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धनाढ्यों के अध्ययनों ने उजागर किये विस्मयकारी तथ्य
Rishi Prasad Hindi
|May 2025
प्रायः लोग समझते हैं कि जिसके पास अधिक धन है वह ज्यादा सुखी है। धन का उपयोग करके वस्तुएँ तो खरीदी जा सकती हैं लेकिन क्या धन में सुख-शांति व प्रसन्नता देने का सामर्थ्य है ?
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कुछ समय पूर्व हुए एक मनोचिकित्सीय अध्ययन में उल्लेख किया गया कि 'अत्यधिक धनी लोग अधिकतर समय अलगाव, अवसाद (depression), स्वयं को असुरक्षित अनुभव करना आदि मानसिक विकारों से जूझते हैं।' एक शोध के अनुसार 'आम लोगों की अपेक्षा बड़ी-बड़ी कम्पनियों के मालिकों के अवसादग्रस्त होने की दर दुगने से अधिक हो सकती है।'
पूज्य बापूजी के सत्संग-वचनामृत में आता है : "अमेरिका के ऐसे आठ व्यक्तियों की सूची बनायी गयी जो पूरी दुनिया में सबसे अधिक धनाढ्य थे, करोड़पति नहीं अरबपति-खरबपति थे। २५ साल के बाद उनकी क्या स्थिति है इसकी जाँच हुई। जाँच कमेटी ने बताया :
(१) दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्टील कम्पनी का मालिक अमेरिका का चार्ल्स श्वाब कंगाल होकर मर गया।
This story is from the May 2025 edition of Rishi Prasad Hindi.
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