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January 2026

यदि आप 900 लोगों के बीच बोल चुके हैं तो 1000 लोगों के बीच भी आप अपना भाषण दे सकते हैं, इसलिए एक काग़ज़ लीजिए और अपने इन डरों को उस पर उतार लीजिए जिन पर आप काबू पाना चाहते हैं।

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साहस को विकसित करने के दो तरीके हैं।

पहला तरीक़ा है...

प्रोग्रेसिव वेट ट्रेनिंग, वेट लिफ्टिंग शुरू करें। जितना आप कर सकते हैं, उतना करें लेकिन आपके लिए यह चुनौतीपूर्ण होना चाहिए। जैसे-जैसे आप इसके अभ्यस्त होते जाएं इसकी संख्या बढ़ाते जाएं, इसलिए सबसे पहले छोटे डर पर काबू पाएं फिर धीरे-धीरे बड़े डर पर नियंत्रण के लिए स्वयं को प्रशिक्षित करें। उदाहरण के लिए स्वयं को 300 पाउंड वज़न उठाने के लिए प्रशिक्षित करें। अब अगर आप पहले 290 पाउंड उठा चुके हैं तो यक़ीन मानिए यह भी कठिन नहीं होगा। इसी प्रकार यदि आप 900 लोगों के बीच बोल चुके हैं तो 1000 लोगों के बीच भी आप अपना भाषण दे सकते हैं।

अपने डर लिख डालें काग़ज़ पर

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पंचम सुर में राग बसंत

बसंत पंचमी... एक ऐसा त्योहार जो हर साल लौटकर बस मौसम नहीं बदलता, दिल के भीतर दबे बचपन को भी जगा देता है।

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मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय

एनसीईआरटी की कक्षा नवीं की पुस्तक में संकलित यह रचना बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए अवश्य पठनीय श्रेणी की है।

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साफ़-सफ़ाई, व्यवस्था और सतर्कता अच्छी आदतें हैं, पर क्या हो जब ये अनियंत्रित हो जाएं और जीवन ही मुश्किल बना दें? ऐसी स्थिति ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर कहलाती है।

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January 2026

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सीखना कभी न छोड़ें...

हमारे जीवन में अनेक अध्याय होते हैं, जो किसी स्थान से आरंभ होकर किसी बिंदु पर समाप्त हो जाते हैं। किंतु इसी मध्य एक ऐसी प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, जो कभी रुकती नहीं और वह है निरंतर सीखते रहने की प्रक्रिया।

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January 2026

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यदि आप 900 लोगों के बीच बोल चुके हैं तो 1000 लोगों के बीच भी आप अपना भाषण दे सकते हैं, इसलिए एक काग़ज़ लीजिए और अपने इन डरों को उस पर उतार लीजिए जिन पर आप काबू पाना चाहते हैं।

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January 2026

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अभी मज़ा चखाता हूं!

आख़िर लोग तुरत-फुरत आहत क्यों हो जाते हैं, क्यों हर असहमति को इज़्ज़त का सवाल बना लेते हैं, और कैसे इतिहास, परवरिश और व्यवस्था मिलकर हमारे भीतर यह 'सबक़ सिखाने' वाली कुसंस्कृति पैदा करते हैं? यह मंथन ज़रूरी है।

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January 2026

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अतिथि देवो भव...

बचपन से सुना, दोहराया, लेकिन शायद कभी ठहरकर ये नहीं सोचा कि सही मायने में अतिथि का सम्मान करना किसे कहते हैं... इसमें एक नागरिक की भूमिका कहां और कैसे आती है?

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January 2026

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जब शब्द से ज़्यादा दर्द दे चुप्पी

दांपत्य में साइलेंट ट्रीटमेंट यानी जानबूझकर बात न करना, सामने वाले को उसकी ग़लती का एहसास कराने या उसे सबक़ सिखाने का तरीक़ा समझा जाता है।

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January 2026

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अलार्म और सपनों के बीच की जंग

हर दिन की शुरुआत किसी घोषणा से नहीं, एक समझौते से होती है। सपनों की मुलायम दुनिया और ज़िम्मेदारियों की कठोर हक़ीक़त के बीच हर सुबह एक अलार्म बजता है। उस अलार्म के बाद के पांच मिनट में नींद विदा लेती है और जीवन अपनी शर्तों के साथ दस्तक देता है।

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January 2026

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हर दिन कल्याण हो

2026 कल्याणकारी वर्ष तब बनेगा जब हम हर दिन भारतीय परंपरा-प्रणीत स्वास्थ्य पथ पर चलेंगे।

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January 2026

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