Facebook Pixel जौब जरूरी या घर के अनप्रोडक्टिव काम | Grihshobha - Hindi - womens-interest - Read this story on Magzter.com
Go Unlimited with Magzter GOLD

Go Unlimited with Magzter GOLD

Get unlimited access to 10,000+ magazines, newspapers and Premium stories for just

$149.99
 
$74.99/Year

Try GOLD - Free

जौब जरूरी या घर के अनप्रोडक्टिव काम

Grihshobha - Hindi

|

July First 2025

पुराने समय से दिमाग में यह बात बैठा दी गई थी कि पुरुषों को ऑफिस में काम करने के लिए बनाया गया है और महिलाओं को घर पर मेहनत करने के लिए. आज के समय यह कितना प्रासंगिक है...

- गरिमा पंकज

जौब जरूरी या घर के अनप्रोडक्टिव काम

चीन की एक अदालत ने कुछ समय पहले तलाक से जुड़े एक मामले में ऐतिहासिक फैसला दिया. कोर्ट ने एक व्यक्ति को निर्देश दिया कि वह 5 साल तक चली अपनी शादी के दौरान पत्नी द्वारा किए गए घरेलू काम के बदले में उसे मुआवजा दे. इस मामले में महिला को ₹5.65 लाख दिए जाने का फैसला हुआ. इस फैसले ने चीन समेत दुनियाभर में बड़ी बहस को जन्म दिया.

कुछ लोगों का मानना था कि महिला घर के काम के बदले में मुआवजे के रूप में कुछ भी लेने की हकदार नहीं है. वहीं कुछ लोगों के अनुसार जब महिला अपने कैरियर से जुड़े अवसरों को त्याग कर रोज घंटों घरेलू काम करती है तो उसे मुआवजा क्यों नहीं मिलना चाहिए.

इस से कुछ समय पहले भारत की सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले में लिखा था कि घर का काम परिवार की आर्थिक स्थिति में वास्तविक रूप से योगदान करता है और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में भी योगदान करता है.

दरअसल, चीन से ले कर भारत और पश्चिमी दुनिया के देशों में भी अदालतें बारबार महिलाओं द्वारा की गई अनपेड़ लेबर को आर्थिक उत्पादन के रूप में स्थापित करने वाले फैसले देती रही हैं. लेकिन इस के बावजूद घर के काम को जीडीपी में योगदान के रूप में नहीं देखा जाता है. यही नहीं समाज घर के काम को वह अहमियत नहीं देता है जितनी नौकरी या व्यवसाय में किए गए काम को देता है.

सवाल अहम है

ऐसे में सवाल उठता है कि महिलाएं घर के अनप्रोडक्टिव काम छोड़ कर नौकरी या व्यवसाय क्यों न शुरू करें ? जब उन के पास स्किल है, काबिलीयत है तो वे क्यों न ऐसे काम करें जिन में वे अपनी स्किल दिखा कर अच्छी कमाई कर आत्मनिर्भर बन सकें? घर के कामों में पूरे दिन समय बरबाद कर के जब उन्हें कुछ हासिल नहीं हो रहा तो वे इन कामों को हाउस हैल्प के द्वारा करा कर अपने समय का सदुपयोग कर सकती हैं, पैसे कमा सकती हैं और अपनी कमाई के कुछ रुपए हाउस हैल्प को दे कर अपने काम का बोझ हलका कर सकती हैं.

उधर जिन कामों के लिए उन्हें सैलरी नहीं मिल रही थी वही काम जब हाउस हैल्प यानी कामवाली करती है तो उसे भी कमाई का अवसर मिलता है. यानी वही काम एक स्त्री अपने घर पर करे तो वह प्रोडक्टिव काम नहीं जबकि कामवाली करे तो वह प्रोडक्टिव हो जाता है.

