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Aha Zindagi
पंचम सुर में राग बसंत
बसंत पंचमी... एक ऐसा त्योहार जो हर साल लौटकर बस मौसम नहीं बदलता, दिल के भीतर दबे बचपन को भी जगा देता है।
6 min |
January 2026
Aha Zindagi
मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय
एनसीईआरटी की कक्षा नवीं की पुस्तक में संकलित यह रचना बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए अवश्य पठनीय श्रेणी की है।
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January 2026
Aha Zindagi
जब अच्छा बन जाए बुरा...
साफ़-सफ़ाई, व्यवस्था और सतर्कता अच्छी आदतें हैं, पर क्या हो जब ये अनियंत्रित हो जाएं और जीवन ही मुश्किल बना दें? ऐसी स्थिति ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर कहलाती है।
6 min |
January 2026
Aha Zindagi
सीखना कभी न छोड़ें...
हमारे जीवन में अनेक अध्याय होते हैं, जो किसी स्थान से आरंभ होकर किसी बिंदु पर समाप्त हो जाते हैं। किंतु इसी मध्य एक ऐसी प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, जो कभी रुकती नहीं और वह है निरंतर सीखते रहने की प्रक्रिया।
2 min |
January 2026
Aha Zindagi
कूद जाओ
यदि आप 900 लोगों के बीच बोल चुके हैं तो 1000 लोगों के बीच भी आप अपना भाषण दे सकते हैं, इसलिए एक काग़ज़ लीजिए और अपने इन डरों को उस पर उतार लीजिए जिन पर आप काबू पाना चाहते हैं।
4 min |
January 2026
Aha Zindagi
अभी मज़ा चखाता हूं!
आख़िर लोग तुरत-फुरत आहत क्यों हो जाते हैं, क्यों हर असहमति को इज़्ज़त का सवाल बना लेते हैं, और कैसे इतिहास, परवरिश और व्यवस्था मिलकर हमारे भीतर यह 'सबक़ सिखाने' वाली कुसंस्कृति पैदा करते हैं? यह मंथन ज़रूरी है।
6 min |
January 2026
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अतिथि देवो भव...
बचपन से सुना, दोहराया, लेकिन शायद कभी ठहरकर ये नहीं सोचा कि सही मायने में अतिथि का सम्मान करना किसे कहते हैं... इसमें एक नागरिक की भूमिका कहां और कैसे आती है?
4 min |
January 2026
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जब शब्द से ज़्यादा दर्द दे चुप्पी
दांपत्य में साइलेंट ट्रीटमेंट यानी जानबूझकर बात न करना, सामने वाले को उसकी ग़लती का एहसास कराने या उसे सबक़ सिखाने का तरीक़ा समझा जाता है।
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January 2026
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अलार्म और सपनों के बीच की जंग
हर दिन की शुरुआत किसी घोषणा से नहीं, एक समझौते से होती है। सपनों की मुलायम दुनिया और ज़िम्मेदारियों की कठोर हक़ीक़त के बीच हर सुबह एक अलार्म बजता है। उस अलार्म के बाद के पांच मिनट में नींद विदा लेती है और जीवन अपनी शर्तों के साथ दस्तक देता है।
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January 2026
Aha Zindagi
हर दिन कल्याण हो
2026 कल्याणकारी वर्ष तब बनेगा जब हम हर दिन भारतीय परंपरा-प्रणीत स्वास्थ्य पथ पर चलेंगे।
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January 2026
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हर गायब चेहरा एक सवाल है
समाज में मानव तस्करी नामक एक ऐसा अंधरकारमय सच है, जिसमें बेहतर र्ज वन के झूठे सपनों के सहारे इंसान का शोषण किया जाता है।
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January 2026
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फ़ानी दुनिया में इरफ़ान
इरफ़ान का अर्थ होता है- विवेक, जागरूकता और समझ।
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January 2026
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कृषि यंत्र बनाने की धुन
किसान वैज्ञानिक धर्मपाल सिंह दुहूण ने कृषि को उद्योग के रूप में अपनाया और फिर खेती की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए क़रीब साठ कृषि यंत्र विकसित किए। उनकी कहानी, उन्हीं की जुबानी।
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January 2026
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नई फ़सल का पहला पकवान
धान की ख़ुशबू, ठंड की आहट और चूल्हे पर उबलता पानी, यही वह क्षण है जब पीठा जन्म लेता है।
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January 2026
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एआई की लिखाई...
कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्षमताओं को देखकर दुनिया चमत्कृत है। महीनों का काम मिनटों में कर दिखाते एआई के प्रयोग की होड़ हर क्षेत्र में है।
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January 2026
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सुखी होना आपके हाथ में है...
सुख और दुःख किसी बाहरी परिस्थिति नहीं, हमारे सोचने के तरीके का परिणाम होते हैं। जीवन में हर व्यक्ति के पास हर दिन यह विकल्प होता है कि वह किसी भी परिस्थिति में ख़ुशी चुने या स्वयं अपने दुःख का निर्माण करे। आप क्या चुनेंगे ?
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January 2026
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नाम में क्या रखा है?
