूपी में समाजवादी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी इसकी पुरजोर मांग करते दिख रहे हैं। साफ है विपक्ष की सारी रणनीति धर्म की राजनीति से आम जनता का ध्यान हटाकर उसे जातियों में विभाजित कर चुनावी नैया पार कराने की है।
Bu hikaye DASTAKTIMES dergisinin February 2023 baskısından alınmıştır.
Binlerce özenle seçilmiş premium hikayeye ve 9.000'den fazla dergi ve gazeteye erişmek için Magzter GOLD'a abone olun.
Zaten abone misiniz? Oturum aç
DASTAKTIMES'den DAHA FAZLA HİKAYE
DASTAKTIMES
क्या रंग लाएगा योगी का विकास मॉडल
अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
8 mins
January 2026
DASTAKTIMES
हेमंत का मास्टर स्ट्रोक झारखंड में 'पेसा' को मंजूरी
लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार झारखंड कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली को मंजूरी दे दी है।
5 mins
January 2026
DASTAKTIMES
खिड़की जो बंद हो गई!
दीवार में एक खिड़की रहती थी। वह जागती आंखों में सपने बुनती थी।
6 mins
January 2026
DASTAKTIMES
अब तक हजारों शिकायतें निस्तारित
यह बेहद सूझबूझ वाला अभिनव कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस नए प्रयोग का मकसद शासन-प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाना है ताकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
2 mins
January 2026
DASTAKTIMES
एक सदी औरतों के नाम
इसे ऐतिहासिक घटना के रुप में क्यों न देखें हम
5 mins
January 2026
DASTAKTIMES
गांव-गांव चली धामी सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन के द्वार 'अभियान से लिखा जा रहा सुशासन का नया अध्याय
6 mins
January 2026
DASTAKTIMES
मासूम तानाशाह
किम जू ऐ की कुमसुसान समाधि स्थल की पहली सार्वजनिक यात्रा ने संकेत दिए कि वह उत्तर कोरिया की बन सकती हैं अगली उत्तराधिकारी
10 mins
January 2026
DASTAKTIMES
पर्वतीय विकास और चारधाम कनेक्टिविटी का नया अध्याय
उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपनी आध्यात्मिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।
7 mins
January 2026
DASTAKTIMES
बिहार के लिए नबीन के मायने
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की 23 दिसंबर की पहली बिहार यात्रा औपचारिक रूप से सम्मान समारोह के रूप में प्रस्तुत की गई। लेकिन राजनीतिक तौर पर यह एक सोचा-समझा कदम था जिसका मकसद उनकी सोच, संगठन की प्राथमिकताओं, नेतृत्व शैली और राजनीतिक मिज़ाज को दिखाना था। पटना हवाई अड्डे से लेकर मिलर स्कूल मैदान तक, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, हर दृश्य संतुलित था, उत्सव था, लेकिन शोर-शराबा नहीं, प्रमुखता थी, लेकिन आत्मप्रदर्शन नहीं।
2 mins
January 2026
DASTAKTIMES
राम कृपा नासहिं सब रोगा
प्रत्येक मानव के भीतर परमात्मा की अखण्ड सत्ता विद्यमान है और वही सारी शक्ति, आनन्द, ज्ञान और प्रेम का स्रोत है। भोजन से शक्ति, धन से सुख, पुस्तकों से ज्ञान और सम्बन्धियों से अपनत्व मानना ही इस सत्ता का निरादर एवं पाप है जिसका परिणाम रोग, वियोग, मलिनता और आवागमन है। श्रीमानस में दुःख को पाप का परिणाम कहा गया है।
2 mins
January 2026
Translate
Change font size