घरेलू काम की अहमियत नहीं

MORE STORIES FROM Grihshobha - Hindi

Grihshobha - Hindi

Grihshobha - Hindi

अपनी यादों को ऐसे रखें सुरक्षित

नए डिजिटल तरीके अपना कर आप अपने फोटोज को ताउम्र सुरक्षित रख सकते हैं, कुछ इस तरह...

time to read

5 mins

March Second 2026

Grihshobha - Hindi

Grihshobha - Hindi

अंबिका अग्रवाल

डिजिटल कंटेंट क्रिएटर पेरेंटिंग

time to read

2 mins

March Second 2026

Grihshobha - Hindi

Grihshobha - Hindi

नीना गुप्ता

“अपने अभिनय, कला और निर्देशन द्वारा महिलाओं की कहानियां, उनकी दुनिया के सामने रखती हैं”

time to read

1 min

March Second 2026

Grihshobha - Hindi

Grihshobha - Hindi

पायल कपाड़िया

\" पायल भारत में आधारहीन उपेक्षित कहानियों को उजागर करने वाली और मुख्यधारा की धारणाओं को चुनौती देने वाली एक नई आवाज के रूप में उभरी हैं\"

time to read

1 min

March Second 2026

Grihshobha - Hindi

Grihshobha - Hindi

ऐसे निभाएं ओवर पजैसिव सासूमां से

सासूमां के नैगेटिव स्वभाव की वजह से वह दिन दिन चिड़चिड़ी होती जा रही है, तो उन्हें हैंडल करने के कारगर टिप्स जानिए ....

time to read

4 mins

March Second 2026

Grihshobha - Hindi

Grihshobha - Hindi

सपनों की नगरी मुंबई में गृहशोभा इंस्पायर अवार्ड्स 2026 से सम्मानित हुई खास महिलाएं

गृहशोभा इंस्पायर अवार्ड में बुलंद सोच रखने वाली ऐसी महिला शख्सियतों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने समाज को एक नया रास्ता दिखाया, महिलाओं के हक के लिए आवाज उठाई या फिर अपने काम से विश्व परिदृश्य में भारत का परचम लहराया, ऐसी साहसी और आत्मविश्वास से भरी महिलाएं जिन्होंने अपने सामने आने वाली सभी मुश्किलों को पार कर एक नई राह बनाई.

time to read

2 mins

March Second 2026

Grihshobha - Hindi

Grihshobha - Hindi

बोल्ड लुक के लिए लिप कलर

परफैक्ट लुक के लिए कैसा हो लिप कलर...

time to read

2 mins

March Second 2026

Grihshobha - Hindi

वी बोथ मिस्ड द ट्रेन

मेरी एक गलती के कारण 2 प्यार करने वाले सदा के लिए दूर हो गए और फूल की रखवाली कांटे के हिस्से आ गई...

time to read

8 mins

March Second 2026

Grihshobha - Hindi

Grihshobha - Hindi

सुप्रिया पाठक इंपावरमेंट थ्रू इंटरटेनमेंट अवार्ड

\"मैं चाहती हूं कि फिल्म मेकर दर्शकों को ब्लेम न करें बल्कि अलगअलग पौजिटिव चीजें दे कर तो देखें, हो सकता है चल जाएं\"

time to read

5 mins

March Second 2026

Grihshobha - Hindi

Grihshobha - Hindi

स्ट्रैटजी प्लानिंग सीख कर प्रोफैशनल जर्नी को आगे बढ़ाने का रास्ता बता रही हैं सौम्या...

सौम्या मोहंती 28 सालों से मार्केटिंग रिसर्च में है, जहां वे उपभोक्ताओं को समझ, उन की आवाज प्लान और स्ट्रैटजी के रूप में सामने रखती है. आज गृहशोभा उन के इंटरव्यू के जरीए स्कूल से कालेज की ओर बढ़ते स्टूडेंट्स के लिए कुछ एडवाइस और गाइडेंस ले कर आई है.

time to read

4 mins

March Second 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size