अंतरराष्ट्रीय जेब्रा दिवस (31 जनवरी) ने एक विचार को जन्म दिया, आख़िर जीव-जंतुओं से जुड़े, इतने सारे दिन आए कहां से ? 365 दिनों का साल अब बेशुमार दिवसों से भरा पड़ा है, लेकिन सवाल यही है कि इन दिवसों-नामों के पीछे सिर्फ़ यूं ही चुनी गई तारीखें हैं या कोई कहानी भी।
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January 2026
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हर दाना कहता पॉप!
विश्व पॉपकॉर्न दिवस (19 जनवरी) के अवसर पर जानें 5,600 साल पुराने इस लोकप्रिय स्नैक की रोचक कहानी।
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January 2026
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युद्ध के बाद बचा हुआ सन्नाटा
जब युद्ध समाप्त होता है तो इतिहास की किताबें जीत-हार के अध्याय लिखने लगती हैं। सीमाओं के परिवर्तन, शांति समझौतों पर हस्ताक्षर और राजनीतिक घोषणाओं की चर्चा होती है। लेकिन युद्ध की असली कहानी इन पन्नों पर नहीं, उन आंखों में दर्ज होती है जो अपने माता-पिता को खो चुकी हैं। इन्हें युद्ध-अनाथ कहते हैं, वे बच्चे जिनके लिए युद्ध कभी समाप्त नहीं होता।
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January 2026
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अगर तले अद्भुत नगर
एक साथ गिने जाने वाले पूर्वोत्तर के राज्यों में से हर एक की अपनी विशिष्टता है।
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January 2026
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अगर मैं अपने लिए नहीं तो कौन?
तालमुद केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, यह मानव जीवन को सही दिशा देने वाला ज्ञानकोश है। इसमें कई ऐसे सूत्र हैं, जो नैतिकता, विवेक और व्यावहारिक बुद्धिमत्ता से भरे हैं और हमारे रोज़मर्रा के आचरण, रिश्तों और निर्णयों को नई समझ देते हैं।
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January 2026
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शांति उपास्य है
शांति को अब कामना के तौर पर नहीं, उपास्य के रूप में रखा जाना चाहिए।
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January 2026
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दो सहेलियां...
एक बालकनी, दो सहेलियां, तीन देश।
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January 2026
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मन का महोत्सव है मौन...
मौन व्रत है, मौन साधना है और यह साध्य भी है। पहले वाणी, फिर मन के मौन को प्राप्त करने से सारे उत्तर मिल जाते हैं और प्रश्न समाप्त हो जाते हैं। संन्यासी हो या गृहस्थ, मौन दोनों के लिए सर्वोत्तम है।
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January 2026
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असाधारण प्रतिभा के अतृप्त मनीषी
हिंदी साहित्य के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं जो अपने कृतित्व से समय की सीमाओं को लांघ जाते हैं। ऐसा ही एक नाम है रांगेय राघव। उन्होंने अल्पायु में ऐसा विपुल और बहुआयामी साहित्य रचा कि उसकी गूंज आज भी हिंदी संसार में सुनाई देती है। रांगेय राघव जयंती (17 जनवरी) पर यह विशेष आलेख उनकी असाधारण जीवन यात्रा को रेखांकित करता है।
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January 2026
Aha Zindagi
ओ शोगात्सु की सौगात
जापानी भी ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी को ही नववर्ष मनाते हैं, लेकिन विशुद्ध जापानी अंदाज़ में। यह उनके लिए परंपरा, परिवार और प्रेरणा का उत्सव 'ओ शोगात्सु' होता है। नए साल की इन जापानी परंपराओं से प्रेरणा लेकर हम हिंदुस्तानी भी वर्ष का शुभ-आरंभ कर सकते हैं।
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January 2026
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निवेश की दुनिया का दरवाज़ा
इसलिए, निवेश के क्षेत्र में क़दम रखने से पहले थोड़ी तैयारी और सही जानकारी हासिल करना बेहद ज़रूरी है।
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January 2026
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साथियो! ये मूल मंत्र याद रखो
युवा अवस्था जीवन का वह दौर है जब ऊर्जा, हौसला और सपनों को पाने की ललक अपने चरम पर होती है। इस ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग कर लिया जाए तो ही भलाई है, वरना समय बीत जाने पर केवल अफ़सोस होता है। ऐसे वक़्त स्वामी विवेकानंद के ये कथन युवाओं का मार्गदर्शन करते हैं।
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January 2026
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शिखर पर खड़ा मनुष्य
क्या सफलता सचमुच उतनी सुखद होती है, जितनी दिखाई देती है? यदि ऐसा है तो शिखर पर खड़े कई लोग भीतर से इतने थके और अकेले क्यों दिखते हैं? शायद इसलिए क्योंकि ऊपर पहुंचने की क़ीमत अक्सर रिश्तों, संवाद और सहजता को खोकर चुकानी पड़ती है। यह लेख उस अदृश्य क़ीमत और उससे उपजे अकेलेपन पर एक विचार है।
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January 2026
Aha Zindagi
हर ख़ामोशी संकोच नहीं होती...
कुछ लोग भीड़ में रहते हुए भी अपने अंदर की दुनिया में खोए रहते हैं। आदर्श व्यक्तित्व की परिभाषा को चुनौती देते हुए वे ज़्यादा बोलते नहीं, लेकिन सोचते बहुत हैं। ये हैं अंतर्मुखी जो ख़ामोशी में गहरे विचार पनपाते हैं और अपनी दुनिया में अपने ही तरीक़े से चमकते हैं।
5 min |