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भगवान कपिल के उपदेश की ज्ञान-गंगा
Rishi Prasad Hindi
|March 2025
महर्षि कपिल के जिस उपदेश को आत्मसात् कर माता देवहूति जीवन्मुक्त हो गयीं उसका रसपान करते हैं पूज्य बापूजी के सत्संग से : “माता देवहूति और कर्दम ऋषि के यहाँ देवाधिदेव भगवान विष्णु का भगवान कपिल के रूप में अवतरण हुआ। कर्दम ऋषि उनकी आज्ञा लेकर मोक्षपद की प्राप्ति हेतु वन को चले गये।
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थोड़ा समय बीता। एक दिन माता देवहूति ने कपिलजी से कहा : "प्रभो ! मैंने अपने जीवन का बहुत सारा समय संसार के प्रपंच में गँवा दिया। अब मुझे आप उपदेश दीजिये ताकि मैं मुक्ति का प्रसाद पा लूँ।'"
This story is from the March 2025 edition of Rishi Prasad Hindi.
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