Facebook Pixel समर्थ साँईं लीलाशाहजी की अद्भुत लीला | Rishi Prasad Hindi - religious-spiritual - Read this story on Magzter.com
Go Unlimited with Magzter GOLD

Go Unlimited with Magzter GOLD

Get unlimited access to 10,000+ magazines, newspapers and Premium stories for just

$149.99
$74.99/Year

Try GOLD - Free

समर्थ साँईं लीलाशाहजी की अद्भुत लीला

Rishi Prasad Hindi

|

October 2024

साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज के महानिर्वाण दिवस पर विशेष

समर्थ साँईं लीलाशाहजी की अद्भुत लीला

१० नवम्बर को पूज्य बापूजी के सद्गुरु ब्रह्मलीन भगवत्पाद साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज का महानिर्वाण दिवस है। सम्पूर्ण जीवन लोकहित हेतु समर्पित करनेवाले तथा जन-जन तक ब्रह्मज्ञान का अमृत-प्रसाद पहुँचानेवाले इन महान संत की स्मृति में इस दिन जगह-जगह विभिन्न कार्यक्रम किये जाते हैं। भक्तगण महाराजश्री के मधुर जीवन-प्रसंगों व दैवी सद्गुणों का संस्मरण कर अपना हृदय पावन करते हैं। अहमदाबाद आश्रम में हर वर्ष विशेष कार्यक्रम किया जाता है तथा कीर्तन यात्रा भी निकाली जाती है।

साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज के कृपापात्र सत्शिष्य संत श्री आशारामजी बापू की अमृतवाणी से उनकी कुछ मधुर यादें :

... और लड़का जिंदा हो गया

पंचमहाभूतों में परमात्मा व्यापे हुए हैं । अग्निदेव, जलदेव, वायुदेव, आकाशदेव और पृथ्वी देवी – इनमें से परमात्मा कभी कोई भी लीला करके उभर सकते हैं। कुत्ते के द्वारा, हंस के द्वारा भी भगवान मानुषी भाषा बुलवा लेते हैं। अरे, किसी संत-महापुरुष के संकल्प के द्वारा मुर्दे को भी जिंदा करवा देते हैं !

मेरे गुरुदेव जिस इलाके में रहते थे वहाँ किसी माई का बेटा मर गया। माई ने देखा कि एकांत में समर्थ योगी रहते हैं तो वहाँ की पगडंडी पर अपने मृत बेटे को रख दिया। गुरुजी घूमने जा रहे थे। देखा कि बच्चा पड़ा है, बोले : "बेटा ! कौन हो? कैसे हो?”

देखा कि यह तो ऐसे ही सोया है। जरा मार दी लात : " अरे उठ !”

और वह बच्चा रोने लगा। माई छुप के देख रही थी, उसने जाकर पैर पकड़े।

गुरुदेव बोले : "माई ! मेरे को क्या पता था कि तू ऐसा करेगी, करामात का खर्च करायेगी तू अच्छा जा, चुप रहना, किसीको बोलना नहीं।"

MORE STORIES FROM Rishi Prasad Hindi

Rishi Prasad Hindi

सांस्कृतिक सम्पत्ति-विनाशक विकास-कार्यों से सांस्कृतिक सम्पत्ति की सुरक्षा होनी चाहिए : यूनेस्को

योगी अरविंदजी कहते थे : ''जब यह कहा जाता है कि भारत विस्तार करेगा और अपने को व्यापक बनायेगा तब उसका अर्थ यह है कि सनातन धर्म स्वयं का विश्व में विस्तार और फैलाव करेगा।

time to read

3 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

अद्भुत है भगवत्कथा-सत्संग की महिमा

कथा त्रिवेणी संगम... ... नेणे वर्णं या सुखां ॥

time to read

1 min

April 2026

Rishi Prasad Hindi

इसमें हानि-लाभ किसका ?

यह संक्षिप्त जीवन-चरित्र है उनका जिन्हें विश्व संत श्री आशारामजी बापू के नाम से जानता है ।

time to read

2 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

इन ६ गलतियों से बचेंगे तो स्वास्थ्य में लगेंगे ४ चाँद व छक्के

भोजन के बाद पेट का भारी होना, अफरा (गैस), अम्लपित्त (हाइपर एसिडिटी), पाचन ठीक से न होना आदि समस्याओं से यदि आप परेशान हैं तो हो सकता है आप भी ये गलतियाँ कर रहे हों जो अधिकांश लोग अनजाने में करते हैं।

time to read

2 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

अद्वितीय वैश्विक क्रांति का जन्म

संतत्व को पाये हुए अपने शिष्य को साँईं लीलाशाहजी ने डीसा में एक कुटीर में रहने की आज्ञा दी ।

time to read

1 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

महान लक्ष्य और हिमालय-सी अडिगता

इन बालक का भगवद्भक्ति की और गहरा झुकाव था। खेलने-कूदने की उम्र में ये घंटों तक ईश्वर के ध्यान, चिंतन में तल्लीन हो जाते ।

time to read

2 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

Rishi Prasad Hindi

अर्धांगिनी की धर्मशक्ति

जो स्वार्थरहित सेवा करते हैं, भगवान और समाज के बीच सेतु बनते हैं वे कर्मयोगी हो जाते हैं ।

time to read

3 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

Rishi Prasad Hindi

किया हुआ सत्संग व्यर्थ नहीं जाता

एक शिष्य रहता था गुरुजी के पास।

time to read

1 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

विलक्षण दूरदर्शिता

आज राष्ट्रीय या वैश्विक स्तर पर ऐसी कई समस्याएँ हैं जिनको बड़ी चुनौती समझा जा रहा है अथवा कुछ ऐसी हैं कि गम्भीर होते हुए भी जिनका संज्ञान ही नहीं लिया जा रहा है, उनका प्रायोगिक एवं सशक्त समाधान इन संत ने वर्षों पूर्व ही दे दिया था।

time to read

4 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

१००० मेहमानों को दिलायी ऋषि प्रसाद की पंचवार्षिक सदस्यता

उपहार में दिया दिव्य ज्ञान

time to read

1 min

April 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size